ग्रामीण तहकीकात संवाददाता
भगवानपुर। आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही भगवानपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनैतिक समीकरण तेजी से बदलने लगे हैं। ‘ग्रामीण तहकीकात’ की टीम द्वारा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण व शहरी इलाकों में की गई व्यापक ग्राउंड ज़ीरो रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि इस बार स्थानीय मतदाताओं का झुकाव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रति अधिक देखा जा रहा है।
हाल ही में भाजपा द्वारा संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर चलाए जा रहे ‘समरसता संकल्प अभियान’ के बाद से क्षेत्र के दलित, पिछड़े और सर्वसमाज में भाजपा के प्रति आकर्षण और गहरा हुआ है। जनभावनाओं के अनुसार, प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली और विकास नीतियों को जनता काफी पसंद कर रही है। क्षेत्र के बड़े वर्ग का मानना है कि वर्ष 2027 में भी प्रदेश की कमान मुख्यमंत्री धामी के हाथों में ही रहनी चाहिए, जिससे विकास की रफ्तार बनी रहे।
जनभावनाओं और वर्तमान माहौल के राजनीतिक विश्लेषण के अनुसार, इस समय क्षेत्र में भाजपा मुख्य दौड़ में सबसे आगे नजर आ रही है, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दूसरे स्थान पर और नए सियासी समीकरणों के साथ आजाद समाज पार्टी (आसपा) तीसरे कोण के रूप में उभरती दिख रही है।
भाजपा खेमे में भी टिकट की दावेदारी को लेकर कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। ‘ग्रामीण तहकीकात’ के सर्वे और जनचर्चा के अनुसार, दावेदारों की दौड़ में वरिष्ठ भाजपा नेता सुशील पेगोवाल सबसे आगे और जनता की पहली पसंद के रूप में उभरकर सामने आ रहे हैं। क्षेत्रवासियों के बीच सुशील पेगोवाल के सहज स्वभाव, निरंतर जनसेवा और हर सुख-दुख में मौजूदगी की विशेष सराहना की जा रही है। स्थानीय लोगों की मांग है कि पार्टी आलाकमान को इस बार एक समर्पित और स्थानीय कार्यकर्ता को अवसर देना चाहिए। वहीं, भाजपा में दावेदारों की इस कतार में दूसरे स्थान पर सत्यपाल मास्टर तथा तीसरे स्थान पर जॉनी प्रधान (केसरिया) भी अपनी-अपनी दावेदारी मजबूती से पेश कर रहे हैं।
दूसरी ओर, इस क्षेत्र में लंबे समय से कांग्रेस की ओर से वर्तमान विधायक ममता राकेश एक बार फिर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों और स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि कभी विधायक ममता राकेश के सहयोगी रहे अमित कुमार द्वारा आजाद समाज पार्टी का दामन थाम लेने से पारंपरिक वोटों का बंटवारा तय माना जा रहा है।
क्षेत्रीय चर्चाओं के अनुसार, अमित कुमार की मौजूदगी मुख्य रूप से पारंपरिक कांग्रेस वोट बैंक में सेंध लगाती दिख रही है, जिससे विपक्षी खेमे का गणित प्रभावित हो सकता है। इसके विपरीत, भाजपा के प्रति सर्वसमाज का समर्थन देखने को मिल रहा है। भगवानपुर क्षेत्र को पारंपरिक रूप से एक दल विशेष का गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन लंबे समय बाद इस बार स्थानीय जनमानस बदलाव की ओर रुख करता दिख रहा है, जिससे सत्तारूढ़ भाजपा के लिए परिस्थितियां काफी अनुकूल नजर आ रही हैं।

