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Day: July 28, 2026

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

मंगलौर। कांवड़ यात्रा 2026 को शांतिपूर्ण, सुगम और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए मंगलोर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। कांवड़ मेले के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा यातायात को सुचारू रखने के लिए पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) मंगलौर अभिनय चौधरी ने सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं।मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए सीओ मंगलौर अभिनय चौधरी ने कड़ा संदेश दिया कि, “कांवड़ यात्रा के दौरान शांति व्यवस्था, अनुशासन और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस प्रशासन द्वारा कांवड़ मार्ग, संवेदनशील स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान हुड़दंग, उपद्रव या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असमाजिक तत्वों पर पुलिस प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। यदि कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है या माहौल खराब करने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी सूरत में उपद्रवियों पर रहम नहीं बरता जाएगा।

पुलिस द्वारा जारी मुख्य दिशानिर्देश:

1. डीजे की आवाज नियमानुसार रखें: कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे वाहनों में ध्वनि प्रदूषण के तय मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।

2. कांवड़ की ऊंचाई का ध्यान रखें: हादसों से बचाव हेतु कांवड़ की ऊंचाई निर्धारित मानक के अनुसार ही होनी चाहिए।

3. यातायात नियमों का पालन करें: कांवड़ यात्रियों और आमजन से अपील की गई है कि वे यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें ताकि जाम की स्थिति न बने।

सीओ मंगलौर अभिनय चौधरी ने कहा कि हरिद्वार आने वाले शिवभक्तों और श्रद्धालुओं का स्वागत है और उनकी सुविधा व सुरक्षा के लिए पुलिस बल 24 घंटे मुस्तैद रहेगा, लेकिन शांति व कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शरारती तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

रुड़की। प्रधान संगठन विकास खंड रुड़की के अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत सुल्तानपुर साबतवाली के प्रधान श्रवण कुमार के नेतृत्व में ब्लॉक के प्रधानों ने उपजिलाधिकारी दीपक रामचंद्र सेठ रुड़की के माध्यम से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित हरिद्वार को एक ज्ञापन सौंपकर रुड़की के प्रधान मुख्य डाकघर परिसर स्थित आधार सेंटर पर कर्मचारियों की तानाशाही, मनमानी और बदसलूकी पर कड़ा आक्रोश जताया है। ज्ञापन में अवगत कराया गया कि 25 जुलाई को जब वे अपनी भांजी का आधार कार्ड बनवाने डाकघर पहुंचे, तो कड़ी धूप में बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को घंटों लाइन में खड़ा रखा गया, जबकि अंदर कर्मचारियों द्वारा अपने चहेतों का काम बिना लाइन के सीधे किया जा रहा था।

 

मामले पर कड़ा ऐतराज जताते हुए प्रधान संगठन ब्लॉक रुड़की अध्यक्ष श्रवण कुमार ने कहा, “भारत सरकार और राज्य सरकार आम जनता को हर संभव सुविधा देने के लिए दिन-रात काम कर रही हैं, लेकिन सरकारी तंत्र से जुड़े कुछ कर्मचारी अपनी तानाशाही और अभद्र व्यवहार से सरकार की नीतियों को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। आधार सेंटर पर घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद लोगों को यह कहकर वापस लौटा दिया जाता है कि दस्तावेज पूरे नहीं हैं, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यदि आधार सेंटर पर तैनात कर्मचारियों और गार्ड का आम जनता के प्रति यह मनमाना और तानाशाही रवैया तुरंत नहीं बदला, तो प्रधान संगठन हरिद्वार चुप नहीं बैठेगा और इस जनसमस्या को लेकर माननीय मुख्यमंत्री जी से मिलने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।”

प्रधान संगठन ने मांग की है कि कड़ी धूप से बचाव के लिए लाइन के ऊपर शेड व पंखों की व्यवस्था की जाए, स्टाफ व सिफारिशी लोगों के लिए अलग काउंटर बनाया जाए तथा आवश्यक प्रपत्रों की जानकारी पहले ही बोर्ड पर स्पष्ट की जाए ताकि लोगों को परेशान न होना पड़े।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

हरिद्वार। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा दायर मुकदमों पर सुनवाई करते हुए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) हरिद्वार के न्यायालय ने बड़ी कार्रवाई की है। न्यायालय ने मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने, बिना लाइसेंस कारोबार करने व मानकों का उल्लंघन करने वाले 10 खाद्य कारोबारकर्ताओं पर कुल 2 लाख 65 हजार का भारी जुर्माना अधिरोपित किया है, जिसे 7 दिनों के भीतर जमा करने के सख्त आदेश दिए गए हैं।

 

किन-किन प्रतिष्ठानों पर लगा जुर्माना:

1. पंजाबी तड़का रेस्टोरेंट (हरिद्वार-दिल्ली हाईवे): पंजीयन संबंधी अनियमितताओं पर ₹50 हजार का जुर्माना।

2. मां शाकुम्भरी भोजनालय (बहादराबाद): बिना फूड लाइसेंस व्यापार, गंदगी व बिल न देने पर ₹50 हजार का जुर्माना।

3. स्पेशल बर्फी वाला (रानीपुर झाल): मावा बर्फी में मैदा मिलाने और बिना लाइसेंस मिठाई बनाने पर ₹5,000 जुर्माना।

4. शिवालिक नगर स्थित होटल: अधोमानक पनीर और बिल पर 14 अंकों का लाइसेंस नंबर न होने पर ₹25 हजार जुर्माना।

5. नूर अहमद मावा भण्डार (तुगलकपुर, खानपुर): फैट कम पाए जाने वाले अधोमानक पनीर पर ₹25 हजार जुर्माना।

6. मावा निर्माण इकाई (झिडियान ग्रांट, भगवानपुर): स्किम्ड मिल्क पाउडर व वनस्पति से नकली मावा बनाने पर ₹25 हजार जुर्माना (मौके पर 1 क्विंटल मावा नष्ट भी कराया गया था)।

7. मां जय दुर्गा ढाबा (मां चण्डी देवी मंदिर परिसर): बेसन का नमूना अधोमानक मिलने व रजिस्ट्रेशन न होने पर ₹25 हजार जुर्माना।

8. बरकत डेयरी (ग्राम मुंडेत, मंगलौर): वनस्पति युक्त रिफाइंड तेल से बने अधोमानक पनीर पर ₹25 हजार जुर्माना।

9. सूर्या डेयरी (ऋषिकुल विद्यापीठ, हरिद्वार): अधोमानक पनीर बेचने पर ₹25 हजार जुर्माना।

10. बालाजी स्वीट्स (लालकुर्ती, रुड़की): जांच में अधोमानक पाए गए सफेद रसगुल्ले पर ₹10 हजार का जुर्माना।

 

 

खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेश पाण्डेय एवं केशव टंडन द्वारा विभिन्न तिथियों पर की गई छापेमारी के आधार पर ये मुकदमे दायर किए गए थे। एडीएम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित कारोबारियों ने 7 दिन के भीतर जुर्माने की राशि जमा नहीं की, तो इसकी वसूली भू-राजस्व की भांति सख्ती से की जाएगी।