हरिद्वार। अब गांव की महिलाएं सिर्फ चूल्हा-चौका तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि घर बैठे अपना बिजनेस साम्राज्य खड़ा करेंगी। हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के विजन को धरातल पर उतारते हुए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ललित नारायण मिश्रा ने सोमवार को ‘क्लाउड किचन’ ट्रेनिंग के दूसरे चरण का शानदार आगाज किया। हरिद्वार प्रदेश का ऐसा पहला जिला बन गया है, जहां ग्रामीण महिलाओं को इस आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें ‘फूड एंटरप्रेन्योर’ बनाया जा रहा है।
ट्रेनिंग की शुरुआत करते हुए सीडीओ ने साफ कहा कि सिडकुल जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में घर के खाने की भारी डिमांड है। महिलाएं क्लाउड किचन के जरिए इस डिमांड को पूरा कर शानदार कमाई कर सकती हैं। खास बात यह है कि पहले फेज की 25 महिलाएं ‘गंगा रसोई’ के नाम से सफलता के झंडे गाड़ रही हैं, और अब दूसरे चरण में जिले के सभी ब्लॉकों की 30 और महिलाओं को इसमें माहिर बनाया जा रहा है। प्रशासन न सिर्फ ट्रेनिंग दे रहा है, बल्कि ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना’ के तहत रजिस्ट्रेशन, फूड लाइसेंस और लोन दिलाने में भी पूरी मदद कर रहा है।
विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम
