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दिल्ली

प्रदूषण के खिलाफ ‘ऑपरेशन क्लीन दिल्ली’ के लिए 22,236 करोड़ का प्रावधान, यमुना सफाई और ई-बसों पर रहेगा मुख्य जोर

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

नई दिल्ली। राजधानी की आबोहवा सुधारने और आने वाली पीढ़ियों को प्रदूषण मुक्त भविष्य देने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ रुपये के कुल बजट में से 22,236 करोड़ रुपये (21.44 प्रतिशत) विशेष रूप से ‘हरित योजनाओं’ के लिए आवंटित किए हैं। रविवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ‘क्लीन दिल्ली, ग्रीन दिल्ली’ के विजन को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने 17 प्रमुख विभागों को चरणबद्ध तरीके से धनराशि का आवंटन किया है, ताकि पर्यावरण संरक्षण केवल एक नारा न रहकर एक ठोस कार्ययोजना बन सके।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इस ग्रीन बजट का सबसे बड़ा हिस्सा 6,485 करोड़ रुपये दिल्ली जल बोर्ड को दिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य यमुना की सफाई और आधुनिक जल उपचार परियोजनाओं को गति देना है। परिवहन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव के लिए 4,758 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे ई-बसों के बेड़े को बढ़ाने और स्वच्छ परिवहन प्रणाली को मजबूत किया जाएगा। वहीं, लोक निर्माण विभाग (PWD) को धूल नियंत्रण और हरित बुनियादी ढांचे के विकास हेतु 3,350 करोड़ रुपये तथा बिजली विभाग को सौर ऊर्जा व नवीकरणीय स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए 1,410 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं।

योजना के तहत अन्य महत्वपूर्ण विभागों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसमें शहरी विकास को 2,273 करोड़, पर्यावरण विभाग को 558 करोड़, और वन विभाग को वृक्षारोपण हेतु 181 करोड़ रुपये दिए गए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और उद्योग जैसे विभागों को भी हरित कौशल विकास और पर्यावरणीय सुधार के लिए विशेष फंड जारी किया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि ‘ग्रीन बजटिंग’ सरकार की राजकोषीय नीति का केंद्र है और यह जहरीली हवा व बढ़ते तापमान के खिलाफ एक निर्णायक प्रहार है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण अब सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है और इस निवेश के जरिए दिल्ली को एक सतत व टिकाऊ वैश्विक शहर के रूप में विकसित किया जाएगा।

 

देहरादून/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट कर उत्तराखंड के विकास में केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन हेतु आभार प्रकट किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उत्तराखंड आने का सादर निमंत्रण देते हुए उन्हें माँ सुरकंडा देवी की रेप्लिका, बद्री गाय का घी और राज्य के विभिन्न जनपदों के विशिष्ट उत्पाद भेंट किए।

भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कुंभ-2027 के लिए 500 करोड़ रुपये की सहायता, चौरासी कुटिया के विकास हेतु 100 करोड़ की स्वीकृति और चारधाम यात्रा के लिए सुरक्षित हेली सेवाओं में सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रधानमंत्री का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।

मुख्यमंत्री ने राज्य को ‘ग्लोबल वेडिंग डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना साझा करते हुए रैपिड रेल का विस्तार ऋषिकेश तक करने का अनुरोध किया। साथ ही, उन्होंने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे और टिहरी पम्प्ड स्टोरेज प्लांट जैसी बड़ी परियोजनाओं के लोकार्पण तथा पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार के शिलान्यास का प्रस्ताव भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखा। प्रधानमंत्री ने राज्य के विकास हेतु हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

ईरानी राष्ट्रपति से कहा- “खुला और सुरक्षित रहे समुद्री व्यापार मार्ग”

ग्रामीण तहकीकात

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और शांतिप्रिय छवि का लोहा मनवाया है। शनिवार को पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन से टेलीफोन पर लंबी बातचीत की। इस दौरान जहाँ उन्होंने ‘ईद’ और ‘नौरोज़’ की मुबारकबाद दी, वहीं युद्धग्रस्त क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने के लिए कड़ा कूटनीतिक संदेश भी दिया।

सप्लाई चेन और समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर ‘नो कॉम्प्रोमाइज’

पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति के साथ बातचीत में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर हो रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस तरह के हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालते हैं, बल्कि पूरी दुनिया की ग्लोबल सप्लाई चेन को भी बाधित करते हैं। उन्होंने समुद्री व्यापारिक मार्गों (Shipping Lanes) को खुला और सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम है।

ईरान में भारतीयों की सुरक्षा पर जताई संतुष्टि

प्रधानमंत्री ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में ईरानी सरकार के लगातार सहयोग के लिए राष्ट्रपति पेजेशकियन का आभार व्यक्त किया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर खाड़ी देशों के साथ निरंतर संपर्क में है।

क्यों अहम है मोदी का यह फोन कॉल?

ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच पीएम मोदी की यह बातचीत कई मायनों में ऐतिहासिक है:

  • रणनीतिक स्वायत्तता: भारत दुनिया का अकेला ऐसा देश है जिसके संबंध अमेरिका-इजरायल और ईरान-अरब देशों, दोनों पक्षों के साथ समान रूप से मजबूत हैं।
  • विश्व गुरु की भूमिका: फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब और अमेरिका के रिटायर्ड कर्नल डगलस मैकग्रेगर जैसे वैश्विक दिग्गजों का मानना है कि केवल पीएम मोदी ही वह शख्सियत हैं जो इस युद्ध में ‘मिडिएटर’ (बिचौलिया) बनकर सीजफायर करा सकते हैं।
  • ‘एक फोन कॉल’ का रुतबा: यूएई के पूर्व राजदूत हुसैन हसन मिर्ज़ा ने तो यहाँ तक कहा है कि पीएम मोदी का सिर्फ एक फोन कॉल इस जंग को रोकने की ताकत रखता है।

शांति ही एकमात्र रास्ता

मार्च की शुरुआत में भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई थी, जिसमें पीएम मोदी ने नागरिकों की जान जाने और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुँचाने पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। भारत की ‘तटस्थता’ (Neutrality) और बढ़ता वैश्विक प्रभाव आज उसे दुनिया के सबसे भरोसेमंद शांतिदूत के रूप में स्थापित कर रहा है।

 

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नवाजा, कहा- “मेहनत और संकल्प ने बढ़ाया राजधानी का मान”

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) में सफलता का परचम लहराने वाले युवाओं को दिल्ली का असली गौरव बताया है। शनिवार को मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में आयोजित ‘दिल्ली के गौरव – यूपीएससी अचीवर्स अभिनंदन समारोह 2026’ के दौरान मुख्यमंत्री ने सफल अभ्यर्थियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

युवाओं की सफलता, समाज के लिए प्रेरणा

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन युवाओं ने अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से न केवल अपना, बल्कि पूरी दिल्ली का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा, “यह सफलता दिल्ली की उस संभावनाओं भरी संस्कृति का प्रतीक है, जो युवाओं को उनके सपनों को साकार करने का खुला मंच प्रदान करती है। इन युवाओं की उपलब्धि पूरे समाज और आने वाली पीढ़ी के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।”

परिजनों के त्याग को किया नमन

मुख्यमंत्री ने सफल उम्मीदवारों के साथ-साथ उनके माता-पिता और परिवारों को भी विशेष बधाई दी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि एक अभ्यर्थी की सफलता के पीछे पूरे परिवार का त्याग, अटूट विश्वास और निरंतर सहयोग छिपा होता है। बिना परिवार के संबल के इस कठिन मुकाम तक पहुँचना संभव नहीं है।

अगला पड़ाव: जनसेवा और संवेदनशीलता

सफल अभ्यर्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि अब उनके जीवन का वह चरण शुरू हो रहा है, जहाँ उन्हें अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग सीधे जनसेवा के लिए करना होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये सभी नए अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे और राष्ट्र निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे।

सफलता की कुंजी: अनुशासन और समर्पण

मुख्यमंत्री ने अंत में युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति पूर्ण समर्पण ही इस सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने सभी अचीवर्स से आग्रह किया कि वे आगे भी इसी लगन और ईमानदारी के साथ देश की सेवा में जुटे रहें।

सेवइयों की मिठास और गले मिलकर दूर हुई दूरियां

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात

हरिद्वार/नई दिल्ली। एक महीने के मुकद्दस रमजान और कठिन इबादत के बाद आज पूरे देश में ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे अकीदत और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह की पहली किरण के साथ ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों का सैलाब उमड़ पड़ा। हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर राजधानी दिल्ली की जामा मस्जिद तक, हर तरफ ‘ईद मुबारक’ की गूंज और आपसी भाईचारे का अद्भुत नजारा देखने को मिला।

नमाज के बाद मुल्क की खुशहाली के लिए उठे हाथ

आज सुबह ईदगाहों में हजारों की संख्या में मुस्लिम भाइयों ने सफों में खड़े होकर एक साथ नमाज अदा की। नमाज के बाद इमाम साहब ने मुल्क में अमन, चैन, शांति और तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी। नमाज संपन्न होते ही लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। बच्चों में ‘ईदी’ को लेकर विशेष उत्साह देखा गया, वहीं मेलों में खिलौनों और झूलों का आनंद लेने के लिए भारी भीड़ जुटी।

गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल: नवरात्रि और ईद एक साथ

इस बार की ईद बेहद खास है क्योंकि एक तरफ चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है और दूसरी तरफ ईद की खुशियां मनाई जा रही हैं। हरिद्वार, रुड़की और झबरेड़ा क्षेत्र में यह नजारा हमारी साझा संस्कृति (गंगा-जमुनी तहजीब) का प्रतीक बना। हिंदू भाइयों ने ईदगाहों के बाहर पहुंचकर मुस्लिम भाइयों का स्वागत किया और गले मिलकर उन्हें बधाई दी। यह दृश्य बताता है कि भारत की एकता ही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है।

सेवइयों की मिठास और दावतों का दौर

ईद के मौके पर घरों में सुबह से ही विशेष पकवान और ‘शीर-खुरमा’ (सेवइयां) बनाने का दौर जारी है। मेहमानों का स्वागत मिठास के साथ किया जा रहा है। मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि यह त्योहार हमें सिखाता है कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है और आपसी प्रेम ही समाज की सबसे बड़ी पूंजी है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

त्योहार के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा। ड्रोन कैमरों से भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की गई। प्रशासन ने शांतिपूर्ण तरीके से नमाज संपन्न होने पर सभी को धन्यवाद दिया और बधाई दी।

 

हरिद्वार। “या देवी सर्वभूतेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता…” के जयघोष के साथ आज चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन श्रद्धा का सैलाब उमड़ रहा है। आज का दिन आदि-शक्ति के ‘माँ चंद्रघंटा’ स्वरूप को समर्पित है। देवी का यह रूप जितना सौम्य और शांत है, उतना ही शत्रुओं के लिए संहारक भी। इनके माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, जो शीतलता और शांति का प्रतीक है।

देवी का स्वरूप: शांति और वीरता का अद्भुत संगम

माँ चंद्रघंटा का स्वरूप अलौकिक है। स्वर्ण जैसी चमक वाली देवी दस भुजाओं वाली हैं। उनके हाथों में त्रिशूल, गदा, तलवार और धनुष-बाण हैं, जो अधर्म के विनाश का संकेत देते हैं। उनका वाहन सिंह है, जो साहस का प्रतीक है। देवी की आराधना करने से साधक के भीतर छिपे हुए भय का नाश होता है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

आज के दिन का विशेष महत्व (21 मार्च 2026)

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जो भक्त आज के दिन मणिपुर चक्र पर ध्यान केंद्रित करते हैं, उन्हें सिद्धियां प्राप्त होती हैं। माँ चंद्रघंटा की पूजा से न केवल आध्यात्मिक बल मिलता है, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व में एक विशेष आकर्षण और विनम्रता का समावेश होता है।

पूजा की सरल विधि और आज का ‘महा-उपाय’

  • शुभ रंग: आज के दिन ग्रे (स्लेटी) या चमकीले रंगों का प्रयोग करना फलदायी होता है।
  • महा-भोग: माँ को दूध की खीर या केसरिया पेड़ा अर्पित करें। इससे मानसिक तनाव दूर होता है और घर में सुख-शांति आती है।
  • दान का महत्व: आज के दिन ब्राह्मणों या कन्याओं को शक्कर या दूध का दान करना विशेष पुण्यकारी माना जाता है।

मंत्र जो बदल देगा आपकी किस्मत

आज पूजा के समय इस प्रभावशाली मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना चाहिए:

ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः

माँ का संदेश: निर्भय बनें और धर्म का मार्ग चुनें

प्रधानाध्यापक और विद्वानों का मानना है कि माँ चंद्रघंटा का घंटा असुरों के हृदय को कपाने वाला है। इसका अर्थ यह है कि समाज में व्याप्त बुराइयों और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए हमें जागरूक और साहसी होना चाहिए। माँ की कृपा उन पर सदैव रहती है जो दूसरों के प्रति दयालु और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हैं।

 

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सरकारी संसाधनों के सदुपयोग की एक नई मिसाल पेश की है। विधानसभा में ‘ई-विधान’ लागू होने के बाद अब वहां के पुराने लैपटॉप कबाड़ में जाने के बजाय सरकारी स्कूलों के बच्चों के हाथों में होंगे। शुक्रवार को शिक्षा निदेशक वेदिता रेड्डी के साथ हुई बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ने पहले चरण के तहत 15 लैपटॉप शिक्षा निदेशालय को सौंपे।

50-60 लैपटॉप चरणबद्ध तरीके से मिलेंगे

विजेंद्र गुप्ता ने जानकारी दी कि आने वाले समय में कुल 50 से 60 लैपटॉप शिक्षा विभाग को दिए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन लैपटॉप के वितरण में उन छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें डिजिटल संसाधनों की सबसे ज्यादा जरूरत है। इस पहल से सरकारी स्कूलों में तकनीक के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया और मजबूत होगी।

ई-विधान (NeVA) से हुआ संभव

विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि मानसून सत्र 2025 से दिल्ली विधानसभा में नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। विधायी कामकाज के पूरी तरह डिजिटल होने के बाद नए कंप्यूटर सिस्टम खरीदे गए थे। ऐसे में 2019 में खरीदे गए लैपटॉप, जो अभी भी अच्छी स्थिति में हैं, उन्हें बेकार छोड़ने के बजाय स्कूलों को देने का निर्णय लिया गया।

“राष्ट्र निर्माण में सहायक हों सरकारी संपत्तियां”

मुलाकात के दौरान विजेंद्र गुप्ता ने कहा, “सदन से लेकर कक्षा तक, हर सरकारी संपत्ति का उद्देश्य राष्ट्र निर्माण होना चाहिए। पुरानी चीजों को फेंकने के बजाय उन्हें बच्चों की शिक्षा में लगाना सरकारी संसाधनों के सही इस्तेमाल का बेहतरीन उदाहरण है।”

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के आगामी बजट सत्र को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता से उनके कार्यालय में शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान आगामी 23 मार्च से शुरू हो रहे बजट सत्र की तैयारियों और विधायी कामकाज पर विस्तृत चर्चा हुई।

जन-आकांक्षाओं को पूरा करने वाला होगा बजट

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार दिल्ली की प्रगति और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने वाला बजट पेश करने के लिए पूरी तरह समर्पित है। बैठक में दिल्ली के विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक संवाद हुआ।

ये रहा बजट सत्र का पूरा शेड्यूल

  • 23 मार्च: दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र का औपचारिक आगाज़।
  • 24 मार्च: सदन पटल पर दिल्ली का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया जाएगा।

मुलाकात के दौरान ये दिग्गज रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण शिष्टाचार भेंट के दौरान विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और मुख्य सचेतक अभय वर्मा भी उपस्थित रहे। माना जा रहा है कि इस बार का बजट बुनियादी ढांचे के विकास और जन कल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित हो सकता है।

विशेष संपादकीय | ग्रामीण तहकीकात

भूमिका:

चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन माँ दुर्गा के ‘ब्रह्मचारिणी’ स्वरूप को समर्पित है। ‘ब्रह्म’ का अर्थ है तपस्या और ‘चारिणी’ का अर्थ है आचरण करने वाली। यह स्वरूप केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि संघर्षों के बीच अडिग रहने और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए किए जाने वाले ‘घोर परिश्रम’ का जीवंत उदाहरण है।

1. माँ का दिव्य स्वरूप और कथा

​दाहिने हाथ में जप की माला और बाएं हाथ में कमंडल धारण किए हुए माँ ब्रह्मचारिणी अत्यंत शांत और भव्य दिखती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए देवी ने हजारों वर्षों तक केवल फल-फूल खाकर और अंत में केवल वायु पर रहकर तपस्या की थी।

सीख: जीवन में बड़ी सफलता (जैसे शक्ति और धन) पाने के लिए ‘शॉर्टकट’ नहीं, बल्कि ‘तप’ (कठिन परिश्रम) की आवश्यकता होती है।

 

2. पूजा की सरल विधि (घर और मंदिर के लिए)

  • पवित्रता: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्वच्छ वस्त्र (पीले या सफेद रंग के) धारण करें।
  • अभिषेक: माँ को पंचामृत से स्नान कराएं और चंदन का तिलक लगाएं।
  • प्रिय पुष्प: माता को सफेद सुगंधित फूल (मोगरा या चमेली) अत्यंत प्रिय हैं।
  • महाप्रसाद: माँ ब्रह्मचारिणी को चीनी, मिश्री और पंचामृत का भोग लगाना चाहिए। मान्यता है कि इससे लंबी आयु और सौभाग्य का वरदान मिलता है।
  • सिद्ध मंत्र: > दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

3. व्रत और आहार: शरीर और मन का शुद्धिकरण

​नवरात्रि का व्रत केवल भूखा रहना नहीं, बल्कि इंद्रियों पर विजय पाना है।

  • सात्विक भोजन: कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की पूरी, साबूदाना खिचड़ी और सेंधा नमक का प्रयोग करें।
  • तरल आहार: गर्मी का समय है, इसलिए नारियल पानी, छाछ और ताजे फलों के रस का अधिक सेवन करें।
  • क्या न करें: मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का त्याग करें। साथ ही, किसी की निंदा या क्रोध करने से बचें।

4. आज के दौर में महत्व

​आज के दौर में माँ ब्रह्मचारिणी का संदेश बहुत प्रासंगिक है। चाहे आप एक पत्रकार हों, किसान हों या व्यापारी—बिना ‘संयम’ और ‘अनुशासन’ के कोई भी युद्ध नहीं जीता जा सकता। कठिन परिस्थितियों में विचलित न होना ही माँ की सच्ची आराधना है।

‘ग्रामीण तहकीकात’ परिवार की ओर से समस्त पाठकों को द्वितीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ!

नव संवत्सर 2083 पर भव्य सांस्कृतिक उत्सव

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

नई दिल्ली | दिल्ली सचिवालय का वातावरण गुरुवार को भक्ति और उल्लास के रंगों में सराबोर नजर आया। हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत 2083) और चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य और लोक कलाओं के माध्यम से ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ की अनूठी झलक पेश की।

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद: आधुनिकता और परंपरा का संगम

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे दिल्ली के कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने प्रदेशवासियों को नव संवत्सर की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा:

“सांस्कृतिक राष्ट्रवाद दिल्ली सरकार की नीतियों के केंद्र में है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में हमारा लक्ष्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि हर नागरिक में अपनी गौरवशाली विरासत के प्रति गर्व का भाव जगाना है।”

उन्होंने आगे बताया कि दिल्ली को एक ऐसी राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है जहाँ आधुनिक विकास और प्राचीन परंपराएं साथ-साथ चलें। ‘भजन क्लबिंग’, ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ और विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस मनाने के संकल्प इसी दिशा में बड़े कदम हैं।

कलाकारों ने बांधा समां: ओडिशी से डांडिया तक

सचिवालय में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 25 कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया:

  • ओडिशी नृत्य: कलाकारों ने ओडिशी शैली में माँ दुर्गा की भावपूर्ण स्तुति कर वातावरण को आध्यात्मिक बनाया।
  • लोक नृत्य नाटिका: माँ भगवती के विभिन्न स्वरूपों की जीवंत प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
  • डांडिया रास: गुजरात के पारंपरिक डांडिया नृत्य की ऊर्जावान प्रस्तुति ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग भर दी।

सकारात्मक ऊर्जा का संचार

मंत्री कपिल मिश्रा ने जोर देकर कहा कि भारत की असली पहचान उसकी धार्मिक आस्थाओं और सांस्कृतिक जड़ों में है। ऐसे आयोजनों से न केवल कला को बढ़ावा मिलता है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है।