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नवीन कुमार: मुख्य संपादक – दैनिक ग्रामीण तहकीकात | जीवनी एवं परिचय

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नवीन कुमार: संघर्ष की भट्ठी से तपकर उभरी ग्रामीण पत्रकारिता और तकनीकी नवाचार की बेबाक आवाज़


माटी से शिखर तक का सफ़र

कुछ लोग इतिहास की पंक्तियों में खो जाते हैं, और कुछ अपनी कलम, हौसले और हुनर से इतिहास की नई इबारत लिखते हैं। कुलदेवी माँ श्री त्रिपुर बाला सुंदरी भगवती के असीम आशीर्वाद और अपने संस्कारों के बल पर उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के छोटे से गांव मानकपुर आदमपुर से निकलकर मीडिया जगत में अपनी अलग धाक जमाने वाले नवीन कुमार का जीवन इसी जज़्बे की एक जिंदा मिसाल है। यह कहानी सिर्फ एक पत्रकार या संपादक की नहीं, बल्कि उस दूरदर्शी युवा की है जिसने जीवन के हर मोड़ पर आई आंधियों का सीना तानकर सामना किया और हर चुनौती को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया।


प्रारंभिक जीवन, पारिवारिक पृष्ठभूमि एवं आस्था

नवीन कुमार का जन्म 2 जनवरी 1993 को उत्तराखंड के हरिद्वार जिले स्थित मानकपुर आदमपुर गांव में हुआ। पिता श्री ईश्वर पाल के मार्गदर्शन और ग्रामीण परिवेश की सादगी में पले-बढ़े नवीन के परिवार की कुलदेवी माँ श्री त्रिपुर बाला सुंदरी भगवती हैं, जिनके प्रति उनकी अटूट श्रद्धा और विश्वास उनके जीवन की आत्मिक शक्ति का आधार है।

  • शिक्षा की ज़मीन: उन्होंने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा गांव के ही स्कूल से पूरी की। मिट्टी की महक और ग्रामीणों के बुनियादी सरोकारों को उन्होंने बहुत करीब से जिया।
  • मेहनत और पढ़ाई का अनूठा तालमेल: आगे की पढ़ाई के साथ उन्होंने कभी अपनी जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ा। वर्ष 2014 में उन्होंने UPNL के माध्यम से डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन कोर्ट हरिद्वार में सेवा दी। एक तरफ नौकरी का दायित्व और दूसरी तरफ किताबों की दुनिया—नवीन ने दोनों को पूरी निष्ठा से साधा।
  • प्रबंधकीय दक्षता: इसी अथक परिश्रम के दम पर उन्होंने वर्ष 2015 में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) से बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) की डिग्री हासिल की।

वैवाहिक जीवन और पारिवारिक संबल

वर्ष 2020 में नवीन कुमार का विवाह श्रीमती रूबी राजपूत के साथ संपन्न हुआ। जीवन के हर संघर्ष और उतार-चढ़ाव में उनकी धर्मपत्नी ने एक मजबूत स्तंभ की तरह उनका साथ निभाया।

  • वर्ष 2022 में उनके आंगन में पुत्र सारांश थरानिया के रूप में खुशियों ने दस्तक दी।
  • वर्ष 2024 में पुत्री अक्षिता थरानिया के जन्म से परिवार पूर्ण हुआ।

नवीन कुमार अपने परिवार और बच्चों को अपने जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत मानते हैं।


विदेशी धरती से जीवन की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा

अपनी प्रतिभा और कुछ बड़ा करने की चाह में नवीन कुमार ने वर्ष 2016 में सिंगापुर का रुख किया। वहां कई वर्षों तक बहुराष्ट्रीय माहौल में कार्य करते हुए वैश्विक समझ और आधुनिक कार्यप्रणाली का अनुभव हासिल किया।

लेकिन तकदीर ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था। जब वैश्विक महामारी कोरोना का दौर आया, तो वे वतन लौट आए। कोरोना काल और उसके ठीक बाद उनकी ज़िंदगी में एक ऐसा अप्रत्याशित और हृदयविदारक मोड़ आया, जिसने उनके भीतर तक को झकझोर कर रख दिया। वह ऐसी कठिन घड़ी थी जिसने उनकी ज़िंदगी के मायने बदल दिए। लेकिन टूटने के बजाय नवीन ने उस आघात को अपनी अदम्य जिजीविषा और सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा औजार बना लिया।


पत्रकारिता में पदार्पण: शून्य से शुरू हुआ कारवां

वर्ष 2023 में नवीन कुमार ने पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा। शुरुआत एक निजी डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘हिंदुस्तान दैनिक न्यूज़’ से हुई, जिसके माध्यम से उन्होंने जनमुद्दों को प्रमुखता से उठाया:

जमीनी सच, प्रशासनिक विसंगतियों और जनता की दबी हुई आवाज़ को बिना डरे मंच देने की उनकी शैली ने देखते ही देखते उन्हें चर्चा में ला दिया। उनकी बेबाक कलम और संगठन क्षमता को देखते हुए दायित्वों का कारवां निरंतर बढ़ता गया:

  1. नगर अध्यक्ष (झबरेड़ा) – भारतीय पत्रकार संघ रजि०: यहाँ मिली पहचान ने उनके भीतर पत्रकारिता के प्रति एक नया उत्साह और संकल्प भर दिया।
  2. जिला महासचिव – भारतीय पत्रकार यूनियन रजि०: निष्पक्ष कार्यशैली, पत्रकारों के प्रति सेवाभाव और ईमानदारी को देखते हुए उन्हें जिले का प्रभार सौंपा गया।
  3. प्रदेश महासचिव (2025 व 2026) – भारतीय पत्रकार यूनियन रजि०: संगठन के प्रति उनकी अटूट निष्ठा और नेतृत्व क्षमता का ही परिणाम था कि 2025 में उन्हें सीधे प्रदेश महासचिव की कमान सौंपी गई। इसके बाद वर्ष 2026 में हुए आम चुनावों में पूरी यूनियन ने सर्वसम्मति से उन पर दोबारा भरोसा जताते हुए फिर से प्रदेश महासचिव निर्वाचित किया।
  4. 26 सितंबर 2026 को निजी कारणों से प्रदेश महासचिव भारतीय पत्रकार यूनियन से इस्तीफा दे दिया।

इस दौरान पत्रकारिता और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित मंचों पर सम्मानित किया गया।


‘दैनिक ग्रामीण तहकीकात’: जब खुद रची अपनी दुनिया

दूसरों के मंचों पर लिखने के बजाय नवीन कुमार का सपना था कि ग्रामीण जनता के पास अपना एक ऐसा मंच हो जिसकी आवाज़ को कोई दबा न सके।

  • पंजीकरण व प्रारंभ: 17 दिसंबर 2024 को उन्होंने समाचार पत्र ‘दैनिक ग्रामीण तहकीकात’ का आधिकारिक पंजीकरण कराया और 17 फरवरी 2025 को इसका पहला ऐतिहासिक अंक प्रकाशित हुआ।
  • आधिकारिक मान्यता: समाचार पत्र को भारत सरकार के प्रेस पंजीयक (PRGI) द्वारा आधिकारिक पंजीकरण संख्या PRGI NO: UAHIN/24/A0026 प्राप्त है।
  • पूर्ण स्वामित्व और कमान: आज वे इस दैनिक समाचार पत्र के स्वामी, प्रकाशक, मुद्रक एवं मुख्य संपादक के रूप में पूरी ज़िम्मेदारी संभाल रहे हैं।
  • डिजिटल विस्तार: ग्रामीण खबरों को देश-दुनिया तक पहुँचाने के लिए उन्होंने आधुनिक डिजिटल नेटवर्क खड़ा किया:

एमएसएमई उद्यम (MSME Udyam) और गूगल न्यूज़ पब्लिशर सेंटर से मान्यता प्राप्त यह नेटवर्क आज पाठकों का अटूट भरोसा बन चुका है।


डिजिटल पत्रकारिता का सारथी: तकनीक और साथियों का संबल

नवीन कुमार केवल कलम के ही धनी नहीं हैं, बल्कि आधुनिक डिजिटल तकनीक में भी दक्ष हैं। सूचना क्रांति के इस युग में उन्होंने किसी बाहरी एजेंसी पर निर्भर रहने के बजाय अपने न्यूज़ पोर्टल gramintahkikat.com का संपूर्ण तकनीकी ढांचा, वेब डिजाइनिंग और प्रबंधन खुद अपने हाथों से तैयार किया।

उनकी इस तकनीकी कुशलता का सबसे सुंदर पहलू यह है कि उन्होंने इसका दायरा सिर्फ अपने तक सीमित नहीं रखा:

  • पत्रकार साथियों की वेबसाइट्स का निर्माण: डिजिटल युग में कई स्थानीय पत्रकार साथी संसाधनों और तकनीकी ज्ञान के अभाव में पीछे छूट रहे थे। नवीन कुमार ने आगे बढ़कर अपने पत्रकार साथियों के लिए न्यूज़ वेबसाइट्स और डिजिटल पोर्टल तैयार करने का बीड़ा उठाया।
  • 24/7 तकनीकी समाधान और मेंटरशिप: डोमेन मैनेजमेंट, सर्वर इश्यू, एसईओ, गूगल न्यूज़ अप्रूवल से लेकर पत्रकारिता के क्षेत्र में आने वाली किसी भी प्रकार की डिजिटल या सॉफ्टवेयर संबंधी समस्याओं को वे खुद आगे रहकर चुटकियों में सुलझाते हैं। मीडिया साथियों के लिए वे आज एक संपादक के साथ-साथ एक भरोसेमंद ‘टेक्निकल मेंटॉर’ बनकर उभरे हैं।

आरटीआई और खोजी पत्रकारिता का खौफ

नवीन कुमार सिर्फ खबरों के संकलनकर्ता नहीं, बल्कि सिस्टम की कमियों पर हथौड़ा चलाने वाले खोजी पत्रकार हैं।

  • रुड़की, हरिद्वार, झबरेड़ा, नारसन और मंगलौर क्षेत्र में विकास कार्यों, ग्राम पंचायतों की कार्यप्रणाली और मनरेगा के फर्जी मस्टर रोल से लेकर जियो-टैग्ड फोटो तक की वास्तविकताओं को उन्होंने सूचना का अधिकार (RTI) के दम पर उजागर किया।
  • भ्रष्टाचार पर उनकी अचूक आरटीआई और बेबाक रिपोर्टों ने कई बार अधिकारियों को नींद से जगाने और आम जनता को उनका हक दिलाने का काम किया।

संगठनात्मक नेतृत्व और वर्तमान दायित्व

आज नवीन कुमार उत्तराखंड के पत्रकारिता जगत में एक ऐसा नाम हैं, जिनकी संगठन क्षमता और सूझबूझ का हर कोई कायल है। वर्तमान में वे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं:

  • प्रदेश महासचिव: भारतीय पत्रकार यूनियन (रजि०) — पूरे प्रदेश में पत्रकारों के मान-सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की सबसे मुखर आवाज़।
  • ट्रस्टी एवं सचिव: मंगलौर प्रेस क्लब (रजि०) — क्लब के संस्थापक स्तंभ, जो बायलॉज निर्माण से लेकर पत्रकारों की एकजुटता को दिशा दे रहे हैं।
  • संपादक व संचालक: ‘दैनिक ग्रामीण तहकीकात’ (प्रिंट एवं डिजिटल) का कुशल नेतृत्व।

आधिकारिक डिजिटल संपर्क सूत्र (Connect with Naveen Kumar)


कलम की धार, सरोकार की पुकार

कोर्ट की नौकरी से लेकर सिंगापुर की कॉरपोरेट दुनिया, फिर जीवन के भीषण तूफानों की तपिश, और अंततः पत्रकारिता व तकनीकी नवाचार के शीर्ष तक—नवीन कुमार की यह यात्रा बताती है कि इरादे अगर फौलादी हों और कुलदेवी माँ त्रिपुर बाला सुंदरी की कृपा साथ हो, तो परिस्थितियां खुद रास्ता छोड़ देती हैं।

उनकी कलम न किसी सत्ता के आगे झुकी है, न किसी दबाव में रुकी है। नवीन कुमार आज ग्रामीण पत्रकारिता का वह चमकता सितारा हैं, जिन्होंने यह साबित कर दिया है कि अगर सीने में सच्चाई की आग और हाथों में आधुनिक तकनीक का हुनर हो, तो एक गांव का नौजवान भी पूरे तंत्र को पारदर्शी बनाने और समाज को नई दिशा देने की ताकत रखता है।