• प्रदूषण के खिलाफ ‘ऑपरेशन क्लीन दिल्ली’ के लिए 22,236 करोड़ का प्रावधान, यमुना सफाई और ई-बसों पर रहेगा मुख्य जोर
ग्रामीण तहकीकात संवाददाता
नई दिल्ली। राजधानी की आबोहवा सुधारने और आने वाली पीढ़ियों को प्रदूषण मुक्त भविष्य देने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ रुपये के कुल बजट में से 22,236 करोड़ रुपये (21.44 प्रतिशत) विशेष रूप से ‘हरित योजनाओं’ के लिए आवंटित किए हैं। रविवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ‘क्लीन दिल्ली, ग्रीन दिल्ली’ के विजन को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने 17 प्रमुख विभागों को चरणबद्ध तरीके से धनराशि का आवंटन किया है, ताकि पर्यावरण संरक्षण केवल एक नारा न रहकर एक ठोस कार्ययोजना बन सके।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस ग्रीन बजट का सबसे बड़ा हिस्सा 6,485 करोड़ रुपये दिल्ली जल बोर्ड को दिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य यमुना की सफाई और आधुनिक जल उपचार परियोजनाओं को गति देना है। परिवहन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव के लिए 4,758 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे ई-बसों के बेड़े को बढ़ाने और स्वच्छ परिवहन प्रणाली को मजबूत किया जाएगा। वहीं, लोक निर्माण विभाग (PWD) को धूल नियंत्रण और हरित बुनियादी ढांचे के विकास हेतु 3,350 करोड़ रुपये तथा बिजली विभाग को सौर ऊर्जा व नवीकरणीय स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए 1,410 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं।
योजना के तहत अन्य महत्वपूर्ण विभागों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसमें शहरी विकास को 2,273 करोड़, पर्यावरण विभाग को 558 करोड़, और वन विभाग को वृक्षारोपण हेतु 181 करोड़ रुपये दिए गए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और उद्योग जैसे विभागों को भी हरित कौशल विकास और पर्यावरणीय सुधार के लिए विशेष फंड जारी किया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि ‘ग्रीन बजटिंग’ सरकार की राजकोषीय नीति का केंद्र है और यह जहरीली हवा व बढ़ते तापमान के खिलाफ एक निर्णायक प्रहार है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण अब सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है और इस निवेश के जरिए दिल्ली को एक सतत व टिकाऊ वैश्विक शहर के रूप में विकसित किया जाएगा।
