हरिद्वार। कुंभ मेला 2027 को लेकर अब शासन-प्रशासन ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने साफ कर दिया है कि कागजी कार्रवाई में वक्त बर्बाद करने का दौर खत्म हो चुका है। मेला कार्यालय में हुई हाई-लेवल मीटिंग में उन्होंने दो-टूक कहा कि जिन कामों को हरी झंडी मिल चुकी है, उनकी निविदाएं (टेंडर) तुरंत निकाली जाएं। अधिकारी अब बजट की चिट्ठी का इंतज़ार कर हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठ सकेंगे।
इस बार की रणनीति कुछ अलग है। मेलाधिकारी ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि ‘नया’ खरीदने के चक्कर में पुरानी सामग्री को कबाड़ न बनाया जाए; पिछले मेलों के सामान का सही तालमेल बिठाएं ताकि जनता के पैसे की बर्बादी न हो। वहीं, सुरक्षा को लेकर एक बड़ा अलर्ट जारी किया गया है—मेला क्षेत्र के पुराने और जर्जर कुएं, जो जानलेवा साबित हो सकते हैं, उन्हें तुरंत सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। कांवड़ मेले से पहले घाटों और पुलों की सूरत बदलने का अल्टीमेटम भी दे दिया गया है। कुल मिलाकर, मेलाधिकारी के इन सख्त तेवरों ने सुस्त पड़े विभागों की नींद उड़ा दी है।
विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम
