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ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

झबरेड़ा। ग्राम थितकी कवादपुर में संत रविदास जी की कथा का आयोजन किया जा रहा है। पिछले दो दिनों से लगातार चल रहे सत्संग में सैकड़ों श्रद्धालु सहभागिता कर रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष सुमित बर्मन, पूर्व प्रधान सत्य प्रकाश और समिति अध्यक्ष डॉ. विपिन बर्मन सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। कथा का संचालन गुरु रविदास आश्रम, बेहड़ेकी सैदाबाद के गुरुजी द्वारा किया जा रहा है। कथा और सत्संग के चलते गांव में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। श्रद्धालु संत रविदास जी के विचारों और शिक्षाओं को सुनकर उनके संदेशों को आत्मसात कर रहे हैं। मुख्य अतिथि सुमित बर्मन ने कहा कि संत रविदास जी की शिक्षाएं समाज को समानता, भाईचारे और सद्भाव का संदेश देती हैं। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और समाज को सही दिशा दिखाने का काम करते हैं। वहीं, समिति अध्यक्ष डॉ. विपिन बर्मन ने कहा कि रविदास कथा का उद्देश्य संत रविदास जी के विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना तथा लोगों में धार्मिक और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना है। उन्होंने कथा में सहभागिता करने वाले सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। आयोजकों के अनुसार, रविदास कथा का समापन 18 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।

ग्रामीण तहकीकात / संपादक नवीन कुमार 

भगवानपुर। विधानसभा भगवानपुर की ग्राम पंचायत मानकपुर आदमपुर निवासी राधेश्याम पुत्र सेठपाल ने पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर नायब तहसीलदार का पद हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। राधेश्याम की सफलता पर विधायक ममता राकेश सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत कर बधाई दी। इस दौरान लोगों ने उन्हें सम्मानित करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विधायक ममता राकेश ने कहा कि राधेश्याम की सफलता मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। ग्रामीण क्षेत्र के युवा भी अपनी प्रतिभा और परिश्रम के दम पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने राधेश्याम को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि वह अपने पद की जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी और निष्ठा के साथ करेंगे। युवा नेता अभिनव चौधरी ने कहा कि मानकपुर आदमपुर के राधेश्याम ने पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से सफलता प्राप्त की जा सकती है। इस अवसर पर अमित कुमार, राजवीर सिंह, महावीर, नितिन चौधरी, ऋषिपाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने राधेश्याम को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की।

 

संवाददाता | मंगलौर

मंगलौर नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत लैंडौरा रोड पर कराए गए नाला मरम्मत कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मरम्मत कार्य के दौरान कथित तौर पर पुरानी ईंटों के इस्तेमाल और विभागीय निगरानी के अभाव को लेकर जहां राहगीरों व स्थानीय नागरिकों में चर्चा बनी हुई है, वहीं अब मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

जिम्मेदार अधिकारियों ने नहीं दिया जवाब मामले की वस्तुस्थिति और विभाग का रुख जानने के लिए जब नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) उत्तम सिंह नेगी से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।

वहीं, तकनीकी देखरेख के लिए जिम्मेदार अवर अभियंता (जेई) सुभाष चंद्रा से भी कई बार संपर्क साधा गया, किंतु उन्होंने भी फोन का कोई उत्तर नहीं दिया। नाला मरम्मत जैसे बुनियादी सार्वजनिक कार्य पर उठ रहे सवालों के बीच दोनों प्रमुख अधिकारियों द्वारा कॉल का जवाब न दिए जाने से स्थानीय नागरिकों में चर्चा है कि आखिर विभाग इस मामले में अपना पक्ष रखने से क्यों बच रहा है।

मरम्मत कार्य में पुरानी सामग्री के प्रयोग का आरोप गौरतलब है कि लैंडौरा रोड पर वरिष्ठ रालोद नेता के कार्यालय के समीप नाला मरम्मत का कार्य कराया गया था। उस दौरान मौके से गुजर रहे नागरिकों ने मरम्मत कार्य में नई सामग्री के बजाय पुरानी व उखड़ी ईंटों की चिनाई किए जाने पर आपत्ति जताई थी। जब कार्यस्थल पर मौजूद लोगों से तकमीना (एस्टीमेट) मांगा गया, तो कोई तकनीकी दस्तावेज नहीं दिखाया गया।

हालांकि, पूर्व में संपर्क करने पर जेई ने स्वयं स्वीकार किया था कि मरम्मत कार्य में भी पुरानी ईंटें नहीं लगनी चाहिए और मौके पर जाकर जांच करने का भरोसा दिया था। लेकिन स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि धरातल पर जांच या सुधार के बिना ही कार्य पूरा करा दिया गया।

जांच और जवाबदेही की मांग सरकारी धन से कराए जाने वाले मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना विभाग का प्राथमिक दायित्व है। अधिकारियों द्वारा फोन न उठाए जाने और स्थिति स्पष्ट न किए जाने के बाद स्थानीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि मौके पर हुए नाला मरम्मत कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि गुणवत्ता की अनदेखी करने वालों की जवाबदेही तय हो सके।

(नोट: इस संबंध में नगर पालिका के ईओ और जेई का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होते ही उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

मंगलौर में नाला निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल: मौके पर पुरानी ईंटें लगने की चर्चा, जेई की निगरानी पर उठे सवा

शिकायत के बावजूद मौके पर नहीं पहुंचे जिम्मेदार; राहगीरों ने गुणवत्ता और निगरानी पर जताई नाराजगी, जांच की मांग

ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार

मंगलौर। लंढौरा रोड स्थित वरिष्ठ रालोद नेता उबेदुर्रहमान उर्फ मोंटी के कार्यालय के सामने नगरपालिका द्वारा कराया जा रहा नाला निर्माण कार्य पूरा हो गया है। लेकिन काम के दौरान निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर कस्बे के लोगों और राहगीरों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

काम चलने के दौरान राहगीरों ने मौके पर रुककर देखा कि नाले की दीवार में नई ईंटों के साथ-साथ बड़ी तादाद में पुरानी व उखड़ी हुई ईंटें चिनी जा रही हैं। राहगीरों ने जब मौके पर काम कर रहे मजदूरों और ठेकेदार के आदमियों से कार्य का एस्टीमेट दिखाने को कहा, तो उन्होंने कोई तकनीकी कागज नहीं दिखाया और मनमाने तरीके से काम जारी रखा। राहगीरों का कहना है कि जब सरकारी बजट से निर्माण कार्य कराया जा रहा है, तो फिर पुरानी ईंटें लगाकर खानापूर्ति क्यों की जा रही है।

हैरानी की बात यह रही कि इस संबंध में ग्रामीण तहकीकात समाचार पत्र की टीम द्वारा जब नगरपालिका के जेई सुभाष चंद्रा से फोन पर वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी गई, तो फोन पर जेई ने खुद स्वीकार किया कि मरम्मत कार्य में पुरानी ईंटें नहीं लगनी चाहिए और उन्होंने मौके पर जाकर जांच करने की बात कही। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि जेई साहब का यह आश्वासन केवल फोन तक ही सीमित रह गया। मौके पर न तो कोई जिम्मेदार मुआयना करने पहुंचा और न ही गुणवत्ता की अनदेखी पर काम रुकवाया गया।

विभागीय अनदेखी का फायदा उठाकर ठेकेदार द्वारा पुरानी ईंटों की चिनाई के साथ नाले का निर्माण कार्य पूरा भी करा दिया गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जिम्मेदार अधिकारी समय रहते मौके पर पहुंच जाते, तो इस तरह पुरानी ईंटों का इस्तेमाल नहीं हो पाता। अब लोगों ने नगरपालिका के उच्चाधिकारियों व प्रशासन से मांग की है कि मौके पर हुए निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और गुणवत्ता की अनदेखी करने वालों की जवाबदेही तय हो।

इस मामले की विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट ग्रामीण तहकीकात समाचार पत्र के आगामी अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की जाएगी।

ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार (प्रधान संपादक)

चुड़ियाला। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर सिद्धपीठ मां चूड़ामणि देवी दरबार से भव्य शोभायात्रा का आयोजन कर मां भगवती की आराधना की गई, जिसमें समर्पित श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव और आस्था के साथ सहभागिता कर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया; हालांकि धार्मिक आयोजनों में पहले की तुलना में श्रद्धालुओं की घटती उपस्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पुनीत कश्यप ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली और व्यस्तताओं के चलते लोग अपनी धार्मिक व सांस्कृतिक परंपराओं से दूर हो रहे हैं, जो समाज के लिए बेहद चिंताजनक है; उन्होंने आह्वान किया कि युवा पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक व आध्यात्मिक जड़ों से जोड़े रखने के लिए ऐसे पावन आयोजनों में बढ़-चढ़कर भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि सनातन संस्कृति की निरंतरता अक्षुण्ण बनी रहे; सीमित संख्या के बावजूद शोभायात्रा की गरिमा और परंपरा को जीवंत बनाए रखने में आदित्य कश्यप, साहित्य कश्यप, कपिल त्यागी, नित्या कश्यप, नितिन, अनिरुद्ध पंडित, कमल और कमल त्यागी सहित निष्ठावान श्रद्धालुओं ने सक्रिय भूमिका निभाई; उपस्थित भक्तों ने मां चूड़ामणि के चरणों में शीश नवाकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार की कामना की।

​ग्रामीण तहकीकात / संपादक नवीन कुमार

​मंगलोर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मंगलौर में पैथोलॉजी लैब के संचालन और वहां तैनात आउटसोर्स लैब कर्मी के कथित रवैये को लेकर मरीजों एवं तीमारदारों में नाराजगी देखने को मिल रही है, जिस पर अब आधिकारिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट होने की तैयारी है। प्राप्त शिकायतों के अनुसार अस्पताल में आने वाले तीमारदारों ने आरोप लगाया है कि सुलभ जांच सेवाओं के संदर्भ में उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है और कुछ मामलों में मरीजों को बाहर निजी केंद्रों पर जाने जैसी स्थिति बनती है। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच और वस्तुस्थिति सामने लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य महकमे में सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत आवेदन दाखिल किया जा रहा है, जिसमें संबंधित आउटसोर्स कर्मी की शैक्षणिक व तकनीकी योग्यता, राज्य पैरामेडिकल काउंसिल में अधिकृत पंजीकरण, आउटसोर्सिंग एजेंसी के वर्क ऑर्डर सहित रीजेंट्स किट के स्टॉक व दैनिक खपत रजिस्टर का आधिकारिक ब्योरा तलब किया गया है; सूत्रों का कहना है कि आरटीआई के तहत प्रमाणित दस्तावेज प्राप्त होते ही व्यवस्था से जुड़े कई अहम तथ्यों से पर्दा उठना तय है, और इस पूरे प्रकरण से जुड़ी विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट ‘दैनिक ग्रामीण तहकीकात’ समाचार पत्र के कल के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की जाएगी।

ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार 

नारसन। ग्रामीण विकास की रीढ़ कही जाने वाली रीप (REAP) परियोजना के नारसन ब्लॉक में चल रही खुली अंधेरगर्दी पर जब सूचना का अधिकार (RTI) का हंटर चला, तो अफसरों के होश फाख्ता हो गए और खुद उनके दस्तखत वाली चिट्ठी ने पूरे कारनामे का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया है। जिला कार्यालय ग्रामोत्थान (रीप), विकास भवन द्वारा जारी पत्रांक 375 में दर्ज आधिकारिक कुबूलनामे ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है, जिसमें साफ माना गया है कि ब्लॉक में तैनात किए गए कार्मिकों के चरित्र व पुलिस वेरिफिकेशन का कोई नामोनिशान तक विभाग की फाइलों में दर्ज नहीं है—यानी सरकारी खजाने की चाबी थमाने से पहले यह तक नहीं देखा गया कि कुर्सी पर बैठाया गया शख्स पाक-साफ है या दागदार। मजे की बात तो यह है कि कागजों पर महिला समूहों के नाम करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट व सब्सिडी की बंदरबांट दर्शा दी गई, लेकिन जब इस पूरे खेल के वार्षिक बैंक स्टेटमेंट, लेजर बुक, चार्टर्ड एकाउंटेंट (CA) की ऑडिट रिपोर्ट, चहेती फर्मों के भुगतान और देहरादून से खरीदे गए फूड कोर्ट के बिल-वाउचर तलब किए गए, तो सीधे जवाब देने की बजाय अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। बैंक खातों का पूरा हिसाब दबाकर रख लिया गया और गेंद निचले स्तर की सहकारिता व एनआरएलएम के पाले में फेंककर जिम्मेदारी से साफ पल्ला झाड़ लिया गया। कानूनी फंदे से बचने के लिए 30 दिन की मियाद बीत जाने पर बैकडेट (24 सितंबर) डालकर 3 अक्टूबर को डाक से भेजे गए इस भारी पुलिंदे का आलम यह है कि भेजे गए किसी भी कागज पर लोक सूचना अधिकारी के न तो कोई दस्तखत हैं और न ही कोई अधिकृत मुहर—जिससे यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या करोड़ों के बजट पर बैठा विभाग इतना लापरवाह और बेलगाम हो चुका है कि कानून की नजर में रद्दी सादे कागजों का बंडल थमाकर औपचारिकता पूरी समझ बैठा? सरकारी धन के इस संदिग्ध खेल, बैंक स्टेटमेंट दबाने और आधिकारिक पर्दाफाश के बाद अब मामला मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की चौखट पर प्रथम अपील के जरिए पहुंच चुका है, जहां अब बैंक खातों के लेन-देन की जांच और लीपापोती करने वाले अफसरों पर सीधा विधिक शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।

 

एसडीओ मोहम्मद रिजवान के नेतृत्व में फाजिलपुर, धर्मपुर, पाडली गेंदा व खाताखेड़ी में ताबड़तोड़ चेकिंग; बकायेदारों और कटियाबाजों में मचा हड़कंप

ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार (प्रधान संपादक)

झबरेड़ा। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में बिजली चोरी और बकायेदारों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए चार गांवों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। झबरेड़ा उपखंड के एसडीओ मोहम्मद रिजवान के नेतृत्व में धनौरी और रामनगर की टीमों ने मिलकर फाजिलपुर, धर्मपुर, पाडली गेंदा और खाताखेड़ी गांव में सघन चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें करीब 22 लोग सीधे कटिया डालकर व मीटर बाइपास कर बिजली चोरी करते पकड़े गए। अचानक हुई इस बड़ी कार्रवाई से ग्रामीण इलाकों के बिजली चोरों और बकायेदारों में पूरे दिन हड़कंप मचा रहा।

अभियान का नेतृत्व कर रहे झबरेड़ा एसडीओ मोहम्मद रिजवान ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “बिजली चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो लोग अवैध रूप से कटिया डालकर या मीटर से छेड़छाड़ कर सरकार को राजस्व का चूना लगा रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पकड़े गए सभी 22 मामलों में नियमानुसार जुर्माने के साथ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। ईमानदार उपभोक्ताओं को पूरी बिजली मिले और लाइन लॉस कम हो, इसके लिए हमारी यह धरपकड़ आगे भी दिन-रात जारी रहेगी।”

वहीं टीम में शामिल धनौरी एसडीओ अश्वनी सिंह ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से बिजली चोरी और बिल बकाया होने की शिकायतें मिल रही थीं, जिसे देखते हुए यह संयुक्त अभियान तैयार किया गया। रामनगर एसडीओ ओमपाल ने कहा कि बकायेदार उपभोक्ता तुरंत अपने बिल जमा कराएं और अवैध कनेक्शन को वैध कराएं, क्योंकि आने वाले दिनों में चेकिंग का दायरा और बढ़ाया जाएगा।

इस संयुक्त छापेमारी टीम में एसडीओ मोहम्मद रिजवान, एसडीओ अश्वनी सिंह और एसडीओ ओमपाल के साथ अवर अभियंता (जेई) देवेंद्र शर्मा, जेई जमल सिंह और जेई रोबिन सहित विद्युत विभाग के लाइनमैन व कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता, देहरादून। सामाजिक न्याय पार्टी (जनादेश) उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष पुनीत कश्यप ने पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में जिलाध्यक्ष अरविंद कश्यप को उनके पद व पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने की घोषणा की है; जारी अधिकृत बयान में प्रदेश अध्यक्ष पुनीत कश्यप ने कहा कि, “हमारी पार्टी हमेशा समाज के शोषित, वंचित और पीड़ित वर्ग के अधिकारों के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से संघर्ष करती आई है, ऐसे में संगठन के भीतर अनुशासन, पारदर्शिता और वैचारिक सिद्धांतों से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा; अरविंद कश्यप लगातार पार्टी अनुशासन के खिलाफ गतिविधियों में लिप्त पाए जा रहे थे, जिसके चलते यह कड़ा फैसला लेना पड़ा; अब से पार्टी के किसी भी मंच, कार्यक्रम अथवा निर्णय से अरविंद कश्यप का कोई संबंध नहीं रहेगा और संगठन के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता उनके साथ किसी भी प्रकार का सांगठनिक लेन-देन या संवाद न रखें।”

​ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार

​देहरादून/सेलाकुई। देहरादून के सेलाकुई में आयोजित भव्य कश्यप महासम्मेलन में समाज की भारी भीड़ उमड़ी। सम्मेलन में पहुंचे लोगों ने अपनी सामाजिक एकजुटता, अधिकारों और हक की आवाज को मजबूती से उठाया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्षा एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, जल संसाधन विभाग के मंत्रियों सहित देश और प्रदेश के कई वरिष्ठ विधायक व जनप्रतिनिधि पहुंचे। आयोजन नीरज कश्यप के संयोजन में संपन्न हुआ, जिसमें पूरे प्रदेश से पहुंचे हजारों लोगों ने हिस्सा लिया।

​सम्मेलन में शामिल हुए सामाजिक न्याय पार्टी (जनादेश) के प्रदेश अध्यक्ष पुनीत कश्यप ने अपने संबोधन में कहा, “आज का यह महासम्मेलन कश्यप समाज के आत्मसम्मान, एकता और अधिकारों के संघर्ष की नई शुरुआत है। हमारा समाज ओबीसी वर्ग में आता है, लेकिन वर्षों से अपने हकों और उचित हिस्सेदारी के लिए संघर्ष कर रहा है। जब तक समाज का हर युवा, मजदूर और आम व्यक्ति अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होगा, तब तक बदलाव संभव नहीं है। आज उमड़ी यह भीड़ साफ संदेश दे रही है कि कश्यप समाज अब चुप बैठने वाला नहीं है। हम अपने समाज के मान-सम्मान, सामाजिक न्याय और हक की लड़ाई को गांव-गांव और चौपाल तक मजबूती से ले जाएंगे।”

​पुनीत कश्यप ने कहा कि साध्वी निरंजन ज्योति सहित वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने समाज का हौसला बढ़ाया है। सम्मेलन में समाज के प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं ने एकजुट होकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।