
• दिल्ली पुलिस और FDA की संयुक्त कार्रवाई, भारी मात्रा में दवाएं व मशीनरी बरामद, दुकान सील
• साउथ दिल्ली से पकड़े गए 20 हजार के इनामी आरोपी राजेश यादव की निशानदेही पर हुई कार्रवाई
• पानीपत स्थित दवा फैक्ट्री से झबरेड़ा में शिफ्ट किया गया था माल और मशीनरी
• दवाओं के भंडारण या संचालन का कोई वैध लाइसेंस नहीं मिला, फॉर्म-17 भरकर लैब भेजे गए नमूने

ग्रामीण तहकीकात/नवीन कुमार
झबरेड़ा। कस्बा झबरेड़ा में नगर पंचायत रोड स्थित एक दुकान पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने देर शाम छापेमारी की। पुलिस रिमांड पर चल रहे ₹20,000 के इनामी अंतरराज्यीय शातिर आरोपी की निशानदेही पर की गई इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। टीम ने मौके से भारी मात्रा में दवाइयों का स्टॉक और दवा निर्माण/पैकिंग से जुड़े मशीनरी पार्ट्स बरामद कर दुकान को सील कर दिया है।
ड्रग्स इंस्पेक्टर हरीश सिंह ने मौके पर जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली पुलिस ने कुछ समय पूर्व साउथ एक्स क्षेत्र से एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपी की पहचान जयपुर (राजस्थान) निवासी राजेश यादव के रूप में हुई। पूछताछ एवं पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया था कि उसकी पानीपत (हरियाणा) में एक दवा फैक्ट्री थी और वहां से कुछ माल व मशीनरी पार्ट्स झबरेड़ा में नगर पंचायत रोड स्थित इस दुकान पर शिफ्ट किए गए हैं।
आरोपी की निशानदेही पर जब ड्रग्स विभाग और दिल्ली पुलिस की टीम ने नगर पंचायत रोड स्थित दुकान का शटर खुलवाकर जांच की, तो अंदर भारी मात्रा में दवाइयों के डिब्बे और दवा निर्माण संबंधी मशीनरी के कलपुर्जे रखे मिले। जांच के दौरान मौके पर दवाओं के क्रय-विक्रय, भंडारण अथवा इकाई के संचालन से संबंधित कोई भी वैध ड्रग लाइसेंस या कागजात पेश नहीं किए जा सके।
छापेमारी के दौरान टीम ने मौके पर जब्ती व जांच की विधिवत कागजी कार्रवाई पूरी की। ड्रग्स इंस्पेक्टर ने स्पष्ट किया कि बरामद दवाइयां प्रतिबंधित (नारकोटिक) श्रेणी की नहीं हैं, लेकिन अनाधिकृत रूप से रखी गई थी। दवाइयों की गुणवत्ता परखने और यह जानने के लिए कि दवाएं असली हैं या नकली, नियमानुसार फॉर्म-17 भरकर दवाओं के डिब्बों पर सरकारी लाख की मुहर लगाकर नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। सैंपलिंग प्रक्रिया के बाद टीम ने दुकान के शटर को सील कर दिया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी राजेश यादव आदतन अपराधी है। उस पर पूर्व में एनडीपीएस एक्ट सहित दो गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से वांछित चल रहा था और उस पर 20,000 रुपए का इनाम घोषित था। ड्रग्स इंस्पेक्टर हरीश सिंह ने कहा कि क्षेत्र में बिना लाइसेंस या अवैध तरीके से दवाओं के कारोबार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।


