संवाददाता ग्रामीण तहकीकात
हरिद्वार। हरिद्वार के बहादराबाद ब्लॉक से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ बच्चों से मजदूरी कराने के आरोप में राजकीय प्राथमिक विद्यालय अजीतपुर की प्रधानाध्यापिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने यह बड़ी कार्रवाई की है।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया में प्रसारित खबरों से यह खुलासा हुआ था कि प्रधानाध्यापिका द्वारा स्कूल के छोटे बच्चों से मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) के लिए लकड़ियाँ ढुलवाई जा रही थीं। जिलाधिकारी ने इस खबर का तत्काल संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए।
कानून का उल्लंघन और मानसिक उत्पीड़न
जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) अमित कुमार चन्द द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बच्चों से लकड़ी ढुलवाना बाल श्रम अधिनियम 1986 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 की धारा-17 का खुला उल्लंघन है। यह कृत्य बच्चों के शारीरिक दंड और मानसिक उत्पीड़न की श्रेणी में आता है, जो सरकारी सेवक आचरण नियमावली के भी विरुद्ध है।
निलंबन और आगे की जांच
मामले की गंभीरता और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रधानाध्यापिका को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान वह उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बहादराबाद में अपनी उपस्थिति देंगी। विभाग जल्द ही उन्हें अलग से आरोप पत्र भी जारी करेगा।
