मंगलौर में नाला निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल: मौके पर पुरानी ईंटें लगने की चर्चा, जेई की निगरानी पर उठे सवा
शिकायत के बावजूद मौके पर नहीं पहुंचे जिम्मेदार; राहगीरों ने गुणवत्ता और निगरानी पर जताई नाराजगी, जांच की मांग
ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार

मंगलौर। लंढौरा रोड स्थित वरिष्ठ रालोद नेता उबेदुर्रहमान उर्फ मोंटी के कार्यालय के सामने नगरपालिका द्वारा कराया जा रहा नाला निर्माण कार्य पूरा हो गया है। लेकिन काम के दौरान निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर कस्बे के लोगों और राहगीरों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

काम चलने के दौरान राहगीरों ने मौके पर रुककर देखा कि नाले की दीवार में नई ईंटों के साथ-साथ बड़ी तादाद में पुरानी व उखड़ी हुई ईंटें चिनी जा रही हैं। राहगीरों ने जब मौके पर काम कर रहे मजदूरों और ठेकेदार के आदमियों से कार्य का एस्टीमेट दिखाने को कहा, तो उन्होंने कोई तकनीकी कागज नहीं दिखाया और मनमाने तरीके से काम जारी रखा। राहगीरों का कहना है कि जब सरकारी बजट से निर्माण कार्य कराया जा रहा है, तो फिर पुरानी ईंटें लगाकर खानापूर्ति क्यों की जा रही है।
हैरानी की बात यह रही कि इस संबंध में ग्रामीण तहकीकात समाचार पत्र की टीम द्वारा जब नगरपालिका के जेई सुभाष चंद्रा से फोन पर वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी गई, तो फोन पर जेई ने खुद स्वीकार किया कि मरम्मत कार्य में पुरानी ईंटें नहीं लगनी चाहिए और उन्होंने मौके पर जाकर जांच करने की बात कही। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि जेई साहब का यह आश्वासन केवल फोन तक ही सीमित रह गया। मौके पर न तो कोई जिम्मेदार मुआयना करने पहुंचा और न ही गुणवत्ता की अनदेखी पर काम रुकवाया गया।
विभागीय अनदेखी का फायदा उठाकर ठेकेदार द्वारा पुरानी ईंटों की चिनाई के साथ नाले का निर्माण कार्य पूरा भी करा दिया गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जिम्मेदार अधिकारी समय रहते मौके पर पहुंच जाते, तो इस तरह पुरानी ईंटों का इस्तेमाल नहीं हो पाता। अब लोगों ने नगरपालिका के उच्चाधिकारियों व प्रशासन से मांग की है कि मौके पर हुए निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और गुणवत्ता की अनदेखी करने वालों की जवाबदेही तय हो।
इस मामले की विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट ग्रामीण तहकीकात समाचार पत्र के आगामी अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की जाएगी।
