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हरिद्वार

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

हरिद्वार। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के नेतृत्व में जनपद हरिद्वार में अपराधियों और अराजक तत्वों के विरुद्ध छेड़ा गया ‘ऑपरेशन प्रहार’ अभियान माफियाओं और कानून तोड़ने वालों के लिए काल साबित हो रहा है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर 3 अप्रैल से शुरू हुए इस महाभियान की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने अब तक रिकॉर्ड कार्रवाई करते हुए 137 इनामी, वांछित और वारंटियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है, जबकि शांति भंग करने वाले 258 गुंडा तत्वों पर नकेल कसी गई है। एसएसपी के सख्त रुख का असर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी दिख रहा है, जहाँ व्यापक चेकिंग के दौरान मानकों की अनदेखी करने वाले 47 अवैध होटलों व पबों को पूरी तरह बंद करा दिया गया और 11 होटल स्वामियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की गई। अभियान के तहत अब तक 2230 लोगों का सत्यापन और 606 लोगों पर पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा चुकी है। एसएसपी नवनीत सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि तीर्थनगरी की मर्यादा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा; यह अभियान भविष्य में और भी अधिक आक्रामक रूप से जारी रहेगा।

 

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हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और नगर आयुक्त नंदन कुमार के निर्देश पर नगर निगम हरिद्वार ने आज शहर को जाम और अवैध कब्जों से मुक्ति दिलाने के लिए बड़ा अभियान चलाया। दो पालियों में हुई इस कार्रवाई के दौरान सुबह सिंह द्वार से शंकर आश्रम तक सड़क घेरे खड़ी 5 अवैध ठेलियों को मौके पर ही नष्ट किया गया और 6 को जब्त कर लिया गया, साथ ही दुकानदारों को नाली से बाहर सामान न रखने की सख्त चेतावनी दी गई। दोपहर बाद ब्रह्मपुरी क्षेत्र और सरकारी महिला अस्पताल के आसपास निगम की टीम ने जेसीबी के साथ धमक दी, जहाँ नालियों और सार्वजनिक मार्गों पर किए गए 20 से अधिक अवैध निर्माणों को ढहा दिया गया। इस दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से संचालित 4 खोखों और 10 ठेलियों को भी नष्ट कर मार्ग पूरी तरह साफ कराया गया। उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई में मुख्य सफाई निरीक्षक संजय शर्मा सहित पुलिस बल मौजूद रहा; निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था बिगाड़ने वाले अतिक्रमणकारियों के खिलाफ यह सख्ती आगे भी जारी रहेगी।

 

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हरिद्वार। आगामी चारधाम यात्रा-2026 को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है, जिसके तहत बुधवार को राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA व USDMA) के तत्वावधान में हरिद्वार आपदा कंट्रोल रूम में एक महत्वपूर्ण ‘टेबल टॉप एक्सरसाइज’ आयोजित की गई। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में यात्रा को लेकर 26 नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो पंजीकरण, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सुचारू यातायात जैसी व्यवस्थाओं की कमान संभालेंगे। बैठक में विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अतिवृष्टि और भूस्खलन जैसे जोखिमों को देखते हुए संसाधनों की जीआईएस मैपिंग और त्वरित राहत के लिए इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया है। अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान ने बताया कि तीर्थयात्रियों की सुविधा हेतु ऋषिकुल मैदान में 20 काउंटरों वाला ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र तैयार किया जा रहा है, साथ ही एनएचएआई, बीआरओ और एसडीआरएफ जैसी एजेंसियों को संवेदनशील स्थलों पर मशीनरी के साथ तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा की स्थिति में ‘शून्य जनहानि’ के लक्ष्य को परखने के लिए आगामी 10 अप्रैल को एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा, ताकि धरातल पर सभी विभागों के समन्वय और कार्यकुशलता की वास्तविक जांच की जा सके। इस महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक में एसपी ट्रैफिक निशा यादव, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत सहित सेना व अर्धसैनिक बलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

 

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हरिद्वार। जनपद की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की विशेष पहल पर आयोजित तीन दिवसीय ‘क्लाउड किचन’ प्रशिक्षण शिविर का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। पंजाब नेशनल बैंक के सीएसआर सहयोग और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के दूसरे चरण में जिले के विभिन्न विकास खंडों की 30 महिलाओं को आधुनिक रसोई प्रबंधन और डिजिटल मार्केटिंग के गुर सिखाए गए, जिसके बाद जिलाधिकारी ने उन्हें प्रमाण पत्र वितरित कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हरिद्वार जैसे धार्मिक स्थल पर सात्विक और घर जैसे खाने की भारी मांग है, जिसे पूरा करने के लिए महिलाएं सोशल मीडिया और जोमैटो-स्विग्गी जैसे प्लेटफॉर्म का सहारा लेकर अपनी रसोई को एक सशक्त बिजनेस मॉडल में बदल सकती हैं। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने जानकारी दी कि पहले चरण की 25 महिलाएं ‘गंगा रसोई’ के नाम से सफलतापूर्वक कार्य कर रही हैं और अब इस नई खेप के तैयार होने से औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कामगारों को शुद्ध भोजन मिल सकेगा, जिससे ग्रामीण आर्थिकी को एक नई दिशा प्राप्त होगी।

 

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हरिद्वार। आम जनमानस की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण हेतु जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के विशेष निर्देशन में मंगलवार को जनपद की चारों तहसीलों—हरिद्वार, रुड़की, लक्सर और भगवानपुर—में तहसील दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 146 जनशिकायतें प्राप्त हुईं। हरिद्वार तहसील सभागार में उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित सत्र के दौरान चकबंदी, भूमि पैमाइश, अवैध अतिक्रमण और ओवरलोडिंग डंपरों के विरुद्ध 42 मामले आए, जिनमें से 18 का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया गया। इसी क्रम में तहसील रुड़की में अपर उपजिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला ने 27, भगवानपुर में उपजिलाधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी ने 14 और सर्वाधिक लक्सर तहसील में उपजिलाधिकारी सौरभ असवाल ने 63 शिकायतों की सुनवाई करते हुए कुल 51 मामलों का मौके पर निस्तारण कर जनता को राहत पहुंचाई। हरिद्वार तहसील दिवस में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा और जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश सहित तमाम आला अधिकारियों की मौजूदगी में उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार ने दोटूक निर्देश दिए कि शेष लंबित शिकायतों का संबंधित विभाग समयबद्धता और संवेदनशीलता के साथ निस्तारण करें, ताकि फरियादियों को शासन की मंशा के अनुरूप न्याय मिल सके।

 

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हरिद्वार। आगामी चारधाम यात्रा को सुगम और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के संकल्प के साथ जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में मंगलवार को जिला प्रशासन ने शहर में अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध निर्णायक ‘पीला पंजा’ चलाया। सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान के नेतृत्व में नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने सीसीआर क्षेत्र, रोडीबेलवाला और दीनदयाल पार्किंग से हर की पैड़ी मार्ग तक सघन अभियान छेड़ते हुए सड़क किनारे अवैध रूप से काबिज 50 से अधिक रेहड़ी-ठेलियों और फड़ों को मौके से जमींदोज कर दिया। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान ने दोटूक चेतावनी दी कि विश्व प्रसिद्ध तीर्थनगरी में श्रद्धालुओं के आवागमन में बाधा डालने वाला अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोबारा कब्जा करने वालों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी और चौकी प्रभारी नवीन चौहान की मौजूदगी में चले इस अभियान ने स्पष्ट कर दिया है कि यात्रा सीजन के दौरान घाटों और पैदल मार्गों की शुचिता व सुगमता बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में पैनी नजर रखे हुए है।

 

हरिद्वार। जनता की समस्याओं को ठंडे बस्ते में डालने वाले अफसरों की अब खैर नहीं। सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित बेहद सख्त तेवर में नजर आए। उनके सामने कुल 76 शिकायतें आईं, जिनमें से उन्होंने मौके पर ही 34 का समाधान कर फरियादियों को राहत दी। बाकी बची फाइलों को विभागों को सौंपते हुए डीएम ने दो-टूक कहा— “जनता को चक्कर लगवाना बंद करें, वरना कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।”

समीक्षा के दौरान जब सीएम हेल्पलाइन (1905) का कच्चा चिट्ठा खुला, तो जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया। एल-1 और एल-2 स्तर पर सैकड़ों शिकायतें पेंडिंग देख उन्होंने अधिकारियों को जमकर लताड़ा। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि अधिकारी सिर्फ कागजी खानापूर्ति न करें, बल्कि सीधे शिकायतकर्ता को फोन लगाकर पूछें कि क्या वे समाधान से संतुष्ट हैं। बैठक में जमीन कब्जा, नहर मरम्मत और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामले छाए रहे, जिस पर डीएम ने तत्काल स्थलीय निरीक्षण के आदेश दिए हैं।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

 

हरिद्वार। अब गांव की महिलाएं सिर्फ चूल्हा-चौका तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि घर बैठे अपना बिजनेस साम्राज्य खड़ा करेंगी। हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के विजन को धरातल पर उतारते हुए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ललित नारायण मिश्रा ने सोमवार को ‘क्लाउड किचन’ ट्रेनिंग के दूसरे चरण का शानदार आगाज किया। हरिद्वार प्रदेश का ऐसा पहला जिला बन गया है, जहां ग्रामीण महिलाओं को इस आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें ‘फूड एंटरप्रेन्योर’ बनाया जा रहा है।

ट्रेनिंग की शुरुआत करते हुए सीडीओ ने साफ कहा कि सिडकुल जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में घर के खाने की भारी डिमांड है। महिलाएं क्लाउड किचन के जरिए इस डिमांड को पूरा कर शानदार कमाई कर सकती हैं। खास बात यह है कि पहले फेज की 25 महिलाएं ‘गंगा रसोई’ के नाम से सफलता के झंडे गाड़ रही हैं, और अब दूसरे चरण में जिले के सभी ब्लॉकों की 30 और महिलाओं को इसमें माहिर बनाया जा रहा है। प्रशासन न सिर्फ ट्रेनिंग दे रहा है, बल्कि ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना’ के तहत रजिस्ट्रेशन, फूड लाइसेंस और लोन दिलाने में भी पूरी मदद कर रहा है।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

 

हरिद्वार। भेल रानीपुर के सैनी समाज का 46वां वार्षिकोत्सव रविवार को केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की एकजुटता और प्रतिभा का गवाह बन गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे राज्यमंत्री सुनील सैनी ने मेधावी बच्चों की हौसला अफजाई करते हुए उन्हें सम्मानित किया। बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पंडाल में मौजूद हर व्यक्ति का दिल जीत लिया, जिसे देख मंत्री ने समाज के भविष्य को बेहद उज्ज्वल बताया।

अपने संबोधन में सुनील सैनी ने दो-टूक कहा कि शिक्षा ही वो हथियार है जिससे समाज की तकदीर बदली जा सकती है। उन्होंने क्रांतिसूर्य महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले का जिक्र करते हुए युवाओं से अपील की कि वे सिर्फ सफल न बनें, बल्कि ‘सेवा परमो धर्म’ के मंत्र के साथ समाज सेवा में भी आगे आएं। उन्होंने हरिद्वार के सैनी समाज की ताकत को रेखांकित करते हुए कहा कि आने वाले समय में इस आयोजन को और भी विशाल रूप दिया जाएगा। कार्यक्रम में राजीव सैनी, मनोज सैनी और योगेश कुमार सहित पूरी टीम की पीठ थपथपाई गई, जिन्होंने इस भव्य समागम को सफल बनाने में जी-जान लगा दी।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

 

हरिद्वार। कुंभ मेला 2027 को लेकर अब शासन-प्रशासन ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने साफ कर दिया है कि कागजी कार्रवाई में वक्त बर्बाद करने का दौर खत्म हो चुका है। मेला कार्यालय में हुई हाई-लेवल मीटिंग में उन्होंने दो-टूक कहा कि जिन कामों को हरी झंडी मिल चुकी है, उनकी निविदाएं (टेंडर) तुरंत निकाली जाएं। अधिकारी अब बजट की चिट्ठी का इंतज़ार कर हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठ सकेंगे।

इस बार की रणनीति कुछ अलग है। मेलाधिकारी ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि ‘नया’ खरीदने के चक्कर में पुरानी सामग्री को कबाड़ न बनाया जाए; पिछले मेलों के सामान का सही तालमेल बिठाएं ताकि जनता के पैसे की बर्बादी न हो। वहीं, सुरक्षा को लेकर एक बड़ा अलर्ट जारी किया गया है—मेला क्षेत्र के पुराने और जर्जर कुएं, जो जानलेवा साबित हो सकते हैं, उन्हें तुरंत सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। कांवड़ मेले से पहले घाटों और पुलों की सूरत बदलने का अल्टीमेटम भी दे दिया गया है। कुल मिलाकर, मेलाधिकारी के इन सख्त तेवरों ने सुस्त पड़े विभागों की नींद उड़ा दी है।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम