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Day: April 12, 2026

 

राष्ट्रीय वीर गुर्जर सेना ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

देहरादून। राजधानी के प्रतिष्ठित डीएवी पीजी कॉलेज में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम विवादों के घेरे में आ गया है। कार्यक्रम में आमंत्रित प्रसिद्ध हरियाणवी गायक मासूम शर्मा पर खुले मंच से छात्र-छात्राओं के बीच अभद्र और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने का गंभीर आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो का हवाला देते हुए राष्ट्रीय वीर गुर्जर सेना ने इस पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ओमवीर चौधरी ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपनी मर्यादा और संस्कृति के लिए जानी जाती है, लेकिन शिक्षा के मंदिर में कलाकारों द्वारा इस तरह की गाली-गलौज और फूहड़ता परोसना बर्दाश्त से बाहर है। चौधरी ने कहा कि मंच से दी गई गालियों का युवाओं के मानस पटल पर अत्यंत दूषित प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने शासन-प्रशासन और उत्तराखंड सरकार से मांग की है कि गायक मासूम शर्मा के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने इस प्रकरण में संज्ञान लेकर सख्त कदम नहीं उठाए, तो राष्ट्रीय वीर गुर्जर सेना सड़कों पर उतरकर एक बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी।

 

  • राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल का तीखा हमला- “बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना कब तक बनोगे?”, प्रतिमा के स्वरूप और बजट पर भी उठे गंभीर सवाल; RTI और आंदोलन की आहट।

संपादक नवीन कुमार (दैनिक ग्रामीण तहकीकात अखबार)

झबरेड़ा। झबरेड़ा इकबालपुर रोड़ पर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक के लोकार्पण समारोह ने क्षेत्र में एक नए राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है, जहाँ क्षेत्रीय विधायक वीरेंद्र जाति को न केवल विपक्ष बल्कि ‘अपनों’ की बेरुखी और सार्वजनिक आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। लोकार्पण पट्टिका पर अंकित मुख्यमंत्री की घोषणा के श्रेय को लेकर मचे घमासान के बीच, नगर पंचायत झबरेड़ा की अनुपस्थिति ने इस कार्यक्रम पर ‘प्रशासनिक बहिष्कार’ की मुहर लगा दी है। ज्ञात हो कि इस चौक का निर्माण निकाय के लगभग 12.50 लाख रुपये के बजट से हुआ है, बावजूद इसके नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण चौधरी और निकाय कर्मचारियों की गैर-मौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. गौरव चौधरी की अनुपस्थिति ने संगठन के भीतर की गुटबाजी को भी उजागर कर दिया है। सबसे गंभीर सवाल प्रतिमा के स्वरूप और ऊंचाई को लेकर उठ रहे हैं, जिसे लेकर बहुजन समाज के नेताओं ने विधायक पर ‘उपेक्षा’ के आरोप जड़े हैं। वहीं आजाद समाज पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह ने इसे बाबा साहेब का अपमान करार देते हुए कहा कि “प्रतिमा का कद इतना छोटा रखना कि वह पास खड़े व्यक्ति के कद से भी कम लगे, समाज की भावनाओं से खिलवाड़ है। हम आरटीआई के माध्यम से 12.50 लाख के बजट का हिसाब मांगेंगे और यदि सुधार नहीं हुआ तो समाज स्वयं के व्यय पर आदमकद प्रतिमा स्थापित करेगा।” भीम आर्मी के प्रदेश महासचिव सुशील पाटिल ने भी तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि हाईवे जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर प्रतिमा का रेलिंग से भी नीचे होना कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर संदेह पैदा करता है, जिसके विरुद्ध बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। दूसरी ओर, आरोपों के घेरे में आए विधायक वीरेंद्र जाति ने इन सवालों को ‘डिजाइन और इंजीनियरिंग’ का तकनीकी मामला बताते हुए जांच की बात कही है, हालांकि प्रतिमा के स्वरूप पर वे कोई ठोस स्पष्टीकरण नहीं दे पाए। इस बीच, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल ने विधायक को आड़े हाथों लिया और दो-टूक शब्दों में कहा कि “बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना कब तक बनोगे? यदि समाज की इतनी ही फिक्र है, तो विधायक निधि के 5 करोड़ से अन्य गांवों में भी प्रतिमाएं लगवाएं।” कर्णवाल ने स्पष्ट किया कि यह चौक उनके प्रस्ताव पर 2021-22 में मुख्यमंत्री की घोषणा का परिणाम है, जिसका श्रेय लेने की विधायक की कोशिश ‘हास्यास्पद’ है। प्रतिमा के स्वरूप ने इस आग में घी का काम किया है; कुल मिलाकर, यह ‘अधूरा’ लोकार्पण विधायक के लिए न केवल राजनीतिक चुनौती बन गया है, बल्कि बहुजन समाज के बढ़ते असंतोष ने उनकी भविष्य की राह को भी संघर्षपूर्ण बना दिया है।