
ग्रामीण तहकीकात संवाददाता
हरिद्वार। जनपद की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की विशेष पहल पर आयोजित तीन दिवसीय ‘क्लाउड किचन’ प्रशिक्षण शिविर का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। पंजाब नेशनल बैंक के सीएसआर सहयोग और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के दूसरे चरण में जिले के विभिन्न विकास खंडों की 30 महिलाओं को आधुनिक रसोई प्रबंधन और डिजिटल मार्केटिंग के गुर सिखाए गए, जिसके बाद जिलाधिकारी ने उन्हें प्रमाण पत्र वितरित कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हरिद्वार जैसे धार्मिक स्थल पर सात्विक और घर जैसे खाने की भारी मांग है, जिसे पूरा करने के लिए महिलाएं सोशल मीडिया और जोमैटो-स्विग्गी जैसे प्लेटफॉर्म का सहारा लेकर अपनी रसोई को एक सशक्त बिजनेस मॉडल में बदल सकती हैं। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने जानकारी दी कि पहले चरण की 25 महिलाएं ‘गंगा रसोई’ के नाम से सफलतापूर्वक कार्य कर रही हैं और अब इस नई खेप के तैयार होने से औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कामगारों को शुद्ध भोजन मिल सकेगा, जिससे ग्रामीण आर्थिकी को एक नई दिशा प्राप्त होगी।
