हरिद्वार। जनता की समस्याओं को ठंडे बस्ते में डालने वाले अफसरों की अब खैर नहीं। सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित बेहद सख्त तेवर में नजर आए। उनके सामने कुल 76 शिकायतें आईं, जिनमें से उन्होंने मौके पर ही 34 का समाधान कर फरियादियों को राहत दी। बाकी बची फाइलों को विभागों को सौंपते हुए डीएम ने दो-टूक कहा— “जनता को चक्कर लगवाना बंद करें, वरना कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।”
समीक्षा के दौरान जब सीएम हेल्पलाइन (1905) का कच्चा चिट्ठा खुला, तो जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया। एल-1 और एल-2 स्तर पर सैकड़ों शिकायतें पेंडिंग देख उन्होंने अधिकारियों को जमकर लताड़ा। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि अधिकारी सिर्फ कागजी खानापूर्ति न करें, बल्कि सीधे शिकायतकर्ता को फोन लगाकर पूछें कि क्या वे समाधान से संतुष्ट हैं। बैठक में जमीन कब्जा, नहर मरम्मत और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामले छाए रहे, जिस पर डीएम ने तत्काल स्थलीय निरीक्षण के आदेश दिए हैं।
विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम
