ग्रामीण तहकीकात संवाददाता
हरिद्वार। आगामी चारधाम यात्रा-2026 को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है, जिसके तहत बुधवार को राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA व USDMA) के तत्वावधान में हरिद्वार आपदा कंट्रोल रूम में एक महत्वपूर्ण ‘टेबल टॉप एक्सरसाइज’ आयोजित की गई। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में यात्रा को लेकर 26 नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो पंजीकरण, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सुचारू यातायात जैसी व्यवस्थाओं की कमान संभालेंगे। बैठक में विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अतिवृष्टि और भूस्खलन जैसे जोखिमों को देखते हुए संसाधनों की जीआईएस मैपिंग और त्वरित राहत के लिए इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया है। अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान ने बताया कि तीर्थयात्रियों की सुविधा हेतु ऋषिकुल मैदान में 20 काउंटरों वाला ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र तैयार किया जा रहा है, साथ ही एनएचएआई, बीआरओ और एसडीआरएफ जैसी एजेंसियों को संवेदनशील स्थलों पर मशीनरी के साथ तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा की स्थिति में ‘शून्य जनहानि’ के लक्ष्य को परखने के लिए आगामी 10 अप्रैल को एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा, ताकि धरातल पर सभी विभागों के समन्वय और कार्यकुशलता की वास्तविक जांच की जा सके। इस महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक में एसपी ट्रैफिक निशा यादव, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत सहित सेना व अर्धसैनिक बलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
