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Day: October 6, 2026

ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार 

नारसन। ग्रामीण विकास की रीढ़ कही जाने वाली रीप (REAP) परियोजना के नारसन ब्लॉक में चल रही खुली अंधेरगर्दी पर जब सूचना का अधिकार (RTI) का हंटर चला, तो अफसरों के होश फाख्ता हो गए और खुद उनके दस्तखत वाली चिट्ठी ने पूरे कारनामे का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया है। जिला कार्यालय ग्रामोत्थान (रीप), विकास भवन द्वारा जारी पत्रांक 375 में दर्ज आधिकारिक कुबूलनामे ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है, जिसमें साफ माना गया है कि ब्लॉक में तैनात किए गए कार्मिकों के चरित्र व पुलिस वेरिफिकेशन का कोई नामोनिशान तक विभाग की फाइलों में दर्ज नहीं है—यानी सरकारी खजाने की चाबी थमाने से पहले यह तक नहीं देखा गया कि कुर्सी पर बैठाया गया शख्स पाक-साफ है या दागदार। मजे की बात तो यह है कि कागजों पर महिला समूहों के नाम करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट व सब्सिडी की बंदरबांट दर्शा दी गई, लेकिन जब इस पूरे खेल के वार्षिक बैंक स्टेटमेंट, लेजर बुक, चार्टर्ड एकाउंटेंट (CA) की ऑडिट रिपोर्ट, चहेती फर्मों के भुगतान और देहरादून से खरीदे गए फूड कोर्ट के बिल-वाउचर तलब किए गए, तो सीधे जवाब देने की बजाय अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। बैंक खातों का पूरा हिसाब दबाकर रख लिया गया और गेंद निचले स्तर की सहकारिता व एनआरएलएम के पाले में फेंककर जिम्मेदारी से साफ पल्ला झाड़ लिया गया। कानूनी फंदे से बचने के लिए 30 दिन की मियाद बीत जाने पर बैकडेट (24 सितंबर) डालकर 3 अक्टूबर को डाक से भेजे गए इस भारी पुलिंदे का आलम यह है कि भेजे गए किसी भी कागज पर लोक सूचना अधिकारी के न तो कोई दस्तखत हैं और न ही कोई अधिकृत मुहर—जिससे यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या करोड़ों के बजट पर बैठा विभाग इतना लापरवाह और बेलगाम हो चुका है कि कानून की नजर में रद्दी सादे कागजों का बंडल थमाकर औपचारिकता पूरी समझ बैठा? सरकारी धन के इस संदिग्ध खेल, बैंक स्टेटमेंट दबाने और आधिकारिक पर्दाफाश के बाद अब मामला मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की चौखट पर प्रथम अपील के जरिए पहुंच चुका है, जहां अब बैंक खातों के लेन-देन की जांच और लीपापोती करने वाले अफसरों पर सीधा विधिक शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।

 

एसडीओ मोहम्मद रिजवान के नेतृत्व में फाजिलपुर, धर्मपुर, पाडली गेंदा व खाताखेड़ी में ताबड़तोड़ चेकिंग; बकायेदारों और कटियाबाजों में मचा हड़कंप

ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार (प्रधान संपादक)

झबरेड़ा। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में बिजली चोरी और बकायेदारों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए चार गांवों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। झबरेड़ा उपखंड के एसडीओ मोहम्मद रिजवान के नेतृत्व में धनौरी और रामनगर की टीमों ने मिलकर फाजिलपुर, धर्मपुर, पाडली गेंदा और खाताखेड़ी गांव में सघन चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें करीब 22 लोग सीधे कटिया डालकर व मीटर बाइपास कर बिजली चोरी करते पकड़े गए। अचानक हुई इस बड़ी कार्रवाई से ग्रामीण इलाकों के बिजली चोरों और बकायेदारों में पूरे दिन हड़कंप मचा रहा।

अभियान का नेतृत्व कर रहे झबरेड़ा एसडीओ मोहम्मद रिजवान ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “बिजली चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो लोग अवैध रूप से कटिया डालकर या मीटर से छेड़छाड़ कर सरकार को राजस्व का चूना लगा रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पकड़े गए सभी 22 मामलों में नियमानुसार जुर्माने के साथ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। ईमानदार उपभोक्ताओं को पूरी बिजली मिले और लाइन लॉस कम हो, इसके लिए हमारी यह धरपकड़ आगे भी दिन-रात जारी रहेगी।”

वहीं टीम में शामिल धनौरी एसडीओ अश्वनी सिंह ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से बिजली चोरी और बिल बकाया होने की शिकायतें मिल रही थीं, जिसे देखते हुए यह संयुक्त अभियान तैयार किया गया। रामनगर एसडीओ ओमपाल ने कहा कि बकायेदार उपभोक्ता तुरंत अपने बिल जमा कराएं और अवैध कनेक्शन को वैध कराएं, क्योंकि आने वाले दिनों में चेकिंग का दायरा और बढ़ाया जाएगा।

इस संयुक्त छापेमारी टीम में एसडीओ मोहम्मद रिजवान, एसडीओ अश्वनी सिंह और एसडीओ ओमपाल के साथ अवर अभियंता (जेई) देवेंद्र शर्मा, जेई जमल सिंह और जेई रोबिन सहित विद्युत विभाग के लाइनमैन व कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा।