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झबरेड़ा

 

झबरेड़ा। अपनों से खफा होकर घर की दहलीज लांघने वाली दो युवतियों को झबरेड़ा पुलिस ने अपनी कार्यकुशलता और तेजतर्रार नेटवर्क के दम पर महज 24 घंटे के भीतर पंजाब के जालंधर से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से दो परिवारों ने राहत की सांस ली है।

बीती 31 मार्च को झबरेड़ा निवासी एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता होने की सूचना दी थी, जिसमें पड़ोस की एक अन्य लड़की के भी साथ होने की बात सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के सख्त निर्देशों के अनुपालन में झबरेड़ा पुलिस ने तकनीकी सुरागों के आधार पर तत्काल जांच शुरू की और पंजाब की ओर रुख किया।

कोतवाली झबरेड़ा एसएचओ विजय सिंह और विवेचक रविन्द्र सिंह की टीम ने सटीक घेराबंदी करते हुए दोनों किशोरियों को जालंधर स्टेशन पर ट्रेन से उतरते ही अपनी सुरक्षा में ले लिया। पूछताछ में किशोरियों ने घर से नाराजगी के चलते किसी परिचित के पास जाने की बात कबूल की है। इस सफल रेस्क्यू टीम में अपर उपनिरीक्षक गिरीश सिंह और कांस्टेबल रणवीर सिंह भी शामिल रहे। झबरेड़ा पुलिस की इस सफलता ने क्षेत्र में खाकी की साख को और अधिक पुख्ता कर दिया है।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

झबरेड़ा। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट के बीच झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। यहाँ आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘ईद मिलन समारोह एवं भाईचारा सम्मेलन’ ने विपक्षी दलों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। भारी जनसैलाब के बीच मुख्य अतिथि और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एडवोकेट रविंद्र भाटी ने एकता और आपसी सौहार्द को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताया।

मंच से सत्ताधारी भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए भाटी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता अब इन दोनों दलों के “एक ही सिक्के के दो पहलू” वाले खेल को समझ चुकी है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब आजाद समाज पार्टी के रूप में एक मजबूत और ईमानदार विकल्प की ओर देख रही है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह द्वारा संयोजित इस कार्यक्रम में नगीना लोकसभा के ‘जीत के फॉर्मूले’ की गूँज सुनाई दी, जहाँ वक्ताओं ने दलित, पिछड़ा और मुस्लिम समाज के अटूट गठबंधन को 2027 की सत्ता परिवर्तन का मुख्य आधार बताया।

कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए भीम आर्मी के प्रदेश महासचिव सुशील पाटिल ने स्पष्ट किया कि झबरेड़ा की सड़कों पर उमड़ा यह उत्साह व्यवस्था परिवर्तन की क्रांति का संकेत है। उन्होंने कहा कि शोषित और वंचित समाज अब हवाई वादों के झांसे में आने वाला नहीं है। कार्यक्रम के दौरान विपक्षी दलों की नीतियों से असंतुष्ट दर्जनों कार्यकर्ताओं ने आज़ाद समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, जिससे पार्टी की स्थानीय इकाई को बड़ी मजबूती मिली है। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, क्षेत्रीय नेता और हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

 

झबरेड़ा। एसएसपी हरिद्वार के निर्देशन में अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत झबरेड़ा थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने लंबे समय से माननीय न्यायालय से वांछित चल रहे वारंटी सैय्याद पुत्र मजीद निवासी मोहल्ला गढ़ीबहार, कस्बा झबरेड़ा को उसके मस्कन से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। उपनिरीक्षक रविंद्र सिंह और कांस्टेबल अनिल कुमार की टीम द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई के बाद आरोपी को वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। इस कार्रवाई के साथ ही झबरेड़ा पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि कानून की नजरों से बचकर भाग रहे अपराधियों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है; या तो वे खुद को कानून के हवाले कर दें, वरना पुलिस की गिरफ्त से वे ज्यादा दिन दूर नहीं रह पाएंगे—अपराध और लापरवाही पर पुलिस का प्रहार जारी रहेगा।

 

झबरेड़ा/हरिद्वार। थाना झबरेड़ा पुलिस ने क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।

📍 जमीन के बंटवारे को लेकर था विवाद

जानकारी के अनुसार, ग्राम भगतोवाली निवासी दिनेश कुमार पुत्र स्व. शेर सिंह का अपनी सगी भाभी के साथ जमीन के बंटवारे और मकान निर्माण कार्य को रुकवाने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी मौके पर भारी हंगामा और गाली-गलौज करते हुए आमदा-फसाद पर उतारू हो गया।

⚖️ पुलिस ने धारा 170 BNSS में किया चालान

सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची पुलिस टीम ने आरोपी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी लगातार शांति व्यवस्था भंग करने पर अड़ा रहा। इसके बाद अतिरिक्त उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह और कांस्टेबल मुकेश तोमर ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 170 BNSS के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई अमल में लाई है।

पुलिस टीम:

  • अपर उपनिरीक्षक: राजेंद्र सिंह
  • कांस्टेबल: मुकेश तोमर

🚫 शांति भंग करने वालों को सख्त चेतावनी

थाना पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आपसी विवादों के नाम पर सार्वजनिक शांति में खलल डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि विवादों को कानूनी तरीके से सुलझाएं, कानून हाथ में लेने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सेवइयों की मिठास और गले मिलकर दूर हुई दूरियां

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात

हरिद्वार/नई दिल्ली। एक महीने के मुकद्दस रमजान और कठिन इबादत के बाद आज पूरे देश में ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे अकीदत और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह की पहली किरण के साथ ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों का सैलाब उमड़ पड़ा। हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर राजधानी दिल्ली की जामा मस्जिद तक, हर तरफ ‘ईद मुबारक’ की गूंज और आपसी भाईचारे का अद्भुत नजारा देखने को मिला।

नमाज के बाद मुल्क की खुशहाली के लिए उठे हाथ

आज सुबह ईदगाहों में हजारों की संख्या में मुस्लिम भाइयों ने सफों में खड़े होकर एक साथ नमाज अदा की। नमाज के बाद इमाम साहब ने मुल्क में अमन, चैन, शांति और तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी। नमाज संपन्न होते ही लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। बच्चों में ‘ईदी’ को लेकर विशेष उत्साह देखा गया, वहीं मेलों में खिलौनों और झूलों का आनंद लेने के लिए भारी भीड़ जुटी।

गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल: नवरात्रि और ईद एक साथ

इस बार की ईद बेहद खास है क्योंकि एक तरफ चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है और दूसरी तरफ ईद की खुशियां मनाई जा रही हैं। हरिद्वार, रुड़की और झबरेड़ा क्षेत्र में यह नजारा हमारी साझा संस्कृति (गंगा-जमुनी तहजीब) का प्रतीक बना। हिंदू भाइयों ने ईदगाहों के बाहर पहुंचकर मुस्लिम भाइयों का स्वागत किया और गले मिलकर उन्हें बधाई दी। यह दृश्य बताता है कि भारत की एकता ही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है।

सेवइयों की मिठास और दावतों का दौर

ईद के मौके पर घरों में सुबह से ही विशेष पकवान और ‘शीर-खुरमा’ (सेवइयां) बनाने का दौर जारी है। मेहमानों का स्वागत मिठास के साथ किया जा रहा है। मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि यह त्योहार हमें सिखाता है कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है और आपसी प्रेम ही समाज की सबसे बड़ी पूंजी है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

त्योहार के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा। ड्रोन कैमरों से भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की गई। प्रशासन ने शांतिपूर्ण तरीके से नमाज संपन्न होने पर सभी को धन्यवाद दिया और बधाई दी।

 

हरिद्वार। “या देवी सर्वभूतेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता…” के जयघोष के साथ आज चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन श्रद्धा का सैलाब उमड़ रहा है। आज का दिन आदि-शक्ति के ‘माँ चंद्रघंटा’ स्वरूप को समर्पित है। देवी का यह रूप जितना सौम्य और शांत है, उतना ही शत्रुओं के लिए संहारक भी। इनके माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, जो शीतलता और शांति का प्रतीक है।

देवी का स्वरूप: शांति और वीरता का अद्भुत संगम

माँ चंद्रघंटा का स्वरूप अलौकिक है। स्वर्ण जैसी चमक वाली देवी दस भुजाओं वाली हैं। उनके हाथों में त्रिशूल, गदा, तलवार और धनुष-बाण हैं, जो अधर्म के विनाश का संकेत देते हैं। उनका वाहन सिंह है, जो साहस का प्रतीक है। देवी की आराधना करने से साधक के भीतर छिपे हुए भय का नाश होता है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

आज के दिन का विशेष महत्व (21 मार्च 2026)

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जो भक्त आज के दिन मणिपुर चक्र पर ध्यान केंद्रित करते हैं, उन्हें सिद्धियां प्राप्त होती हैं। माँ चंद्रघंटा की पूजा से न केवल आध्यात्मिक बल मिलता है, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व में एक विशेष आकर्षण और विनम्रता का समावेश होता है।

पूजा की सरल विधि और आज का ‘महा-उपाय’

  • शुभ रंग: आज के दिन ग्रे (स्लेटी) या चमकीले रंगों का प्रयोग करना फलदायी होता है।
  • महा-भोग: माँ को दूध की खीर या केसरिया पेड़ा अर्पित करें। इससे मानसिक तनाव दूर होता है और घर में सुख-शांति आती है।
  • दान का महत्व: आज के दिन ब्राह्मणों या कन्याओं को शक्कर या दूध का दान करना विशेष पुण्यकारी माना जाता है।

मंत्र जो बदल देगा आपकी किस्मत

आज पूजा के समय इस प्रभावशाली मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना चाहिए:

“ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः”

माँ का संदेश: निर्भय बनें और धर्म का मार्ग चुनें

प्रधानाध्यापक और विद्वानों का मानना है कि माँ चंद्रघंटा का घंटा असुरों के हृदय को कपाने वाला है। इसका अर्थ यह है कि समाज में व्याप्त बुराइयों और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए हमें जागरूक और साहसी होना चाहिए। माँ की कृपा उन पर सदैव रहती है जो दूसरों के प्रति दयालु और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हैं।

 

झबरेड़ा/नन्हेड़ा अनंतपुर। बहुजन समाज पार्टी (BSP) के उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी और क्षेत्र के कद्दावर नेता आदेश कुमार (ग्राम नन्हेड़ा अनंतपुर) ने देश, प्रदेश और विशेषकर अपनी झबरेड़ा विधानसभा की जनता को ‘ईद-उल-फितर’ की दिली मुबारकबाद दी है। ईद के इस पावन मौके पर आदेश कुमार के सुरों में जहाँ भाईचारे की मिठास दिखी, वहीं उनके बयान ने 2027 की चुनावी तपिश को भी बढ़ा दिया है।

​आदेश कुमार का बड़ा सियासी बयान: “झबरेड़ा की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं”

​विधानसभा झबरेड़ा से 2027 की विधायकी की प्रबल तैयारी कर रहे आदेश कुमार ने अपने समर्थकों और क्षेत्रीय जनता के बीच एक बेहद गंभीर और आक्रामक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा:

​”ईद खुशियों का त्योहार है, लेकिन असली खुशी तब होगी जब झबरेड़ा के हर गरीब के चेहरे पर मुस्कान होगी। पिछले लंबे समय से इस क्षेत्र की अनदेखी की जा रही है। आज हमारे युवा बेरोजगार हैं और विकास के नाम पर केवल खोखले वादे किए जा रहे हैं। 2027 का चुनाव केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि झबरेड़ा के मान-सम्मान को वापस पाने की जंग होगी। बसपा का हर कार्यकर्ता अब कमर कस चुका है। हम हर गांव, हर गली में जाकर जनता के हक की आवाज उठाएंगे और क्षेत्र में ‘नीला परचम’ लहराकर ही दम लेंगे।”

​’नन्हेड़ा अनंतपुर’ बना राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र

​ईद के अवसर पर नन्हेड़ा अनंतपुर स्थित उनके आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। भारी भीड़ को देखते हुए यह साफ नजर आ रहा है कि आदेश कुमार ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए जमीन तैयार कर ली है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे आपसी भेदभाव भुलाकर एकजुट हों और ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के मिशन को घर-घर तक पहुंचाएं।

​जनता के बीच बढ़ती सक्रियता

​पिछले कुछ महीनों में आदेश कुमार ने झबरेड़ा विधानसभा के ग्रामीण इलाकों में अपनी सक्रियता काफी बढ़ाई है। ईद की बधाई के साथ उन्होंने यह साफ संकेत दे दिया है कि वह आने वाले चुनाव में किसी भी चुनौती से पीछे हटने वाले नहीं हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि आदेश कुमार का सीधा जुड़ाव और जनता के सुख-दुख में खड़ा होना उन्हें आगामी चुनाव में एक मजबूत दावेदार बनाता है।

 

​विशेष संपादकीय | ग्रामीण तहकीकात

​भूमिका:

चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन माँ दुर्गा के ‘ब्रह्मचारिणी’ स्वरूप को समर्पित है। ‘ब्रह्म’ का अर्थ है तपस्या और ‘चारिणी’ का अर्थ है आचरण करने वाली। यह स्वरूप केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि संघर्षों के बीच अडिग रहने और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए किए जाने वाले ‘घोर परिश्रम’ का जीवंत उदाहरण है।

​1. माँ का दिव्य स्वरूप और कथा

​दाहिने हाथ में जप की माला और बाएं हाथ में कमंडल धारण किए हुए माँ ब्रह्मचारिणी अत्यंत शांत और भव्य दिखती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए देवी ने हजारों वर्षों तक केवल फल-फूल खाकर और अंत में केवल वायु पर रहकर तपस्या की थी।

​सीख: जीवन में बड़ी सफलता (जैसे शक्ति और धन) पाने के लिए ‘शॉर्टकट’ नहीं, बल्कि ‘तप’ (कठिन परिश्रम) की आवश्यकता होती है।

 

​2. पूजा की सरल विधि (घर और मंदिर के लिए)

  • ​पवित्रता: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्वच्छ वस्त्र (पीले या सफेद रंग के) धारण करें।
  • ​अभिषेक: माँ को पंचामृत से स्नान कराएं और चंदन का तिलक लगाएं।
  • ​प्रिय पुष्प: माता को सफेद सुगंधित फूल (मोगरा या चमेली) अत्यंत प्रिय हैं।
  • ​महाप्रसाद: माँ ब्रह्मचारिणी को चीनी, मिश्री और पंचामृत का भोग लगाना चाहिए। मान्यता है कि इससे लंबी आयु और सौभाग्य का वरदान मिलता है।
  • ​सिद्ध मंत्र: > दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

​3. व्रत और आहार: शरीर और मन का शुद्धिकरण

​नवरात्रि का व्रत केवल भूखा रहना नहीं, बल्कि इंद्रियों पर विजय पाना है।

  • ​सात्विक भोजन: कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की पूरी, साबूदाना खिचड़ी और सेंधा नमक का प्रयोग करें।
  • ​तरल आहार: गर्मी का समय है, इसलिए नारियल पानी, छाछ और ताजे फलों के रस का अधिक सेवन करें।
  • ​क्या न करें: मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का त्याग करें। साथ ही, किसी की निंदा या क्रोध करने से बचें।

​4. आज के दौर में महत्व

​आज के दौर में माँ ब्रह्मचारिणी का संदेश बहुत प्रासंगिक है। चाहे आप एक पत्रकार हों, किसान हों या व्यापारी—बिना ‘संयम’ और ‘अनुशासन’ के कोई भी युद्ध नहीं जीता जा सकता। कठिन परिस्थितियों में विचलित न होना ही माँ की सच्ची आराधना है।

​‘ग्रामीण तहकीकात’ परिवार की ओर से समस्त पाठकों को द्वितीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ!

अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी पैनी नजर

झबरेड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शेखर चंद्र सुयाल एवं क्षेत्राधिकारी अभिनय चौधरी के निर्देशों के अनुपालन में आगामी त्योहार ‘ईदुल फितर’ को शांतिपूर्ण व सकुशल संपन्न कराने हेतु थाना झबरेड़ा परिसर में थानाध्यक्ष अजय शाह की अध्यक्षता में शांति समिति, सीएलजी सदस्यों और ग्राम प्रधानों की एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक के दौरान थानाध्यक्ष अजय शाह ने क्षेत्र के संभ्रांत व्यक्तियों से संवाद करते हुए स्पष्ट किया कि त्योहारों की आड़ में हुड़दंग करने वाले या सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस प्रशासन हर गतिविधि पर कड़ी नजर रख रहा है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा, “ईदुल फितर प्रेम और भाईचारे का प्रतीक है, अतः सभी नागरिक इसे आपसी सौहार्द के साथ मनाएं; साथ ही सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली किसी भी भ्रामक जानकारी या अफवाह पर ध्यान न दें और न ही उसे आगे बढ़ाएं, यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।” बैठक में शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ त्योहार को सकुशल संपन्न कराने हेतु सभी का सहयोग मांगा गया। इस अवसर पर उपनिरीक्षक योगेश कुमार, उपनिरीक्षक रोहित कुमार, उपनिरीक्षक रविंद्र सिंह, उपनिरीक्षक जय सिंह राणा एवं समस्त थाना स्टाफ सहित क्षेत्र के तमाम सम्मानित ग्राम प्रधान व शांति समिति के सदस्य मुख्य रूप से मौजूद रहे।

संपादक नवीन कुमार (दैनिक ग्रामीण तहकीकात)

झबरेड़ा । उत्तराखंड की राजनीति और समाज सेवा के क्षेत्र में एक नया और ऊर्जावान नाम चौधरी ओमवीर सिंह बड़ी मजबूती के साथ उभर रहा है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और सफल उद्यमी ओमवीर सिंह ने अब दोहरा मोर्चा संभाल लिया है। जहां एक ओर वह कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें ‘राष्ट्रीय वीर गुर्जर सेना (रजि.)’ का उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष की बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

संघर्ष से सफलता तक: एक प्रेरणादायक सफर

मूल रूप से ऊंचा गांव निवासी और सुरेंद्र सिंह के पुत्र, चौधरी ओमवीर सिंह की जीवन यात्रा युवाओं के लिए मिसाल है। अपने चाचा विक्रम सिंह के संरक्षण में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने वाले ओमवीर ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए एमएससी (M.Sc.) तक की पढ़ाई प्रथम श्रेणी में पूरी की।

एक प्रोफेशनल के तौर पर ‘क्वालिटी मैनेजर’ और ‘प्लांट हेड’ जैसे ऊंचे पदों पर कार्य करने के बाद, उन्होंने महान उद्योगपति रतन टाटा से प्रेरणा ली। आज वह सेलाकुई (देहरादून) में अपनी फार्मा कंपनी के माध्यम से ‘आत्मनिर्भर भारत‘ के सपने को धरातल पर उतार रहे हैं।

डॉ. हरक सिंह रावत को माना अपना ‘राजनीतिक गुरु’

ओमवीर सिंह कद्दावर नेता डॉ. हरक सिंह रावत को अपना आदर्श और राजनीतिक गुरु मानते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉ. रावत के विकासवादी विजन ने ही उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया।

“डॉ. हरक सिंह रावत ने मंत्री रहते हुए प्रदेश का कायाकल्प किया। चार जिले, सात तहसीलें और कई मेडिकल कॉलेज उन्हीं की देन हैं। मैं उन्हीं के पदचिह्नों पर चलकर कांग्रेस को उत्तराखंड का भविष्य बनाना चाहता हूँ।” — चौधरी ओमवीर सिंह

संगठन और राजनीति: दोनों मोर्चों पर सक्रिय

अब राष्ट्रीय वीर गुर्जर सेना (रजि.) के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे है, ओमवीर सिंह समाज की एकता और युवाओं के अधिकारों के लिए भी आवाज उठाएंगे। उनका लक्ष्य संगठन के माध्यम से गुर्जर समाज को एकजुट करना और कांग्रेस की जनकल्याणकारी नीतियों को हर घर तक पहुंचाना है।

भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार: 2027 में बदलाव का दावा

मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए:

  • जनता की अनदेखी: भाजपा सरकार जनता की बुनियादी समस्याओं और दर्द से बेखबर है।
  • महंगाई का दंश: गैस सिलेंडर से लेकर रोजमर्रा की चीजें आम आदमी की पहुंच से बाहर हो रही हैं।
  • 2027 का संकल्प: ओमवीर सिंह ने दावा किया कि 2027 में जनता भाजपा की विफलताओं का हिसाब लेगी और प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ कांग्रेस की सरकार बनेगी।

चौधरी ओमवीर सिंह वर्तमान में स्वास्थ्य शिविरों और निरंतर जनसंपर्क के माध्यम से क्षेत्र की सेवा में जुटे हैं। उन्होंने जनता से आह्वान किया है कि वे किसी के बहकावे में न आएं और विकास के लिए कांग्रेस के हाथ मजबूत करें।