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मुजफ्फरनगर

 

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के प्रशासनिक गलियारों में मंगलवार को एक अलग ही नजारा था। जब जिले के बड़े-बड़े अफसर कुर्सियों से उठे और वहां मेधावी बेटियों ने मोर्चा संभाला। उत्तर प्रदेश सरकार के ‘मिशन शक्ति 5.0’ के तहत जिले की कमान एक दिन के लिए बेटियों के हाथों में सौंप दी गई। मेधावी छात्रा दिव्यांशी यादव ने एक दिन की जिलाधिकारी (DM) बनकर न सिर्फ फाइलें देखीं, बल्कि जनसमस्याओं को सुलझाने के गुर भी सीखे।

वहीं, कानून व्यवस्था का जिम्मा प्रिया यादव के कंधों पर रहा, जिन्होंने एक दिन की एसएसपी (SSP) बनकर पुलिसिंग की बारीकियों को समझा। सिर्फ DM-SSP ही नहीं, बल्कि मानशी वर्मा ने सीडीओ और आरती व अंजली ने एडीएम बनकर जिले की व्यवस्थाएं परखीं। असली अधिकारियों की मौजूदगी में बेटियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ जनता के प्रति अपनी जवाबदेही को समझा। प्रशासन ने इन ‘नन्ही अधिकारियों’ को डिक्शनरी और पेन भेंट कर सम्मानित किया। इस अनूठी पहल ने समाज को साफ संदेश दिया है कि अगर मौका मिले, तो बेटियां जिले से लेकर देश तक की तकदीर बदल सकती हैं।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

 

मुजफ्फरनगर। पुलिस महकमे में ईमानदारी और मेहनत का इनाम जब मिलता है, तो पूरे महकमे का सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है। मंगलवार को मुजफ्फरनगर पुलिस कार्यालय में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा और एसपी ट्रैफिक अतुल कुमार चौबे ने खतौली थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर नरेश कुमार को पदोन्नति का तोहफा दिया। एसएसपी ने नरेश कुमार के कंधों पर निरीक्षक (इंस्पेक्टर) का तीसरा सितारा लगाकर उन्हें सम्मानित किया।

पदोन्नति मिलने पर एसएसपी ने खुद इंस्पेक्टर नरेश कुमार का मुंह मीठा कराया और उनके अब तक के शानदार कार्यकाल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह ‘तीसरा सितारा’ सिर्फ पद की बढ़ोत्तरी नहीं है, बल्कि जनता के प्रति जिम्मेदारी और विभाग के भरोसे का प्रतीक है। एसएसपी ने उम्मीद जताई कि नरेश कुमार अपनी नई भूमिका में और अधिक ऊर्जा और ईमानदारी के साथ अपराध नियंत्रण और जनसेवा को प्राथमिकता देंगे। इस मौके पर साथी पुलिसकर्मियों ने भी नवनियुक्त इंस्पेक्टर को बधाई दी, जिससे पूरे कार्यालय में उत्साह का माहौल रहा।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

सेवइयों की मिठास और गले मिलकर दूर हुई दूरियां

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात

हरिद्वार/नई दिल्ली। एक महीने के मुकद्दस रमजान और कठिन इबादत के बाद आज पूरे देश में ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे अकीदत और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह की पहली किरण के साथ ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों का सैलाब उमड़ पड़ा। हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर राजधानी दिल्ली की जामा मस्जिद तक, हर तरफ ‘ईद मुबारक’ की गूंज और आपसी भाईचारे का अद्भुत नजारा देखने को मिला।

नमाज के बाद मुल्क की खुशहाली के लिए उठे हाथ

आज सुबह ईदगाहों में हजारों की संख्या में मुस्लिम भाइयों ने सफों में खड़े होकर एक साथ नमाज अदा की। नमाज के बाद इमाम साहब ने मुल्क में अमन, चैन, शांति और तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी। नमाज संपन्न होते ही लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। बच्चों में ‘ईदी’ को लेकर विशेष उत्साह देखा गया, वहीं मेलों में खिलौनों और झूलों का आनंद लेने के लिए भारी भीड़ जुटी।

गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल: नवरात्रि और ईद एक साथ

इस बार की ईद बेहद खास है क्योंकि एक तरफ चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है और दूसरी तरफ ईद की खुशियां मनाई जा रही हैं। हरिद्वार, रुड़की और झबरेड़ा क्षेत्र में यह नजारा हमारी साझा संस्कृति (गंगा-जमुनी तहजीब) का प्रतीक बना। हिंदू भाइयों ने ईदगाहों के बाहर पहुंचकर मुस्लिम भाइयों का स्वागत किया और गले मिलकर उन्हें बधाई दी। यह दृश्य बताता है कि भारत की एकता ही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है।

सेवइयों की मिठास और दावतों का दौर

ईद के मौके पर घरों में सुबह से ही विशेष पकवान और ‘शीर-खुरमा’ (सेवइयां) बनाने का दौर जारी है। मेहमानों का स्वागत मिठास के साथ किया जा रहा है। मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि यह त्योहार हमें सिखाता है कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है और आपसी प्रेम ही समाज की सबसे बड़ी पूंजी है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

त्योहार के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा। ड्रोन कैमरों से भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की गई। प्रशासन ने शांतिपूर्ण तरीके से नमाज संपन्न होने पर सभी को धन्यवाद दिया और बधाई दी।

 

हरिद्वार। “या देवी सर्वभूतेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता…” के जयघोष के साथ आज चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन श्रद्धा का सैलाब उमड़ रहा है। आज का दिन आदि-शक्ति के ‘माँ चंद्रघंटा’ स्वरूप को समर्पित है। देवी का यह रूप जितना सौम्य और शांत है, उतना ही शत्रुओं के लिए संहारक भी। इनके माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, जो शीतलता और शांति का प्रतीक है।

देवी का स्वरूप: शांति और वीरता का अद्भुत संगम

माँ चंद्रघंटा का स्वरूप अलौकिक है। स्वर्ण जैसी चमक वाली देवी दस भुजाओं वाली हैं। उनके हाथों में त्रिशूल, गदा, तलवार और धनुष-बाण हैं, जो अधर्म के विनाश का संकेत देते हैं। उनका वाहन सिंह है, जो साहस का प्रतीक है। देवी की आराधना करने से साधक के भीतर छिपे हुए भय का नाश होता है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

आज के दिन का विशेष महत्व (21 मार्च 2026)

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जो भक्त आज के दिन मणिपुर चक्र पर ध्यान केंद्रित करते हैं, उन्हें सिद्धियां प्राप्त होती हैं। माँ चंद्रघंटा की पूजा से न केवल आध्यात्मिक बल मिलता है, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व में एक विशेष आकर्षण और विनम्रता का समावेश होता है।

पूजा की सरल विधि और आज का ‘महा-उपाय’

  • शुभ रंग: आज के दिन ग्रे (स्लेटी) या चमकीले रंगों का प्रयोग करना फलदायी होता है।
  • महा-भोग: माँ को दूध की खीर या केसरिया पेड़ा अर्पित करें। इससे मानसिक तनाव दूर होता है और घर में सुख-शांति आती है।
  • दान का महत्व: आज के दिन ब्राह्मणों या कन्याओं को शक्कर या दूध का दान करना विशेष पुण्यकारी माना जाता है।

मंत्र जो बदल देगा आपकी किस्मत

आज पूजा के समय इस प्रभावशाली मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना चाहिए:

ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः

माँ का संदेश: निर्भय बनें और धर्म का मार्ग चुनें

प्रधानाध्यापक और विद्वानों का मानना है कि माँ चंद्रघंटा का घंटा असुरों के हृदय को कपाने वाला है। इसका अर्थ यह है कि समाज में व्याप्त बुराइयों और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए हमें जागरूक और साहसी होना चाहिए। माँ की कृपा उन पर सदैव रहती है जो दूसरों के प्रति दयालु और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हैं।

विशेष संपादकीय | ग्रामीण तहकीकात

भूमिका:

चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन माँ दुर्गा के ‘ब्रह्मचारिणी’ स्वरूप को समर्पित है। ‘ब्रह्म’ का अर्थ है तपस्या और ‘चारिणी’ का अर्थ है आचरण करने वाली। यह स्वरूप केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि संघर्षों के बीच अडिग रहने और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए किए जाने वाले ‘घोर परिश्रम’ का जीवंत उदाहरण है।

1. माँ का दिव्य स्वरूप और कथा

​दाहिने हाथ में जप की माला और बाएं हाथ में कमंडल धारण किए हुए माँ ब्रह्मचारिणी अत्यंत शांत और भव्य दिखती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए देवी ने हजारों वर्षों तक केवल फल-फूल खाकर और अंत में केवल वायु पर रहकर तपस्या की थी।

सीख: जीवन में बड़ी सफलता (जैसे शक्ति और धन) पाने के लिए ‘शॉर्टकट’ नहीं, बल्कि ‘तप’ (कठिन परिश्रम) की आवश्यकता होती है।

 

2. पूजा की सरल विधि (घर और मंदिर के लिए)

  • पवित्रता: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्वच्छ वस्त्र (पीले या सफेद रंग के) धारण करें।
  • अभिषेक: माँ को पंचामृत से स्नान कराएं और चंदन का तिलक लगाएं।
  • प्रिय पुष्प: माता को सफेद सुगंधित फूल (मोगरा या चमेली) अत्यंत प्रिय हैं।
  • महाप्रसाद: माँ ब्रह्मचारिणी को चीनी, मिश्री और पंचामृत का भोग लगाना चाहिए। मान्यता है कि इससे लंबी आयु और सौभाग्य का वरदान मिलता है।
  • सिद्ध मंत्र: > दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

3. व्रत और आहार: शरीर और मन का शुद्धिकरण

​नवरात्रि का व्रत केवल भूखा रहना नहीं, बल्कि इंद्रियों पर विजय पाना है।

  • सात्विक भोजन: कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की पूरी, साबूदाना खिचड़ी और सेंधा नमक का प्रयोग करें।
  • तरल आहार: गर्मी का समय है, इसलिए नारियल पानी, छाछ और ताजे फलों के रस का अधिक सेवन करें।
  • क्या न करें: मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का त्याग करें। साथ ही, किसी की निंदा या क्रोध करने से बचें।

4. आज के दौर में महत्व

​आज के दौर में माँ ब्रह्मचारिणी का संदेश बहुत प्रासंगिक है। चाहे आप एक पत्रकार हों, किसान हों या व्यापारी—बिना ‘संयम’ और ‘अनुशासन’ के कोई भी युद्ध नहीं जीता जा सकता। कठिन परिस्थितियों में विचलित न होना ही माँ की सच्ची आराधना है।

‘ग्रामीण तहकीकात’ परिवार की ओर से समस्त पाठकों को द्वितीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ!

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में जनपदभर में ‘मिशन शक्ति-5.0’ अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण व सुरक्षा के लिए व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। जनपद के समस्त थानों की एंटी रोमियो टीमों ने स्कूल-कॉलेजों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर बालिकाओं को वुमेन पावर लाइन-1090, डायल-112, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 सहित विभिन्न आपातकालीन नंबरों की विस्तृत जानकारी दी। अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने पंफलेट वितरित कर निराश्रित महिला पेंशन, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और आयुष्मान जैसी सरकारी योजनाओं के बारे में बताते हुए महिलाओं को स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया। शासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा और सम्मान का वातावरण बनाना है, ताकि वे किसी भी विषम परिस्थिति में पुलिस सहायता प्राप्त करने के साथ-साथ अपने अधिकारों के प्रति सजग रह सकें।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

मुजफ्फरनगर। थाना नई मंडी पुलिस ने शांतिनगर में हुई बड़ी चोरी की घटना का सफल अनावरण करते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 12 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने रवि पुत्र मदन निवासी चरथावल को पचेण्डा बाईपास के पास से दबोचा। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि अभियुक्त रवि पेशे से बढ़ई है और उसी ने पीड़ित प्रदीप को शांतिनगर में किराए का कमरा दिलवाया था। पड़ोस में ही दुकान होने के कारण उसका घर आना-जाना था और इसी दौरान उसने अलमारी में रखे जेवरात देख लिए थे। 13 मार्च को जब पीड़ित परिवार शादी में गया था, तभी अभियुक्त ने डुप्लीकेट चाबी से गेट खोलकर अलमारी से भारी मात्रा में आभूषण चोरी कर लिए थे। प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने पतारसी-सुरागरसी के माध्यम से अभियुक्त को उस समय दबोच लिया जब वह चोरी के जेवरात बेचने की फिराक में था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया है।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

मुजफ्फरनगर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा एवं एसपी अपराध इन्दु सिद्धार्थ के कुशल निर्देशन में मुजफ्फरनगर का साइबर थाना डिजिटल अपराधों के विरुद्ध एक अभेद्य ढाल बनकर उभरा है। सुल्तान सिंह के नेतृत्व में साइबर टीम न केवल जटिल तकनीकी मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा कर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज रही है, बल्कि पीड़ितों की गाढ़ी कमाई वापस दिलाने में भी तत्परता से जुटी है। अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के साथ-साथ साइबर पुलिस द्वारा स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर चलाए जा रहे व्यापक जागरूकता अभियान डिजिटल युग में आमजन के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रहे हैं। इन सेमिनारों के माध्यम से नागरिकों को अनजान लिंक, फर्जी कॉल और व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने के प्रति सचेत किया जा रहा है, जिससे समाज में एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण निर्मित हो रहा है। तकनीकी ज्ञान और जन-सहभागिता के बेहतरीन समन्वय से कार्य कर रही साइबर पुलिस की यह दोहरी रणनीति आज जिले में उत्कृष्ट पुलिसिंग और सुशासन का एक सशक्त उदाहरण पेश कर रही है।

ग्रामीण तहकीकात 

मुजफ्फरनगर। जनपद में उत्तर प्रदेश पुलिस उप-निरीक्षक (SI) भर्ती की लिखित परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। परीक्षा के दूसरे दिन, रविवार को सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) नगर/क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ के. मिश्रा ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

17 केंद्रों पर दो पालियों में हो रही है परीक्षा

अवगत कराना है कि जनपद मुजफ्फरनगर में 14 और 15 मार्च को 17 निर्धारित केंद्रों पर प्रतिदिन दो पालियों में इस परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

व्यवस्थाओं का लिया जायजा, दिए निर्देश

निरीक्षण के दौरान ASP सिद्धार्थ मिश्रा ने परीक्षा केंद्रों पर लगे CCTV कैमरों, मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षा घेरे और अभ्यर्थियों की चेकिंग प्रक्रिया का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने केंद्र पर:

  • अभ्यर्थियों के मोबाइल, बैग और अन्य सामान जमा करने की व्यवस्था।
  • पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता।
  • ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल की मुस्तैदी को परखा।

लापरवाही पर सख्त हिदायत

ASP नगर ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि परीक्षा को पूरी तरह ‘कॉपी-मुक्त’ और पारदर्शी बनाना प्राथमिकता है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास भी पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।