साक्ष्य संकलन में एसआई कल्पना शर्मा को मिला नकद पुरस्कार
संवाददाता ग्रामीण तहकीकात
खानपुर। अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाने के लिए अब खानपुर पुलिस और भी अधिक हाईटेक और वैज्ञानिक तरीके अपनाएगी। रविवार को कोतवाली खानपुर में फील्ड यूनिट हरिद्वार के विशेषज्ञों द्वारा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ‘क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन’ (CSI) और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
‘डेमो क्राइम सीन’ के जरिए सीखीं बारीकियां
प्रशिक्षण के दौरान कोतवाली परिसर में एक कृत्रिम यानी ‘डेमो क्राइम सीन’ तैयार किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने पुलिसकर्मियों को बताया कि अपराध स्थल पर पहुँचते ही सबसे पहले क्षेत्र को कैसे सुरक्षित किया जाए। फील्ड यूनिट के स्टाफ ने फिंगरप्रिंट (उंगलियों के निशान), फुटप्रिंट (पैरों के निशान) और अन्य महत्वपूर्ण जैविक व वैज्ञानिक साक्ष्यों को बिना नष्ट किए एकत्र करने की बारीकियां सिखाईं।
महिला उपनिरीक्षक कल्पना शर्मा को मिला सम्मान
इस अभ्यास सत्र के दौरान साक्ष्यों के सटीक संकलन और ‘फुटप्रिंट’ उठाने के बेहतरीन प्रदर्शन के लिए महिला उपनिरीक्षक कल्पना शर्मा की विशेष सराहना की गई। प्रभारी निरीक्षक खानपुर ने उन्हें उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया, जिससे अन्य पुलिसकर्मियों का भी उत्साहवर्धन हुआ।
वैज्ञानिक साक्ष्य ही दिलाएंगे अपराधियों को सजा
फील्ड यूनिट के विशेषज्ञों ने जोर देते हुए कहा कि आधुनिक युग में चश्मदीद गवाहों से ज्यादा वैज्ञानिक साक्ष्य (Forensic Evidence) किसी भी मामले को सुलझाने और कोर्ट में अपराधियों को सजा दिलाने में सबसे कारगर साबित होते हैं। इसलिए प्रत्येक विवेचक (Investigator) को साक्ष्य संकलन की तकनीकी जानकारी होना अनिवार्य है।
पुलिस की कार्यक्षमता में होगा सुधार
इस विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से खानपुर पुलिस के मनोबल और कार्यक्षमता में बड़ी वृद्धि देखी गई है। माना जा रहा है कि इस तकनीक के इस्तेमाल से भविष्य में हत्या, लूट और चोरी जैसे जटिल आपराधिक मामलों के खुलासे में खानपुर पुलिस को खासी मदद मिलेगी।
