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Day: August 6, 2026

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

झबरेड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशों पर संदिग्धों व अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ तथा कांवड़ मेले के दृष्टिगत झबरेड़ा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो शातिर आरोपियों को दो अवैध तमंचों व कारतूसों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया पर सरेआम लोगों को धमकाने और किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे शुभम निवासी भिस्तीपुर , झबरेड़ा तथा शिवम निवासी मझौल देवबंद, सहारनपुर को उपनिरीक्षक नीरज रावत के नेतृत्व वाली टीम ने इकबालपुर-तांशीपुर रोड, हीराहेड़ी मार्ग से घेराबंदी कर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से .315 बोर के 02 अवैध तमंचे और 02 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि आरोपी शिवम एक आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ गंगनहर, देवबंद, मंगलौर और झबरेड़ा थानों में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस तथा प्रिजन एक्ट सहित कुल 7 संगीन मुकदमे दर्ज हैं। झबरेड़ा पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को ठेंगा दिखा रहा नागल ब्लॉक प्रशासन; धरातल पर बारिश से पसरा सन्नाटा, लेकिन पोर्टल पर 15 ग्राम पंचायतों में दर्ज हुई 63 मजदूरों की हाजिरी; ‘दैनिक ग्रामीण तहकीकात’ के अगले अखबार अंक में छपेगा ब्लॉक का पूरा कच्चा-चिट्ठा

सहारनपुर/नागल। उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर पूरी कठोरता से काम कर रही है और जन-कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए सख्त निर्देश दे चुकी है। लेकिन निचले स्तर पर बैठा बेलगाम प्रशासनिक तंत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इन पारदर्शी आदेशों को ठेंगा दिखाने में जुटा है। इसका ताजा उदाहरण नागल ब्लॉक में देखने को मिला है, जहां ‘वीबी जी राम जी’ (VB-G RAM G) योजना के तहत ब्लॉक प्रशासन के कागजी दावों और धरातल की हकीकत में जमीन-आसमान का फर्क उजागर हुआ है। आज 6 अगस्त को पूरे सहारनपुर व नागल क्षेत्र में दिनभर हुई तेज बारिश के बीच जहां गांवों में एक भी मजदूर काम करने की हालत में नहीं था, वहीं सरकारी पोर्टल पर नागल की 15 ग्राम पंचायतों (भवानपुर, बिलासपुर, गांगदासपुर, गांगनोली, गुरगजपुर, कपूरी गोविंदपुर, खेड़ा मुगल, कोरवा, मीरपुर मोहनपुर, नंदनपुर, नन्हेड़ा बुद्धखेड़ा, नयामतपुर, सरकड़ी, तलहेड़ी बुजुर्ग और तांशीपुर) में कुल 16 मस्टर रोल पर 63 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी (Present) दर्ज कर दी गई।

ग्राम पंचायत खेड़ा मुगल के मस्टर रोल संख्या 237 पर दर्ज 5 मजदूरों की कागजी हाजिरी पर जब ‘ग्रामीण तहकीकात’ की टीम ने नागल के खंड विकास अधिकारी (BDO) असलम परवेज से फोन पर सीधा सवाल किया, तो वे जिम्मेदारी लेने के बजाय उलटे नियम समझाने लगे। BDO असलम परवेज का कहना था: “जब मस्टर रोल जारी होता है तो वह 10-12 दिन के लिए निकलता है। हाजिरी उसी दिन से ऑटोमैटिक पोर्टल पर दिखने लगती है। जब 9 तारीख को फाइल हमारे पास आएगी कि 4 मजदूर आए या 2 आए, तब असल बात साफ होगी और भुगतान भी उसी हिसाब से होगा; अभी जो दिख रहा है वह सिस्टम से ऑटोमैटिक है।”

BDO साहब भले ही इसे ‘ऑटोमैटिक’ बताकर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन एनएमएमएस (NMMS App) का सरकारी नियम साफ कहता है कि बिना मौके पर जाकर मजदूरों की लाइव फोटो और लोकेशन अपलोड किए पोर्टल पर ‘Present‘ लग ही नहीं सकती। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मौके पर बारिश के कारण सन्नाटा था, तो ऐप पर फोटो खींचकर हाजिरी किसने लगाई? क्या खेड़ा मुगल की तरह पूरे नागल ब्लॉक में बारिश के नाम पर सरकारी बजट की बंदरबांट का यह कागजी खेल खुलेआम चल रहा है? यह पूरा मामला उच्चस्तरीय जांच का विषय है।

‘दैनिक ग्रामीण तहकीकात’ के पास मस्टररोल के डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित हैं। इस पूरे ब्लॉक में चल रहे फर्जीवाड़े का पूरा कच्चा-चिट्ठा ‘दैनिक ग्रामीण तहकीकात‘ के आगामी समाचार पत्र अंक में साक्ष्यों के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।