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झबरेड़ा

 

  • राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल का तीखा हमला- “बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना कब तक बनोगे?”, प्रतिमा के स्वरूप और बजट पर भी उठे गंभीर सवाल; RTI और आंदोलन की आहट।

संपादक नवीन कुमार (दैनिक ग्रामीण तहकीकात अखबार)

झबरेड़ा। झबरेड़ा इकबालपुर रोड़ पर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक के लोकार्पण समारोह ने क्षेत्र में एक नए राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है, जहाँ क्षेत्रीय विधायक वीरेंद्र जाति को न केवल विपक्ष बल्कि ‘अपनों’ की बेरुखी और सार्वजनिक आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। लोकार्पण पट्टिका पर अंकित मुख्यमंत्री की घोषणा के श्रेय को लेकर मचे घमासान के बीच, नगर पंचायत झबरेड़ा की अनुपस्थिति ने इस कार्यक्रम पर ‘प्रशासनिक बहिष्कार’ की मुहर लगा दी है। ज्ञात हो कि इस चौक का निर्माण निकाय के लगभग 12.50 लाख रुपये के बजट से हुआ है, बावजूद इसके नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण चौधरी और निकाय कर्मचारियों की गैर-मौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. गौरव चौधरी की अनुपस्थिति ने संगठन के भीतर की गुटबाजी को भी उजागर कर दिया है। सबसे गंभीर सवाल प्रतिमा के स्वरूप और ऊंचाई को लेकर उठ रहे हैं, जिसे लेकर बहुजन समाज के नेताओं ने विधायक पर ‘उपेक्षा’ के आरोप जड़े हैं। वहीं आजाद समाज पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह ने इसे बाबा साहेब का अपमान करार देते हुए कहा कि “प्रतिमा का कद इतना छोटा रखना कि वह पास खड़े व्यक्ति के कद से भी कम लगे, समाज की भावनाओं से खिलवाड़ है। हम आरटीआई के माध्यम से 12.50 लाख के बजट का हिसाब मांगेंगे और यदि सुधार नहीं हुआ तो समाज स्वयं के व्यय पर आदमकद प्रतिमा स्थापित करेगा।” भीम आर्मी के प्रदेश महासचिव सुशील पाटिल ने भी तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि हाईवे जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर प्रतिमा का रेलिंग से भी नीचे होना कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर संदेह पैदा करता है, जिसके विरुद्ध बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। दूसरी ओर, आरोपों के घेरे में आए विधायक वीरेंद्र जाति ने इन सवालों को ‘डिजाइन और इंजीनियरिंग’ का तकनीकी मामला बताते हुए जांच की बात कही है, हालांकि प्रतिमा के स्वरूप पर वे कोई ठोस स्पष्टीकरण नहीं दे पाए। इस बीच, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल ने विधायक को आड़े हाथों लिया और दो-टूक शब्दों में कहा कि “बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना कब तक बनोगे? यदि समाज की इतनी ही फिक्र है, तो विधायक निधि के 5 करोड़ से अन्य गांवों में भी प्रतिमाएं लगवाएं।” कर्णवाल ने स्पष्ट किया कि यह चौक उनके प्रस्ताव पर 2021-22 में मुख्यमंत्री की घोषणा का परिणाम है, जिसका श्रेय लेने की विधायक की कोशिश ‘हास्यास्पद’ है। प्रतिमा के स्वरूप ने इस आग में घी का काम किया है; कुल मिलाकर, यह ‘अधूरा’ लोकार्पण विधायक के लिए न केवल राजनीतिक चुनौती बन गया है, बल्कि बहुजन समाज के बढ़ते असंतोष ने उनकी भविष्य की राह को भी संघर्षपूर्ण बना दिया है।

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

झबरेड़ा। उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय द्वारा नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत झबरेड़ा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के कड़े निर्देशों के अनुपालन में प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने मंगलवार को ग्राम कोटवाल के समीप घेराबंदी कर स्मैक तस्करी के धंधे में संलिप्त अब्दुल कादिर पुत्र अमीर आलम, निवासी लाठरदेवा शेख को गिरफ्तार किया। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से 29.20 ग्राम अवैध स्मैक, नशे को तोलने में प्रयुक्त होने वाला इलेक्ट्रॉनिक तराजू और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल (UK17X6847) बरामद की है। 26 वर्षीय आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की संगीन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस टीम ने आवश्यक विधिक औपचारिकताएं पूरी कर अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्यवाही सुनिश्चित की है। इस प्रभावी कार्यवाही से क्षेत्र के नशा तस्करों में हड़कंप व्याप्त है।

 

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

झबरेड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशन में वांछित अपराधियों और वारंटियों की धरपकड़ हेतु चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत झबरेड़ा पुलिस ने प्रभावी कार्यवाही करते हुए एक वारंटी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। बुधवार को थाना झबरेड़ा पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना और सटीक घेराबंदी के आधार पर ग्राम पावटी मानकपुर में दबिश देकर सवर सिंह पुत्र जयपाल को उसके मस्कन (निवास स्थान) से हिरासत में लिया, जिसके विरुद्ध माननीय न्यायालय द्वारा लंबे समय से वारंट जारी किया गया था। उपनिरीक्षक जय सिंह राणा और होमगार्ड अंकित कुमार की टीम ने आरोपित को गिरफ्तार कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही पूरी की है, जिसे अब माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस की इस सक्रियता से क्षेत्र में कानूनी प्रक्रिया से बच रहे अपराधियों में हड़कंप व्याप्त है।

झबरेड़ा। उत्तराखंड में आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजने में भले ही अभी वक्त हो, लेकिन झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र में सियासी पारा अभी से चढ़ने लगा है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपनी चुनावी बिसात बिछाकर विरोधियों के खेमे में खलबली मचा दी है। इसी क्रम में बसपा के उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी आदेश कुमार ने अपनी पूरी टीम के साथ क्षेत्र के दर्जनों गांवों का तूफानी दौरा कर जनसंपर्क अभियान चलाया।

ग्राम भागतोवली पहुँचने पर उमड़े भारी जनसैलाब ने यह साफ कर दिया कि झबरेड़ा की जनता बदलाव के मूड में है। ग्रामीणों के बीच हुंकार भरते हुए प्रदेश प्रभारी आदेश कुमार ने दो टूक शब्दों में कहा कि वर्तमान सरकारों की जनविरोधी नीतियों ने गरीब, किसान और मजदूर की कमर तोड़ दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बहुजन समाज पार्टी सदैव “सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय” के सिद्धांत पर चलकर दबे-कुचले और असहाय लोगों के मान-सम्मान की लड़ाई लड़ती आई है।

आदेश कुमार ने दावा किया कि बहन कुमारी मायावती जी के शासनकाल की कानून-व्यवस्था और विकास को आज भी उत्तराखंड की जनता याद कर रही है। उन्होंने ऐलान किया कि 2027 में झबरेड़ा की धरती से हाथी की ऐसी दहाड़ गूँजेगी कि देहरादून की सत्ता के समीकरण बदल जाएंगे। जनसंवाद में हिस्सा लेते हुए एडवोकेट गुलाब सिंह, सोनू और राजेश कुमार ने क्षेत्र की उपेक्षा पर मुखरता जताई, वहीं धनपाल, जगपाल सिंह और श्यामकुमार ने सामूहिक स्वर में ऐलान किया कि भागतोवली का बच्चा-बच्चा इस बार बसपा की नीतियों में विश्वास जताते हुए नीले झंडे के नीचे लामबंद है।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

 

झबरेड़ा। अपनों से खफा होकर घर की दहलीज लांघने वाली दो युवतियों को झबरेड़ा पुलिस ने अपनी कार्यकुशलता और तेजतर्रार नेटवर्क के दम पर महज 24 घंटे के भीतर पंजाब के जालंधर से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से दो परिवारों ने राहत की सांस ली है।

बीती 31 मार्च को झबरेड़ा निवासी एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता होने की सूचना दी थी, जिसमें पड़ोस की एक अन्य लड़की के भी साथ होने की बात सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के सख्त निर्देशों के अनुपालन में झबरेड़ा पुलिस ने तकनीकी सुरागों के आधार पर तत्काल जांच शुरू की और पंजाब की ओर रुख किया।

कोतवाली झबरेड़ा एसएचओ विजय सिंह और विवेचक रविन्द्र सिंह की टीम ने सटीक घेराबंदी करते हुए दोनों किशोरियों को जालंधर स्टेशन पर ट्रेन से उतरते ही अपनी सुरक्षा में ले लिया। पूछताछ में किशोरियों ने घर से नाराजगी के चलते किसी परिचित के पास जाने की बात कबूल की है। इस सफल रेस्क्यू टीम में अपर उपनिरीक्षक गिरीश सिंह और कांस्टेबल रणवीर सिंह भी शामिल रहे। झबरेड़ा पुलिस की इस सफलता ने क्षेत्र में खाकी की साख को और अधिक पुख्ता कर दिया है।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

झबरेड़ा। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट के बीच झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। यहाँ आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘ईद मिलन समारोह एवं भाईचारा सम्मेलन’ ने विपक्षी दलों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। भारी जनसैलाब के बीच मुख्य अतिथि और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एडवोकेट रविंद्र भाटी ने एकता और आपसी सौहार्द को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताया।

मंच से सत्ताधारी भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए भाटी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता अब इन दोनों दलों के “एक ही सिक्के के दो पहलू” वाले खेल को समझ चुकी है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब आजाद समाज पार्टी के रूप में एक मजबूत और ईमानदार विकल्प की ओर देख रही है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह द्वारा संयोजित इस कार्यक्रम में नगीना लोकसभा के ‘जीत के फॉर्मूले’ की गूँज सुनाई दी, जहाँ वक्ताओं ने दलित, पिछड़ा और मुस्लिम समाज के अटूट गठबंधन को 2027 की सत्ता परिवर्तन का मुख्य आधार बताया।

कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए भीम आर्मी के प्रदेश महासचिव सुशील पाटिल ने स्पष्ट किया कि झबरेड़ा की सड़कों पर उमड़ा यह उत्साह व्यवस्था परिवर्तन की क्रांति का संकेत है। उन्होंने कहा कि शोषित और वंचित समाज अब हवाई वादों के झांसे में आने वाला नहीं है। कार्यक्रम के दौरान विपक्षी दलों की नीतियों से असंतुष्ट दर्जनों कार्यकर्ताओं ने आज़ाद समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, जिससे पार्टी की स्थानीय इकाई को बड़ी मजबूती मिली है। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, क्षेत्रीय नेता और हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

 

झबरेड़ा। एसएसपी हरिद्वार के निर्देशन में अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत झबरेड़ा थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने लंबे समय से माननीय न्यायालय से वांछित चल रहे वारंटी सैय्याद पुत्र मजीद निवासी मोहल्ला गढ़ीबहार, कस्बा झबरेड़ा को उसके मस्कन से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। उपनिरीक्षक रविंद्र सिंह और कांस्टेबल अनिल कुमार की टीम द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई के बाद आरोपी को वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। इस कार्रवाई के साथ ही झबरेड़ा पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि कानून की नजरों से बचकर भाग रहे अपराधियों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है; या तो वे खुद को कानून के हवाले कर दें, वरना पुलिस की गिरफ्त से वे ज्यादा दिन दूर नहीं रह पाएंगे—अपराध और लापरवाही पर पुलिस का प्रहार जारी रहेगा।

 

झबरेड़ा/हरिद्वार। थाना झबरेड़ा पुलिस ने क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।

📍 जमीन के बंटवारे को लेकर था विवाद

जानकारी के अनुसार, ग्राम भगतोवाली निवासी दिनेश कुमार पुत्र स्व. शेर सिंह का अपनी सगी भाभी के साथ जमीन के बंटवारे और मकान निर्माण कार्य को रुकवाने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी मौके पर भारी हंगामा और गाली-गलौज करते हुए आमदा-फसाद पर उतारू हो गया।

⚖️ पुलिस ने धारा 170 BNSS में किया चालान

सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची पुलिस टीम ने आरोपी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी लगातार शांति व्यवस्था भंग करने पर अड़ा रहा। इसके बाद अतिरिक्त उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह और कांस्टेबल मुकेश तोमर ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 170 BNSS के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई अमल में लाई है।

पुलिस टीम:

  • अपर उपनिरीक्षक: राजेंद्र सिंह
  • कांस्टेबल: मुकेश तोमर

🚫 शांति भंग करने वालों को सख्त चेतावनी

थाना पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आपसी विवादों के नाम पर सार्वजनिक शांति में खलल डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि विवादों को कानूनी तरीके से सुलझाएं, कानून हाथ में लेने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सेवइयों की मिठास और गले मिलकर दूर हुई दूरियां

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात

हरिद्वार/नई दिल्ली। एक महीने के मुकद्दस रमजान और कठिन इबादत के बाद आज पूरे देश में ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे अकीदत और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह की पहली किरण के साथ ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों का सैलाब उमड़ पड़ा। हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर राजधानी दिल्ली की जामा मस्जिद तक, हर तरफ ‘ईद मुबारक’ की गूंज और आपसी भाईचारे का अद्भुत नजारा देखने को मिला।

नमाज के बाद मुल्क की खुशहाली के लिए उठे हाथ

आज सुबह ईदगाहों में हजारों की संख्या में मुस्लिम भाइयों ने सफों में खड़े होकर एक साथ नमाज अदा की। नमाज के बाद इमाम साहब ने मुल्क में अमन, चैन, शांति और तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी। नमाज संपन्न होते ही लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। बच्चों में ‘ईदी’ को लेकर विशेष उत्साह देखा गया, वहीं मेलों में खिलौनों और झूलों का आनंद लेने के लिए भारी भीड़ जुटी।

गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल: नवरात्रि और ईद एक साथ

इस बार की ईद बेहद खास है क्योंकि एक तरफ चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है और दूसरी तरफ ईद की खुशियां मनाई जा रही हैं। हरिद्वार, रुड़की और झबरेड़ा क्षेत्र में यह नजारा हमारी साझा संस्कृति (गंगा-जमुनी तहजीब) का प्रतीक बना। हिंदू भाइयों ने ईदगाहों के बाहर पहुंचकर मुस्लिम भाइयों का स्वागत किया और गले मिलकर उन्हें बधाई दी। यह दृश्य बताता है कि भारत की एकता ही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है।

सेवइयों की मिठास और दावतों का दौर

ईद के मौके पर घरों में सुबह से ही विशेष पकवान और ‘शीर-खुरमा’ (सेवइयां) बनाने का दौर जारी है। मेहमानों का स्वागत मिठास के साथ किया जा रहा है। मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि यह त्योहार हमें सिखाता है कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है और आपसी प्रेम ही समाज की सबसे बड़ी पूंजी है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

त्योहार के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा। ड्रोन कैमरों से भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की गई। प्रशासन ने शांतिपूर्ण तरीके से नमाज संपन्न होने पर सभी को धन्यवाद दिया और बधाई दी।

 

हरिद्वार। “या देवी सर्वभूतेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता…” के जयघोष के साथ आज चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन श्रद्धा का सैलाब उमड़ रहा है। आज का दिन आदि-शक्ति के ‘माँ चंद्रघंटा’ स्वरूप को समर्पित है। देवी का यह रूप जितना सौम्य और शांत है, उतना ही शत्रुओं के लिए संहारक भी। इनके माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, जो शीतलता और शांति का प्रतीक है।

देवी का स्वरूप: शांति और वीरता का अद्भुत संगम

माँ चंद्रघंटा का स्वरूप अलौकिक है। स्वर्ण जैसी चमक वाली देवी दस भुजाओं वाली हैं। उनके हाथों में त्रिशूल, गदा, तलवार और धनुष-बाण हैं, जो अधर्म के विनाश का संकेत देते हैं। उनका वाहन सिंह है, जो साहस का प्रतीक है। देवी की आराधना करने से साधक के भीतर छिपे हुए भय का नाश होता है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

आज के दिन का विशेष महत्व (21 मार्च 2026)

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जो भक्त आज के दिन मणिपुर चक्र पर ध्यान केंद्रित करते हैं, उन्हें सिद्धियां प्राप्त होती हैं। माँ चंद्रघंटा की पूजा से न केवल आध्यात्मिक बल मिलता है, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व में एक विशेष आकर्षण और विनम्रता का समावेश होता है।

पूजा की सरल विधि और आज का ‘महा-उपाय’

  • शुभ रंग: आज के दिन ग्रे (स्लेटी) या चमकीले रंगों का प्रयोग करना फलदायी होता है।
  • महा-भोग: माँ को दूध की खीर या केसरिया पेड़ा अर्पित करें। इससे मानसिक तनाव दूर होता है और घर में सुख-शांति आती है।
  • दान का महत्व: आज के दिन ब्राह्मणों या कन्याओं को शक्कर या दूध का दान करना विशेष पुण्यकारी माना जाता है।

मंत्र जो बदल देगा आपकी किस्मत

आज पूजा के समय इस प्रभावशाली मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना चाहिए:

ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः

माँ का संदेश: निर्भय बनें और धर्म का मार्ग चुनें

प्रधानाध्यापक और विद्वानों का मानना है कि माँ चंद्रघंटा का घंटा असुरों के हृदय को कपाने वाला है। इसका अर्थ यह है कि समाज में व्याप्त बुराइयों और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए हमें जागरूक और साहसी होना चाहिए। माँ की कृपा उन पर सदैव रहती है जो दूसरों के प्रति दयालु और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हैं।