• मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को पलीता लगाने की कोशिश!
• ग्रामीण तहकीकात टीम ने मौके पर की पड़ताल; फोटोग्राफी और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित
• ग्राम प्रधान ने साधी चुप्पी, अवकाश के चलते संबंधित अधिकारी से नहीं हो सका संपर्क
ग्रामीण तहकीकात टीम
नारसन। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और गड़बड़ियों को रोकने के लिए मनरेगा व्यवस्था को अपग्रेड करते हुए ‘वीबी जी राम जी‘ डिजिटल प्रणाली लागू की गई थी, ताकि फर्जीवाड़े और कागजी हाजिरी पर पूरी तरह नकेल कसी जा सके। इसके बावजूद नारसन ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत बसवाखेड़ी में इस व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्राम पंचायत बसवाखेड़ी में सर्व मौसम सड़क निर्माण आदि कार्यों के ई-मस्टररोल रिकॉर्ड के अनुसार 24, 25 और 26 अगस्त को प्रतिदिन 101-101 मजदूरों की ऑनलाइन उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज दिखाई गई। इसके विपरीत जब ग्रामीण तहकीकात टीम द्वारा निर्धारित तिथियों में मौके पर जाकर पड़ताल की गई, तो धरातल पर कोई भी मजदूर कार्य करता हुआ नहीं मिला। टीम द्वारा इस संबंध में मौके की फोटोग्राफी और ऑनलाइन डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए गए हैं।
वहीं, इस पूरे मामले पर जब ग्राम प्रधान संजीत कुमार से वार्ता करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने पत्रकारों से बात करना उचित नहीं समझा। उधर संबंधित अधिकारी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन सरकारी अवकाश होने के कारण उनसे वार्ता नहीं हो सकी; जैसे ही उनसे संपर्क स्थापित होता है, उनका पक्ष समाचार पत्र के अगले अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।



