संवाददाता ग्रामीण तहकीकात
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सरकारी संसाधनों के सदुपयोग की एक नई मिसाल पेश की है। विधानसभा में ‘ई-विधान’ लागू होने के बाद अब वहां के पुराने लैपटॉप कबाड़ में जाने के बजाय सरकारी स्कूलों के बच्चों के हाथों में होंगे। शुक्रवार को शिक्षा निदेशक वेदिता रेड्डी के साथ हुई बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ने पहले चरण के तहत 15 लैपटॉप शिक्षा निदेशालय को सौंपे।
50-60 लैपटॉप चरणबद्ध तरीके से मिलेंगे
विजेंद्र गुप्ता ने जानकारी दी कि आने वाले समय में कुल 50 से 60 लैपटॉप शिक्षा विभाग को दिए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन लैपटॉप के वितरण में उन छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें डिजिटल संसाधनों की सबसे ज्यादा जरूरत है। इस पहल से सरकारी स्कूलों में तकनीक के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया और मजबूत होगी।
ई-विधान (NeVA) से हुआ संभव
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि मानसून सत्र 2025 से दिल्ली विधानसभा में नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। विधायी कामकाज के पूरी तरह डिजिटल होने के बाद नए कंप्यूटर सिस्टम खरीदे गए थे। ऐसे में 2019 में खरीदे गए लैपटॉप, जो अभी भी अच्छी स्थिति में हैं, उन्हें बेकार छोड़ने के बजाय स्कूलों को देने का निर्णय लिया गया।
“राष्ट्र निर्माण में सहायक हों सरकारी संपत्तियां”
मुलाकात के दौरान विजेंद्र गुप्ता ने कहा, “सदन से लेकर कक्षा तक, हर सरकारी संपत्ति का उद्देश्य राष्ट्र निर्माण होना चाहिए। पुरानी चीजों को फेंकने के बजाय उन्हें बच्चों की शिक्षा में लगाना सरकारी संसाधनों के सही इस्तेमाल का बेहतरीन उदाहरण है।”
