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ग्रामीण तहकीकात

ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार (प्रधान संपादक)

चुड़ियाला। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर सिद्धपीठ मां चूड़ामणि देवी दरबार से भव्य शोभायात्रा का आयोजन कर मां भगवती की आराधना की गई, जिसमें समर्पित श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव और आस्था के साथ सहभागिता कर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया; हालांकि धार्मिक आयोजनों में पहले की तुलना में श्रद्धालुओं की घटती उपस्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पुनीत कश्यप ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली और व्यस्तताओं के चलते लोग अपनी धार्मिक व सांस्कृतिक परंपराओं से दूर हो रहे हैं, जो समाज के लिए बेहद चिंताजनक है; उन्होंने आह्वान किया कि युवा पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक व आध्यात्मिक जड़ों से जोड़े रखने के लिए ऐसे पावन आयोजनों में बढ़-चढ़कर भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि सनातन संस्कृति की निरंतरता अक्षुण्ण बनी रहे; सीमित संख्या के बावजूद शोभायात्रा की गरिमा और परंपरा को जीवंत बनाए रखने में आदित्य कश्यप, साहित्य कश्यप, कपिल त्यागी, नित्या कश्यप, नितिन, अनिरुद्ध पंडित, कमल और कमल त्यागी सहित निष्ठावान श्रद्धालुओं ने सक्रिय भूमिका निभाई; उपस्थित भक्तों ने मां चूड़ामणि के चरणों में शीश नवाकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार की कामना की।

ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार 

नारसन। ग्रामीण विकास की रीढ़ कही जाने वाली रीप (REAP) परियोजना के नारसन ब्लॉक में चल रही खुली अंधेरगर्दी पर जब सूचना का अधिकार (RTI) का हंटर चला, तो अफसरों के होश फाख्ता हो गए और खुद उनके दस्तखत वाली चिट्ठी ने पूरे कारनामे का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया है। जिला कार्यालय ग्रामोत्थान (रीप), विकास भवन द्वारा जारी पत्रांक 375 में दर्ज आधिकारिक कुबूलनामे ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है, जिसमें साफ माना गया है कि ब्लॉक में तैनात किए गए कार्मिकों के चरित्र व पुलिस वेरिफिकेशन का कोई नामोनिशान तक विभाग की फाइलों में दर्ज नहीं है—यानी सरकारी खजाने की चाबी थमाने से पहले यह तक नहीं देखा गया कि कुर्सी पर बैठाया गया शख्स पाक-साफ है या दागदार। मजे की बात तो यह है कि कागजों पर महिला समूहों के नाम करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट व सब्सिडी की बंदरबांट दर्शा दी गई, लेकिन जब इस पूरे खेल के वार्षिक बैंक स्टेटमेंट, लेजर बुक, चार्टर्ड एकाउंटेंट (CA) की ऑडिट रिपोर्ट, चहेती फर्मों के भुगतान और देहरादून से खरीदे गए फूड कोर्ट के बिल-वाउचर तलब किए गए, तो सीधे जवाब देने की बजाय अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। बैंक खातों का पूरा हिसाब दबाकर रख लिया गया और गेंद निचले स्तर की सहकारिता व एनआरएलएम के पाले में फेंककर जिम्मेदारी से साफ पल्ला झाड़ लिया गया। कानूनी फंदे से बचने के लिए 30 दिन की मियाद बीत जाने पर बैकडेट (24 सितंबर) डालकर 3 अक्टूबर को डाक से भेजे गए इस भारी पुलिंदे का आलम यह है कि भेजे गए किसी भी कागज पर लोक सूचना अधिकारी के न तो कोई दस्तखत हैं और न ही कोई अधिकृत मुहर—जिससे यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या करोड़ों के बजट पर बैठा विभाग इतना लापरवाह और बेलगाम हो चुका है कि कानून की नजर में रद्दी सादे कागजों का बंडल थमाकर औपचारिकता पूरी समझ बैठा? सरकारी धन के इस संदिग्ध खेल, बैंक स्टेटमेंट दबाने और आधिकारिक पर्दाफाश के बाद अब मामला मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की चौखट पर प्रथम अपील के जरिए पहुंच चुका है, जहां अब बैंक खातों के लेन-देन की जांच और लीपापोती करने वाले अफसरों पर सीधा विधिक शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।

अरुण कश्यप बने प्रदेश अध्यक्ष, नवीन कुमार को महासचिव की कमान

​देहरादून। देश के प्रतिष्ठित पत्रकार संगठन ‘भारतीय पत्रकार यूनियन (रजि.)’ के राष्ट्रीय नेतृत्व ने देवभूमि उत्तराखंड में संगठन की जड़ों को अभूतपूर्व मजबूती देने और पत्रकार हितों के संरक्षण हेतु अपनी प्रदेश कार्यकारिणी का विधिवत पुनर्गठन किया है। देहरादून में राष्ट्रीय नेतृत्व की उपस्थिति में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान अनुभवी पत्रकारों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

​📍 राष्ट्रीय नेतृत्व की मौजूदगी में हुआ विस्तार

​राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जोशी के दिशा-निर्देशानुसार प्रदेश कार्यकारिणी को बहाल करते हुए नए सिरे से गठित किया गया। जारी की गई नवीन सूची के तहत संगठन ने प्रखर और सक्रिय पत्रकारों को प्राथमिकता दी है।

​📋 नवनियुक्त प्रदेश कार्यकारिणी की सूची:

  • ​प्रदेश अध्यक्ष: अरुण कश्यप (पायनियर – अंग्रेजी) — इन्हें उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रभारी की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
  • ​प्रदेश महासचिव: नवीन कुमार (संपादक, दैनिक ग्रामीण तहकीकात)
  • ​प्रदेश उपाध्यक्ष: सत्यपाल सैनी (अमर उजाला)
  • ​प्रदेश सचिव: सोनू उनियाल (पायनियर – हिन्दी)
  • ​प्रदेश सचिव (महिला प्रकोष्ठ): दिशा शर्मा (आज)
  • ​मंडल प्रभारी (गढ़वाल): श्याम सुन्दर (न्यूज 27 टीवी चैनल) — साथ ही नगर अध्यक्ष, मंगलौर।
  • ​प्रदेश संरक्षक: जसवीर सैनी (हिन्दुस्तान) — साथ ही नगर अध्यक्ष, झबरेड़ा।
  • ​प्रदेश सलाहकार: अश्वनी सैनी (दैनिक जागरण) — साथ ही नगर महासचिव, झबरेड़ा।
  • ​प्रदेश सलाहकार: प्रिंस शर्मा (हिन्दुस्तान समाचार) — साथ ही नगर अध्यक्ष, रुड़की।

 

​🛡️ “उत्पीड़न के खिलाफ चट्टान की तरह रहेंगे अडिग”

​वरिष्ठ पत्रकार अकरम अली की गरिमामयी उपस्थिति में नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अरुण कश्यप और प्रदेश महासचिव नवीन कुमार ने पत्रकारों के उत्पीड़न के विरुद्ध चट्टान की तरह अडिग रहने का संकल्प दोहराया। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसके उपरांत प्रत्येक जनपद में जिला इकाइयों का गठन कर पत्रकारों के मान-सम्मान की लड़ाई को और अधिक धार दी जाएगी।

​राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जोशी ने नवनियुक्त कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए संगठन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का आह्वान किया।

सेवइयों की मिठास और गले मिलकर दूर हुई दूरियां

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात

हरिद्वार/नई दिल्ली। एक महीने के मुकद्दस रमजान और कठिन इबादत के बाद आज पूरे देश में ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे अकीदत और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह की पहली किरण के साथ ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों का सैलाब उमड़ पड़ा। हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर राजधानी दिल्ली की जामा मस्जिद तक, हर तरफ ‘ईद मुबारक’ की गूंज और आपसी भाईचारे का अद्भुत नजारा देखने को मिला।

नमाज के बाद मुल्क की खुशहाली के लिए उठे हाथ

आज सुबह ईदगाहों में हजारों की संख्या में मुस्लिम भाइयों ने सफों में खड़े होकर एक साथ नमाज अदा की। नमाज के बाद इमाम साहब ने मुल्क में अमन, चैन, शांति और तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी। नमाज संपन्न होते ही लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। बच्चों में ‘ईदी’ को लेकर विशेष उत्साह देखा गया, वहीं मेलों में खिलौनों और झूलों का आनंद लेने के लिए भारी भीड़ जुटी।

गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल: नवरात्रि और ईद एक साथ

इस बार की ईद बेहद खास है क्योंकि एक तरफ चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है और दूसरी तरफ ईद की खुशियां मनाई जा रही हैं। हरिद्वार, रुड़की और झबरेड़ा क्षेत्र में यह नजारा हमारी साझा संस्कृति (गंगा-जमुनी तहजीब) का प्रतीक बना। हिंदू भाइयों ने ईदगाहों के बाहर पहुंचकर मुस्लिम भाइयों का स्वागत किया और गले मिलकर उन्हें बधाई दी। यह दृश्य बताता है कि भारत की एकता ही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है।

सेवइयों की मिठास और दावतों का दौर

ईद के मौके पर घरों में सुबह से ही विशेष पकवान और ‘शीर-खुरमा’ (सेवइयां) बनाने का दौर जारी है। मेहमानों का स्वागत मिठास के साथ किया जा रहा है। मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि यह त्योहार हमें सिखाता है कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है और आपसी प्रेम ही समाज की सबसे बड़ी पूंजी है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

त्योहार के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा। ड्रोन कैमरों से भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की गई। प्रशासन ने शांतिपूर्ण तरीके से नमाज संपन्न होने पर सभी को धन्यवाद दिया और बधाई दी।

 

हरिद्वार। “या देवी सर्वभूतेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता…” के जयघोष के साथ आज चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन श्रद्धा का सैलाब उमड़ रहा है। आज का दिन आदि-शक्ति के ‘माँ चंद्रघंटा’ स्वरूप को समर्पित है। देवी का यह रूप जितना सौम्य और शांत है, उतना ही शत्रुओं के लिए संहारक भी। इनके माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, जो शीतलता और शांति का प्रतीक है।

देवी का स्वरूप: शांति और वीरता का अद्भुत संगम

माँ चंद्रघंटा का स्वरूप अलौकिक है। स्वर्ण जैसी चमक वाली देवी दस भुजाओं वाली हैं। उनके हाथों में त्रिशूल, गदा, तलवार और धनुष-बाण हैं, जो अधर्म के विनाश का संकेत देते हैं। उनका वाहन सिंह है, जो साहस का प्रतीक है। देवी की आराधना करने से साधक के भीतर छिपे हुए भय का नाश होता है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

आज के दिन का विशेष महत्व (21 मार्च 2026)

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जो भक्त आज के दिन मणिपुर चक्र पर ध्यान केंद्रित करते हैं, उन्हें सिद्धियां प्राप्त होती हैं। माँ चंद्रघंटा की पूजा से न केवल आध्यात्मिक बल मिलता है, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व में एक विशेष आकर्षण और विनम्रता का समावेश होता है।

पूजा की सरल विधि और आज का ‘महा-उपाय’

  • शुभ रंग: आज के दिन ग्रे (स्लेटी) या चमकीले रंगों का प्रयोग करना फलदायी होता है।
  • महा-भोग: माँ को दूध की खीर या केसरिया पेड़ा अर्पित करें। इससे मानसिक तनाव दूर होता है और घर में सुख-शांति आती है।
  • दान का महत्व: आज के दिन ब्राह्मणों या कन्याओं को शक्कर या दूध का दान करना विशेष पुण्यकारी माना जाता है।

मंत्र जो बदल देगा आपकी किस्मत

आज पूजा के समय इस प्रभावशाली मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना चाहिए:

“ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः”

माँ का संदेश: निर्भय बनें और धर्म का मार्ग चुनें

प्रधानाध्यापक और विद्वानों का मानना है कि माँ चंद्रघंटा का घंटा असुरों के हृदय को कपाने वाला है। इसका अर्थ यह है कि समाज में व्याप्त बुराइयों और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए हमें जागरूक और साहसी होना चाहिए। माँ की कृपा उन पर सदैव रहती है जो दूसरों के प्रति दयालु और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हैं।

​विशेष संपादकीय | ग्रामीण तहकीकात

​भूमिका:

चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन माँ दुर्गा के ‘ब्रह्मचारिणी’ स्वरूप को समर्पित है। ‘ब्रह्म’ का अर्थ है तपस्या और ‘चारिणी’ का अर्थ है आचरण करने वाली। यह स्वरूप केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि संघर्षों के बीच अडिग रहने और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए किए जाने वाले ‘घोर परिश्रम’ का जीवंत उदाहरण है।

​1. माँ का दिव्य स्वरूप और कथा

​दाहिने हाथ में जप की माला और बाएं हाथ में कमंडल धारण किए हुए माँ ब्रह्मचारिणी अत्यंत शांत और भव्य दिखती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए देवी ने हजारों वर्षों तक केवल फल-फूल खाकर और अंत में केवल वायु पर रहकर तपस्या की थी।

​सीख: जीवन में बड़ी सफलता (जैसे शक्ति और धन) पाने के लिए ‘शॉर्टकट’ नहीं, बल्कि ‘तप’ (कठिन परिश्रम) की आवश्यकता होती है।

 

​2. पूजा की सरल विधि (घर और मंदिर के लिए)

  • ​पवित्रता: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्वच्छ वस्त्र (पीले या सफेद रंग के) धारण करें।
  • ​अभिषेक: माँ को पंचामृत से स्नान कराएं और चंदन का तिलक लगाएं।
  • ​प्रिय पुष्प: माता को सफेद सुगंधित फूल (मोगरा या चमेली) अत्यंत प्रिय हैं।
  • ​महाप्रसाद: माँ ब्रह्मचारिणी को चीनी, मिश्री और पंचामृत का भोग लगाना चाहिए। मान्यता है कि इससे लंबी आयु और सौभाग्य का वरदान मिलता है।
  • ​सिद्ध मंत्र: > दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

​3. व्रत और आहार: शरीर और मन का शुद्धिकरण

​नवरात्रि का व्रत केवल भूखा रहना नहीं, बल्कि इंद्रियों पर विजय पाना है।

  • ​सात्विक भोजन: कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की पूरी, साबूदाना खिचड़ी और सेंधा नमक का प्रयोग करें।
  • ​तरल आहार: गर्मी का समय है, इसलिए नारियल पानी, छाछ और ताजे फलों के रस का अधिक सेवन करें।
  • ​क्या न करें: मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का त्याग करें। साथ ही, किसी की निंदा या क्रोध करने से बचें।

​4. आज के दौर में महत्व

​आज के दौर में माँ ब्रह्मचारिणी का संदेश बहुत प्रासंगिक है। चाहे आप एक पत्रकार हों, किसान हों या व्यापारी—बिना ‘संयम’ और ‘अनुशासन’ के कोई भी युद्ध नहीं जीता जा सकता। कठिन परिस्थितियों में विचलित न होना ही माँ की सच्ची आराधना है।

​‘ग्रामीण तहकीकात’ परिवार की ओर से समस्त पाठकों को द्वितीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ!

 

रुड़की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की और बिट्स पिलानी ने विज्ञान, अभियांत्रिकी और अनुसंधान के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। बुधवार को नोएडा स्थित जीएनईसी परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत और बिट्स पिलानी के कुलपति प्रो. वी. रामगोपाल राव ने इस साझेदारी का आदान-प्रदान किया। इस समझौते के तहत दोनों संस्थान अपनी प्रयोगशालाओं, उन्नत बुनियादी ढांचे और संकाय विशेषज्ञता को साझा करेंगे, जिससे एआई-एमएल, सतत ऊर्जा और हाइड्रोजन तकनीक जैसे उभरते क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान को गति मिलेगी। इसके साथ ही दोनों संस्थान मिलकर पीएचडी शोधार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप तकनीकी समाधान विकसित करेंगे। प्रो. पंत ने इस गठबंधन को प्रभावशाली अनुसंधान परिणामों और कुशल मानव संसाधन विकास के लिए मील का पत्थर बताया, जबकि प्रो. राव ने इसे भारत की तकनीकी प्रगति में एक सार्थक कदम करार दिया। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के वरिष्ठ संकाय सदस्य और शोधकर्ता उपस्थित रहे।