ग्रामीण तहकीकात संवाददाता
रुड़की। विद्युत और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध उत्तराखंड किसान मोर्चा के बैनर तले सोमवार को सैकड़ों किसानों ने रुड़की की सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड़ के नेतृत्व में आयोजित इस विशाल महापंचायत के दौरान किसानों ने विद्युत विभाग के कार्यालय पर धरना देते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अधीक्षण अभियंता को सौंपा और बिजली बिलों में सिक्योरिटी वसूली बंद करने, ट्यूबवेल दरों में कटौती व स्मार्ट मीटर योजना की वापसी जैसी मांगें उठाईं। इस दौरान किसान नेता गुलशन रोड़ ने कड़े तेवर अपनाते हुए कहा कि विभाग सुरक्षा राशि के नाम पर किसानों का शोषण बंद करे और यदि 15 दिनों के भीतर इन जनविरोधी नीतियों को वापस नहीं लिया गया, तो समूचे प्रदेश का अन्नदाता सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करने को मजबूर होगा। दूसरी ओर, किसानों की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए अधीक्षण अभियंता विवेक राजपूत ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में किसी भी किसान का कनेक्शन सुरक्षा राशि के अभाव में नहीं काटा जा रहा है और तकनीकी विसंगतियों को दूर करने के लिए विभागीय स्तर पर त्वरित कार्यवाही की जा रही है, साथ ही शासन स्तर की मांगों से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। तहसील तक पैदल मार्च निकालकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने वाले किसानों ने दोटूक चेतावनी दी है कि मूल निवास प्रमाण पत्र और चीनी मिल भुगतान जैसे राजस्व मुद्दों पर भी यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो यह चिंगारी उग्र आंदोलन का रूप ले लेगी।
