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झबरेड़ा

संपादक नवीन कुमार (दैनिक ग्रामीण तहकीकात)

झबरेड़ा । उत्तराखंड की राजनीति और समाज सेवा के क्षेत्र में एक नया और ऊर्जावान नाम चौधरी ओमवीर सिंह बड़ी मजबूती के साथ उभर रहा है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और सफल उद्यमी ओमवीर सिंह ने अब दोहरा मोर्चा संभाल लिया है। जहां एक ओर वह कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें ‘राष्ट्रीय वीर गुर्जर सेना (रजि.)’ का उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष की बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

संघर्ष से सफलता तक: एक प्रेरणादायक सफर

मूल रूप से ऊंचा गांव निवासी और सुरेंद्र सिंह के पुत्र, चौधरी ओमवीर सिंह की जीवन यात्रा युवाओं के लिए मिसाल है। अपने चाचा विक्रम सिंह के संरक्षण में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने वाले ओमवीर ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए एमएससी (M.Sc.) तक की पढ़ाई प्रथम श्रेणी में पूरी की।

एक प्रोफेशनल के तौर पर ‘क्वालिटी मैनेजर’ और ‘प्लांट हेड’ जैसे ऊंचे पदों पर कार्य करने के बाद, उन्होंने महान उद्योगपति रतन टाटा से प्रेरणा ली। आज वह सेलाकुई (देहरादून) में अपनी फार्मा कंपनी के माध्यम से ‘आत्मनिर्भर भारत‘ के सपने को धरातल पर उतार रहे हैं।

डॉ. हरक सिंह रावत को माना अपना ‘राजनीतिक गुरु’

ओमवीर सिंह कद्दावर नेता डॉ. हरक सिंह रावत को अपना आदर्श और राजनीतिक गुरु मानते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉ. रावत के विकासवादी विजन ने ही उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया।

“डॉ. हरक सिंह रावत ने मंत्री रहते हुए प्रदेश का कायाकल्प किया। चार जिले, सात तहसीलें और कई मेडिकल कॉलेज उन्हीं की देन हैं। मैं उन्हीं के पदचिह्नों पर चलकर कांग्रेस को उत्तराखंड का भविष्य बनाना चाहता हूँ।” — चौधरी ओमवीर सिंह

संगठन और राजनीति: दोनों मोर्चों पर सक्रिय

अब राष्ट्रीय वीर गुर्जर सेना (रजि.) के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे है, ओमवीर सिंह समाज की एकता और युवाओं के अधिकारों के लिए भी आवाज उठाएंगे। उनका लक्ष्य संगठन के माध्यम से गुर्जर समाज को एकजुट करना और कांग्रेस की जनकल्याणकारी नीतियों को हर घर तक पहुंचाना है।

भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार: 2027 में बदलाव का दावा

मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए:

  • जनता की अनदेखी: भाजपा सरकार जनता की बुनियादी समस्याओं और दर्द से बेखबर है।
  • महंगाई का दंश: गैस सिलेंडर से लेकर रोजमर्रा की चीजें आम आदमी की पहुंच से बाहर हो रही हैं।
  • 2027 का संकल्प: ओमवीर सिंह ने दावा किया कि 2027 में जनता भाजपा की विफलताओं का हिसाब लेगी और प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ कांग्रेस की सरकार बनेगी।

चौधरी ओमवीर सिंह वर्तमान में स्वास्थ्य शिविरों और निरंतर जनसंपर्क के माध्यम से क्षेत्र की सेवा में जुटे हैं। उन्होंने जनता से आह्वान किया है कि वे किसी के बहकावे में न आएं और विकास के लिए कांग्रेस के हाथ मजबूत करें।

विशेष रिपोर्ट – नवीन कुमार ग्रामीण तहकीकात 

झबरेड़ा। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनावों में अभी वक्त है, लेकिन झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र में सियासी बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। इसी कड़ी में शनिवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश प्रभारी आदेश कुमार ने गांव नगला कुबड़ा का तूफानी दौरा किया। जनसंवाद के दौरान ग्रामीणों से जिस तरह का समर्थन आदेश कुमार को मिला, उसने क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

“अपना क्षेत्रीय लाल, सुख-दुख का साथी”

नगला कुबड़ा पहुंचे बसपा प्रदेश प्रभारी का ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया। जनसंवाद के दौरान मौजूद ग्रामीणों ने एक सुर में कहा कि आदेश कुमार नन्हेड़ा अनंतपुर के निवासी होने के नाते हमारे अपने क्षेत्रीय नेता हैं। ग्रामीणों ने कहा, “आदेश कुमार केवल चुनाव के समय नजर आने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि वे हमारे सुख-दुख में हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहते हैं। अगर 2027 में वे झबरेड़ा से चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो क्षेत्र का एक बड़ा वर्ग उनके साथ मजबूती से खड़ा होगा।”

आदेश कुमार की हुंकार: “मान-सम्मान की लड़ाई जारी रहेगी”

ग्रामीणों के बीच बैठे बसपा नेता आदेश कुमार ने बड़े ही सरल अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनका मकसद राजनीति के जरिए सिर्फ सत्ता पाना नहीं, बल्कि झबरेड़ा के हर उस व्यक्ति की आवाज बनना है जिसका हक मारा जा रहा है। उन्होंने विपक्षियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि वे मिशन 2027 के लिए पूरी तरह तैयार हैं और गांव-गांव जाकर जनता को जगाने का काम कर रहे हैं।

बढ़ती लोकप्रियता से विरोधियों की बढ़ी चिंता

तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि आदेश कुमार किस तरह खाट पर बैठकर ग्रामीणों के साथ चर्चा कर रहे हैं और लोगों से हाथ मिलाकर उनका हाल जान रहे हैं। उनकी इस सादगी और जमीनी पकड़ ने झबरेड़ा के अन्य दिग्गजों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। जिस तरह से वे अभी से मैदान में उतर चुके हैं, उससे यह साफ है कि आने वाले समय में झबरेड़ा की चुनावी जंग बेहद रोचक और कांटे की होने वाली है।

इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य लोग और भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

विशेष रिपोर्ट – ग्रामीण तहकीकात 

झबरेड़ा। हरिद्वार पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा थानों की कार्यप्रणाली को पटरी पर रखने का अभियान जारी है। इसी क्रम में शनिवार को एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने मंगलौर सीओ अभिनव कुमार के साथ झबरेड़ा थाने का अर्धवार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने जहां थाने की साफ-सफाई पर संतोष जताया, वहीं लंबित मामलों (पेंडेंसी) को लेकर पुलिसकर्मियों की क्लास भी लगाई।

पुलिसिंग में सुधार और व्यवहार पर जोर

एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि थाने की चौखट पर आने वाले हर फरियादी के साथ पुलिस का व्यवहार मधुर होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि पीड़ितों की शिकायतों को न केवल धैर्य से सुना जाए, बल्कि उनका त्वरित निस्तारण कर उन्हें न्याय का अहसास कराया जाए। उन्होंने कहा, “पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध रोकना नहीं, बल्कि जनता का विश्वास जीतना भी है।”

पुलिसकर्मियों को दी गई ‘हाईटेक’ ट्रेनिंग

निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें नई क्राइम किट, फिंगरप्रिंट तकनीक और नारकोटिक्स किट के इस्तेमाल का डेमो दिया गया। एसपी देहात ने बताया कि आधुनिक पुलिसिंग में वैज्ञानिक साक्ष्य (Forensic Evidence) जुटाना बेहद जरूरी है, जिससे अपराधियों को सजा दिलाने में मदद मिले।

इन बिंदुओं पर रहा फोकस:

  • मालखाना व शस्त्रागार: हथियारों के रखरखाव और पुराने माल के निस्तारण की स्थिति जांची गई।
  • रसोई कक्ष की सराहना: थाना अध्यक्ष अजय शाह द्वारा अपने स्तर से बनवाए गए नए रसोई और डाइनिंग एरिया की एसपी ने जमकर तारीफ की।
  • पेंडेंसी पर सख्ती: जिन विवेचनाओं में देरी हो रही है, उन्हें समय सीमा के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए।

इस मौके पर थाना अध्यक्ष अजय शाह, लखनौता चौकी प्रभारी रोहित, इकबालपुर चौकी प्रभारी, एसआई रविन्द्र सिंह, एसआई जय सिंह राणा सहित थाने का समस्त स्टाफ मुस्तैद रहा।

विशेष रिपोर्ट ग्रामीण तहकीकात 

झबरेड़ा। जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए एसएसपी हरिद्वार ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। अवैध खनन के मामले में संलिप्तता और लापरवाही बरतने के आरोप में चौकी प्रभारी इकबालपुर समेत 6 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

थाना झबरेड़ा क्षेत्र के अंतर्गत इकबालपुर चौकी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। एसएसपी नवनीत सिंह को प्राप्त सूचनाओं के आधार पर जब प्राथमिक जांच की गई, तो चौकी प्रभारी और वहां तैनात अन्य कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। अनुशासनहीनता और अवैध कार्यों में संलिप्तता के इन गंभीर आरोपों को देखते हुए एसएसपी नवनीत सिंह ने यह सख्त कदम उठाया है।

निलंबित होने वाले पुलिसकर्मी:

एसएसपी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, चौकी प्रभारी इकबालपुर के साथ-साथ उनके अधीन कार्य करने वाले 5 अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।

 

SP देहात शेखर चंद्र सुयाल को सौंपी गई जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी हरिद्वार ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक देहात शेखर चंद्र सुयाल (SP Rural) को सौंपी है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट पेश करें।

 

“अनुचित कार्यों में संलिप्तता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्दी की गरिमा से समझौता करने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।” > — एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह 

क्षेत्र में चर्चा का विषय

इस बड़ी कार्रवाई के बाद से जिले के अन्य थानों और चौकियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस कप्तान के इस कड़े रुख ने साफ संदेश दे दिया है कि यदि कोई भी खाकीधारी अवैध गतिविधियों में लिप्त पाया गया, तो उसका अंजाम निलंबन और विभागीय कार्रवाई ही होगा।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

झबरेड़ा। विद्युत विभाग की विजिलेंस टीम ने आज झबरेड़ा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम झबरेडी कला और मानकपुर आदमपुर में जबरदस्त छापेमारी कर बिजली चोरों और लंबे समय से बिल दबाकर बैठे बकायादारों की नींद उड़ा दी। झबरेड़ा एसडीओ मोहम्मद रिजवान की मुख्य भूमिका और सटीक रणनीति के चलते आज विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की। विजिलेंस की टीम बकायादारों की लंबी सूची लेकर जैसे ही गांव में दाखिल हुई, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस संयुक्त टीम में एसडीओ मोहम्मद रिजवान के साथ विजिलेंस टीम के एसडीओ अनिल, एसडीओ विकास, एसडीओ रॉबिन, इंस्पेक्टर मारुतशाह और जेई अशोक कुमार भारी पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे। कार्रवाई के दौरान विभाग ने 30 ऐसे बड़े बकायादारों के मीटर मौके पर ही उखाड़ लिए जिन्होंने बार-बार चेतावनी के बाद भी बकाया बिल जमा नहीं किया था। चेकिंग के दौरान टीम ने एक ग्रामीण को सीधे कटिया डालकर बिजली चोरी करते हुए और एक उपभोक्ता को पीटीडब्ल्यू (PTW) मीटर का व्यावसायिक इस्तेमाल करते हुए रंगे हाथों दबोचा। एसडीओ मोहम्मद रिजवान ने कड़े लहजे में बयान देते हुए कहा कि आज कुल 31 लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई गई है और यह अभियान रुकने वाला नहीं है। उन्होंने उपभोक्ताओं को दो टूक चेतावनी दी कि जिन लोगों के कनेक्शन बकाया पर काटे जा चुके हैं, यदि वे दोबारा अवैध रूप से बिजली जोड़ते पाए गए या बिल जमा नहीं किया, तो उनके खिलाफ आरसी (RC) काटने और जेल भेजने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी से अपील की कि वे किसी भी कानूनी कार्रवाई और जुर्माने से बचने के लिए तत्काल अपना बकाया बिजली बिल जमा करें।

 

ग्रामीण तहकीकात 

झबरेड़ा। कस्बे और आसपास के देहात क्षेत्रों में इन दिनों मेडिकल स्टोरों के नाम पर नियम-कानूनों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय चर्चाओं की मानें तो क्षेत्र के लगभग 90 फीसदी मेडिकल स्टोर बिना किसी फार्मासिस्ट के ही राम-भरोसे चल रहे हैं, जबकि कानूनन बिना फार्मासिस्ट के दवा की पुड़िया देना भी अपराध है। आलम यह है कि कई दुकानों पर न तो जीवन रक्षक दवाओं को बचाने के लिए फ्रिज चालू हैं और न ही सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरों का अता-पता है। हद तो तब हो गई जब थोक लाइसेंस की आड़ में कई धड़ल्ले से फुटकर दवाइयां बेच रहे हैं और कुछ जगहों पर तो बिना किसी वैध डिग्री के पशुओं की दवाइयां भी खपाई जा रही हैं। जब इस पूरे गोरखधंधे को लेकर ड्रग इंस्पेक्टर हरीश सिंह से बात की गई, तो साहब ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि “मेरे संज्ञान में ऐसा कुछ नहीं है, आप लिखकर शिकायत दो तब मैं कार्रवाई करूँगा।” अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकारी तंत्र को अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए भी किसी के लिखकर देने का इंतजार है? शासनादेश तो यह कहता है कि ड्रग इंस्पेक्टर का काम खुद फील्ड में उतरकर औचक निरीक्षण करना और गलत को रोकना है। एक सजग पत्रकार का काम व्यवस्था की पोल खोलना है, न कि विभाग के लिए शिकायतकर्ता बनकर कचहरी के चक्कर काटना। अब क्षेत्र की जनता यह देख रही है कि नवनियुक्त ड्रग इंस्पेक्टर साहब कब अपनी कुर्सी छोड़कर इन मनबढ़ संचालकों पर डंडा चलाते हैं या फिर लिखित शिकायत के बहाने मामले को ठंडे बस्ते में ही डाले रखते हैं।

नसीरपुर अफजलपुर की माटी से निकलकर अब झबरेड़ा विधानसभा में ‘परिवर्तन’ की मशाल थामने को तैयार आदेश कुमार

झबरेड़ा/मंगलौर। राजनीति में जब कोई व्यक्तित्व संघर्ष की भट्टी में तपकर निकलता है, तो उसकी चमक दूर तक दिखाई देती है। मंगलौर के नसीरपुर अफजलपुर गांव से अपनी राजनैतिक पारी शुरू करने वाले आदेश कुमार अब झबरेड़ा विधानसभा के दंगल में ‘मजबूत दावेदार’ के रूप में ताल ठोक चुके हैं। आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए आदेश कुमार ने अभी से क्षेत्र के गांव-गांव और गली-मोहल्लों में डेरा डाल दिया है। उनकी इस सक्रियता ने झबरेड़ा की राजनैतिक बिसात पर हलचल पैदा कर दी है।

किसानों और गरीबों की बुलंद आवाज

आदेश कुमार की राजनीति का मूल मंत्र ‘जनसेवा’ है। वर्तमान में वे झबरेड़ा क्षेत्र के किसानों और गरीबों की सबसे मुखर आवाज बनकर उभरे हैं। खाद-बीज की समस्या हो या बिजली-पानी का संकट, आदेश कुमार हर मोर्चे पर आम आदमी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नजर आ रहे हैं। क्षेत्र की जनता के बीच उनकी बढ़ती पैठ का ही नतीजा है कि आज लोग उन्हें ‘भविष्य के विकल्प’ के रूप में देखने लगे हैं।

2027 के लिए ‘हाथ’ को करेंगे मजबूत

राजनैतिक गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी से टिकट की दौड़ में आदेश कुमार का नाम सबसे आगे है। युवा कांग्रेस के साथ सालों का अनुभव और प्रदेश महासचिव (अनुसूचित मोर्चा) के पद पर रहते हुए पूरे प्रदेश में बनाई गई अपनी पकड़ के दम पर वे झबरेड़ा में कांग्रेस के लिए ‘तुरुप का इक्का’ साबित हो सकते हैं। कार्यकर्ताओं का मानना है कि आदेश कुमार जैसे शिक्षित और बेदाग छवि वाले युवा चेहरे को मैदान में उतारकर पार्टी झबरेड़ा सीट पर बड़ी जीत दर्ज कर सकती है।

 

संघर्षों से बना ‘मार्शल’ का व्यक्तित्व

2009 में लिब्बरहेडी से शुरू हुआ सफर अब एक बड़े मुकाम पर है। युवा कांग्रेस में निर्वाचित अध्यक्षों की हैट्रिक लगाने वाले आदेश कुमार ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। सरकार में निर्माण सलाहकार समिति के सदस्य के रूप में प्रशासनिक अनुभव बटोरने वाले आदेश कुमार आज बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की फौज तैयार कर रहे हैं। उनका मानना है कि राजनीति केवल सत्ता का खेल नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के आंसू पोंछने का जरिया है।

झबरेड़ा की जनता अब एक ऐसे प्रतिनिधि की तलाश में है जो उनके बीच का हो, उनकी भाषा बोलता हो और उनके दुख-दर्द को समझता हो। आदेश कुमार की बढ़ती सक्रियता और 2027 की तैयारी ने यह साफ कर दिया है कि इस बार झबरेड़ा का चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है।