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लक्सर

 

संदिग्ध वस्तुओं और लावारिस सामान की गहन तलाशी, सुरक्षा के मद्देनजर अत्याधुनिक उपकरणों का किया गया प्रयोग

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

लक्सर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के कड़े निर्देशों के अनुपालन में जनपद की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के उद्देश्य से रविवार को बम डिस्पोज़ल स्क्वाड (BDS) की टीम ने लक्सर रेलवे स्टेशन परिसर में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले प्लेटफार्मों, प्रतीक्षालयों, यात्री डिब्बों और पार्किंग स्थलों की बारीकी से जांच की गई। बीडीएस टीम ने अत्याधुनिक खोजी उपकरणों और मेटल डिटेक्टरों की मदद से संदिग्ध वस्तुओं व लावारिस सामान की गहन तलाशी ली।

अभियान के दौरान पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने यात्रियों को भी सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। यात्रियों से अपील की गई कि यात्रा के दौरान यदि उन्हें कोई लावारिस वस्तु, संदिग्ध बैग या संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे, तो उसकी सूचना तत्काल रेलवे पुलिस या नजदीकी थाना पुलिस को दें। हरिद्वार पुलिस के अनुसार, घंटों चले इस सघन अभियान में कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण व सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा ऑडिट और चेकिंग का यह सिलसिला भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा ताकि आमजन सुरक्षित महसूस कर सकें। किसी भी आपात स्थिति के लिए नागरिकों को तत्काल हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना देने की सलाह दी गई है।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

पथरी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के जन-केंद्रित निर्देशों के अनुपालन में थाना पथरी पुलिस ने क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता प्रकट करते हुए एक विशेष संपर्क अभियान चलाया है। इसी क्रम में पुलिस टीम ने ग्राम दिनारपुर स्थित वृद्धाश्रम और क्षेत्र के विभिन्न घरों में पहुँचकर बुजुर्गों का हाल-चाल जाना और उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना। थाना पथरी पुलिस ने आश्रम संचालकों और निवासियों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी सुरक्षा, अनिवार्य चिकित्सकीय सुविधाओं और वृद्धावस्था पेंशन संबंधी स्थिति का जायजा लिया, साथ ही उन्हें शासन द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की। किसी भी आपात स्थिति या समस्या के तत्काल समाधान हेतु पुलिस ने बुजुर्गों के साथ 112 कंट्रोल रूम, थाना हाजा और संबंधित बीट कांस्टेबल के संपर्क नंबर साझा किए। पुलिस प्रशासन ने क्षेत्रीय नागरिकों से भी बुजुर्गों के सम्मान और समय पर उनकी सहायता सुनिश्चित करने की भावुक अपील की है, जिससे समाज में खाकी का एक मानवीय और विश्वसनीय चेहरा उभरकर सामने आया है।

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

लक्सर। कोतवाली लक्सर पुलिस ने ईद की नमाज के दौरान हुई हिंसक झड़प और जानलेवा फायरिंग के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक शातिर आरोपी को अवैध हथियार सहित गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। घटना के अनुसार, बीती 21 मार्च को ग्राम खेड़ी खुर्द निवासी रिजवान ने तहरीर देकर आरोपी पक्ष पर मारपीट और जान से मारने की नीयत से फायर झोंकने का आरोप लगाया था, जिसे गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने त्योहार के सीजन में शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। व.उ.नि. नितिन चौहान और उ.नि. दीपक चौधरी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने रविवार को वांछित आरोपी आस मौ. पुत्र ताहिर (निवासी खेड़ी कला) को घेराबंदी कर दबोच लिया, जिसके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त एक अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गए आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर हत्या के प्रयास (307) व शस्त्र अधिनियम सहित आधा दर्जन गंभीर मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस टीम ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया है, जहाँ से उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।

 

साक्ष्य संकलन में एसआई कल्पना शर्मा को मिला नकद पुरस्कार

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात

खानपुर। अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाने के लिए अब खानपुर पुलिस और भी अधिक हाईटेक और वैज्ञानिक तरीके अपनाएगी। रविवार को कोतवाली खानपुर में फील्ड यूनिट हरिद्वार के विशेषज्ञों द्वारा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ‘क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन’ (CSI) और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।

‘डेमो क्राइम सीन’ के जरिए सीखीं बारीकियां

प्रशिक्षण के दौरान कोतवाली परिसर में एक कृत्रिम यानी ‘डेमो क्राइम सीन’ तैयार किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने पुलिसकर्मियों को बताया कि अपराध स्थल पर पहुँचते ही सबसे पहले क्षेत्र को कैसे सुरक्षित किया जाए। फील्ड यूनिट के स्टाफ ने फिंगरप्रिंट (उंगलियों के निशान), फुटप्रिंट (पैरों के निशान) और अन्य महत्वपूर्ण जैविक व वैज्ञानिक साक्ष्यों को बिना नष्ट किए एकत्र करने की बारीकियां सिखाईं।

महिला उपनिरीक्षक कल्पना शर्मा को मिला सम्मान

इस अभ्यास सत्र के दौरान साक्ष्यों के सटीक संकलन और ‘फुटप्रिंट’ उठाने के बेहतरीन प्रदर्शन के लिए महिला उपनिरीक्षक कल्पना शर्मा की विशेष सराहना की गई। प्रभारी निरीक्षक खानपुर ने उन्हें उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया, जिससे अन्य पुलिसकर्मियों का भी उत्साहवर्धन हुआ।

वैज्ञानिक साक्ष्य ही दिलाएंगे अपराधियों को सजा

फील्ड यूनिट के विशेषज्ञों ने जोर देते हुए कहा कि आधुनिक युग में चश्मदीद गवाहों से ज्यादा वैज्ञानिक साक्ष्य (Forensic Evidence) किसी भी मामले को सुलझाने और कोर्ट में अपराधियों को सजा दिलाने में सबसे कारगर साबित होते हैं। इसलिए प्रत्येक विवेचक (Investigator) को साक्ष्य संकलन की तकनीकी जानकारी होना अनिवार्य है।

पुलिस की कार्यक्षमता में होगा सुधार

इस विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से खानपुर पुलिस के मनोबल और कार्यक्षमता में बड़ी वृद्धि देखी गई है। माना जा रहा है कि इस तकनीक के इस्तेमाल से भविष्य में हत्या, लूट और चोरी जैसे जटिल आपराधिक मामलों के खुलासे में खानपुर पुलिस को खासी मदद मिलेगी।

सेवइयों की मिठास और गले मिलकर दूर हुई दूरियां

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात

हरिद्वार/नई दिल्ली। एक महीने के मुकद्दस रमजान और कठिन इबादत के बाद आज पूरे देश में ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे अकीदत और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह की पहली किरण के साथ ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों का सैलाब उमड़ पड़ा। हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर राजधानी दिल्ली की जामा मस्जिद तक, हर तरफ ‘ईद मुबारक’ की गूंज और आपसी भाईचारे का अद्भुत नजारा देखने को मिला।

नमाज के बाद मुल्क की खुशहाली के लिए उठे हाथ

आज सुबह ईदगाहों में हजारों की संख्या में मुस्लिम भाइयों ने सफों में खड़े होकर एक साथ नमाज अदा की। नमाज के बाद इमाम साहब ने मुल्क में अमन, चैन, शांति और तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी। नमाज संपन्न होते ही लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। बच्चों में ‘ईदी’ को लेकर विशेष उत्साह देखा गया, वहीं मेलों में खिलौनों और झूलों का आनंद लेने के लिए भारी भीड़ जुटी।

गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल: नवरात्रि और ईद एक साथ

इस बार की ईद बेहद खास है क्योंकि एक तरफ चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है और दूसरी तरफ ईद की खुशियां मनाई जा रही हैं। हरिद्वार, रुड़की और झबरेड़ा क्षेत्र में यह नजारा हमारी साझा संस्कृति (गंगा-जमुनी तहजीब) का प्रतीक बना। हिंदू भाइयों ने ईदगाहों के बाहर पहुंचकर मुस्लिम भाइयों का स्वागत किया और गले मिलकर उन्हें बधाई दी। यह दृश्य बताता है कि भारत की एकता ही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है।

सेवइयों की मिठास और दावतों का दौर

ईद के मौके पर घरों में सुबह से ही विशेष पकवान और ‘शीर-खुरमा’ (सेवइयां) बनाने का दौर जारी है। मेहमानों का स्वागत मिठास के साथ किया जा रहा है। मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि यह त्योहार हमें सिखाता है कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है और आपसी प्रेम ही समाज की सबसे बड़ी पूंजी है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

त्योहार के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा। ड्रोन कैमरों से भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की गई। प्रशासन ने शांतिपूर्ण तरीके से नमाज संपन्न होने पर सभी को धन्यवाद दिया और बधाई दी।

 

हरिद्वार। “या देवी सर्वभूतेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता…” के जयघोष के साथ आज चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन श्रद्धा का सैलाब उमड़ रहा है। आज का दिन आदि-शक्ति के ‘माँ चंद्रघंटा’ स्वरूप को समर्पित है। देवी का यह रूप जितना सौम्य और शांत है, उतना ही शत्रुओं के लिए संहारक भी। इनके माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, जो शीतलता और शांति का प्रतीक है।

देवी का स्वरूप: शांति और वीरता का अद्भुत संगम

माँ चंद्रघंटा का स्वरूप अलौकिक है। स्वर्ण जैसी चमक वाली देवी दस भुजाओं वाली हैं। उनके हाथों में त्रिशूल, गदा, तलवार और धनुष-बाण हैं, जो अधर्म के विनाश का संकेत देते हैं। उनका वाहन सिंह है, जो साहस का प्रतीक है। देवी की आराधना करने से साधक के भीतर छिपे हुए भय का नाश होता है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

आज के दिन का विशेष महत्व (21 मार्च 2026)

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जो भक्त आज के दिन मणिपुर चक्र पर ध्यान केंद्रित करते हैं, उन्हें सिद्धियां प्राप्त होती हैं। माँ चंद्रघंटा की पूजा से न केवल आध्यात्मिक बल मिलता है, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व में एक विशेष आकर्षण और विनम्रता का समावेश होता है।

पूजा की सरल विधि और आज का ‘महा-उपाय’

  • शुभ रंग: आज के दिन ग्रे (स्लेटी) या चमकीले रंगों का प्रयोग करना फलदायी होता है।
  • महा-भोग: माँ को दूध की खीर या केसरिया पेड़ा अर्पित करें। इससे मानसिक तनाव दूर होता है और घर में सुख-शांति आती है।
  • दान का महत्व: आज के दिन ब्राह्मणों या कन्याओं को शक्कर या दूध का दान करना विशेष पुण्यकारी माना जाता है।

मंत्र जो बदल देगा आपकी किस्मत

आज पूजा के समय इस प्रभावशाली मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना चाहिए:

ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः

माँ का संदेश: निर्भय बनें और धर्म का मार्ग चुनें

प्रधानाध्यापक और विद्वानों का मानना है कि माँ चंद्रघंटा का घंटा असुरों के हृदय को कपाने वाला है। इसका अर्थ यह है कि समाज में व्याप्त बुराइयों और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए हमें जागरूक और साहसी होना चाहिए। माँ की कृपा उन पर सदैव रहती है जो दूसरों के प्रति दयालु और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हैं।

विशेष संपादकीय | ग्रामीण तहकीकात

भूमिका:

चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन माँ दुर्गा के ‘ब्रह्मचारिणी’ स्वरूप को समर्पित है। ‘ब्रह्म’ का अर्थ है तपस्या और ‘चारिणी’ का अर्थ है आचरण करने वाली। यह स्वरूप केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि संघर्षों के बीच अडिग रहने और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए किए जाने वाले ‘घोर परिश्रम’ का जीवंत उदाहरण है।

1. माँ का दिव्य स्वरूप और कथा

​दाहिने हाथ में जप की माला और बाएं हाथ में कमंडल धारण किए हुए माँ ब्रह्मचारिणी अत्यंत शांत और भव्य दिखती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए देवी ने हजारों वर्षों तक केवल फल-फूल खाकर और अंत में केवल वायु पर रहकर तपस्या की थी।

सीख: जीवन में बड़ी सफलता (जैसे शक्ति और धन) पाने के लिए ‘शॉर्टकट’ नहीं, बल्कि ‘तप’ (कठिन परिश्रम) की आवश्यकता होती है।

 

2. पूजा की सरल विधि (घर और मंदिर के लिए)

  • पवित्रता: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्वच्छ वस्त्र (पीले या सफेद रंग के) धारण करें।
  • अभिषेक: माँ को पंचामृत से स्नान कराएं और चंदन का तिलक लगाएं।
  • प्रिय पुष्प: माता को सफेद सुगंधित फूल (मोगरा या चमेली) अत्यंत प्रिय हैं।
  • महाप्रसाद: माँ ब्रह्मचारिणी को चीनी, मिश्री और पंचामृत का भोग लगाना चाहिए। मान्यता है कि इससे लंबी आयु और सौभाग्य का वरदान मिलता है।
  • सिद्ध मंत्र: > दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

3. व्रत और आहार: शरीर और मन का शुद्धिकरण

​नवरात्रि का व्रत केवल भूखा रहना नहीं, बल्कि इंद्रियों पर विजय पाना है।

  • सात्विक भोजन: कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की पूरी, साबूदाना खिचड़ी और सेंधा नमक का प्रयोग करें।
  • तरल आहार: गर्मी का समय है, इसलिए नारियल पानी, छाछ और ताजे फलों के रस का अधिक सेवन करें।
  • क्या न करें: मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का त्याग करें। साथ ही, किसी की निंदा या क्रोध करने से बचें।

4. आज के दौर में महत्व

​आज के दौर में माँ ब्रह्मचारिणी का संदेश बहुत प्रासंगिक है। चाहे आप एक पत्रकार हों, किसान हों या व्यापारी—बिना ‘संयम’ और ‘अनुशासन’ के कोई भी युद्ध नहीं जीता जा सकता। कठिन परिस्थितियों में विचलित न होना ही माँ की सच्ची आराधना है।

‘ग्रामीण तहकीकात’ परिवार की ओर से समस्त पाठकों को द्वितीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ!

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

लक्सर/हरिद्वार। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद शासन ने हरिद्वार जिले के लक्सर और हरिद्वार तहसील क्षेत्र में अवैध खनन और भंडारण करने वाले स्टोन क्रेशरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय की टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 14 स्टोन क्रेशरों को सीज कर दिया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई छापेमारी

मुख्यमंत्री को लक्सर और हरिद्वार क्षेत्र में स्थापित स्टोन क्रेशरों द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन और भंडारण की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने प्रवर्तन दल, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, देहरादून को तत्काल मौके पर जाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

नियमों की अनदेखी पर गिरी गाज

आज दिनांक 17 मार्च 2026 को निदेशालय के प्रवर्तन दल ने हरिद्वार तहसील के ग्राम बाडीटीप और लक्सर तहसील के ग्राम फतवा, महतौली, मुजफ्फरपुर गुजरा, नेहन्दपुर और जवाहरखान (झीवरहेडी) में छापेमारी की।

जांच के दौरान इन 14 स्टोन क्रेशरों में भारी अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद विभाग ने निम्नलिखित कदम उठाए:

एम.एम.डी.आर. एक्ट 1957 की धारा 23 सी और उत्तराखंड खनिज नियमावली 2021 के तहत कार्रवाई की गई।  मौके पर पैमाइश करने के बाद सभी 14 क्रेशरों को सीज कर दिया गया।  इन क्रेशरों का ई-रवन्ना पोर्टल तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है।  प्रथम दृष्टया इन पर 10 करोड़ रुपये से अधिक का अर्थदण्ड (जुर्माना) लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इन स्टोन क्रेशरों पर हुई कार्रवाई (सूची):

  1. मै० हाईवे कन्स्ट्रक्शन एण्ड क्रेशर, ग्राम फतवा (लक्सर)
  2. मै० सिंह स्टोन क्रेशर, ग्राम फतवा (लक्सर)
  3. मै० किसान स्टोन क्रेशर, महतौली (लक्सर)
  4. मै० शुभ स्टोन क्रेशर, मुजफ्फरपुर गुजरा (लक्सर)
  5. मै० तुलसी स्टोन क्रेशर, ग्राम मुजफ्फरपुर गुजरा महतौली (लक्सर)
  6. मै० नेशनल एसोसिएट्स, मुजफ्फरपुर गुजरा (लक्सर)
  7. मै० लिमरा इन्डस्ट्रीज, नेहन्दपुर (लक्सर)
  8. मै० दून स्टोन क्रेशर, महतौली (लक्सर)
  9. मै० गणपति स्टोन क्रेशर, जवाहरखान उर्फ झीवरहेडी (लक्सर)
  10. मै० वानिया स्टोन क्रेशर, महतौली (लक्सर)
  11. मै० माँ गंगा स्टोन क्रेशर, बाडीटीप (हरिद्वार)
  12. मै० अलकनन्दा स्टोन क्रेशर, बाडीटीप (हरिद्वार)
  13. मै० एस०एस० स्टोन क्रेशर, बाडीटीप (हरिद्वार)

 

 

प्रवर्तन दल में शामिल अधिकारी

निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय की अध्यक्षता में हुई इस कार्रवाई में उप निदेशक, खान अधिकारी (देहरादून), जिला खान अधिकारी (हरिद्वार), मानचित्रकार, खान निरीक्षक, सर्वेक्षक और सहायक खनिज प्रवर्तक सहित विभाग की पूरी टीम मौजूद रही।