मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के प्रशासनिक गलियारों में मंगलवार को एक अलग ही नजारा था। जब जिले के बड़े-बड़े अफसर कुर्सियों से उठे और वहां मेधावी बेटियों ने मोर्चा संभाला। उत्तर प्रदेश सरकार के ‘मिशन शक्ति 5.0’ के तहत जिले की कमान एक दिन के लिए बेटियों के हाथों में सौंप दी गई। मेधावी छात्रा दिव्यांशी यादव ने एक दिन की जिलाधिकारी (DM) बनकर न सिर्फ फाइलें देखीं, बल्कि जनसमस्याओं को सुलझाने के गुर भी सीखे।
वहीं, कानून व्यवस्था का जिम्मा प्रिया यादव के कंधों पर रहा, जिन्होंने एक दिन की एसएसपी (SSP) बनकर पुलिसिंग की बारीकियों को समझा। सिर्फ DM-SSP ही नहीं, बल्कि मानशी वर्मा ने सीडीओ और आरती व अंजली ने एडीएम बनकर जिले की व्यवस्थाएं परखीं। असली अधिकारियों की मौजूदगी में बेटियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ जनता के प्रति अपनी जवाबदेही को समझा। प्रशासन ने इन ‘नन्ही अधिकारियों’ को डिक्शनरी और पेन भेंट कर सम्मानित किया। इस अनूठी पहल ने समाज को साफ संदेश दिया है कि अगर मौका मिले, तो बेटियां जिले से लेकर देश तक की तकदीर बदल सकती हैं।
विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

