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Dehradun

विशेष संपादकीय | ग्रामीण तहकीकात

भूमिका:

चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन माँ दुर्गा के ‘ब्रह्मचारिणी’ स्वरूप को समर्पित है। ‘ब्रह्म’ का अर्थ है तपस्या और ‘चारिणी’ का अर्थ है आचरण करने वाली। यह स्वरूप केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि संघर्षों के बीच अडिग रहने और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए किए जाने वाले ‘घोर परिश्रम’ का जीवंत उदाहरण है।

1. माँ का दिव्य स्वरूप और कथा

​दाहिने हाथ में जप की माला और बाएं हाथ में कमंडल धारण किए हुए माँ ब्रह्मचारिणी अत्यंत शांत और भव्य दिखती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए देवी ने हजारों वर्षों तक केवल फल-फूल खाकर और अंत में केवल वायु पर रहकर तपस्या की थी।

सीख: जीवन में बड़ी सफलता (जैसे शक्ति और धन) पाने के लिए ‘शॉर्टकट’ नहीं, बल्कि ‘तप’ (कठिन परिश्रम) की आवश्यकता होती है।

 

2. पूजा की सरल विधि (घर और मंदिर के लिए)

  • पवित्रता: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्वच्छ वस्त्र (पीले या सफेद रंग के) धारण करें।
  • अभिषेक: माँ को पंचामृत से स्नान कराएं और चंदन का तिलक लगाएं।
  • प्रिय पुष्प: माता को सफेद सुगंधित फूल (मोगरा या चमेली) अत्यंत प्रिय हैं।
  • महाप्रसाद: माँ ब्रह्मचारिणी को चीनी, मिश्री और पंचामृत का भोग लगाना चाहिए। मान्यता है कि इससे लंबी आयु और सौभाग्य का वरदान मिलता है।
  • सिद्ध मंत्र: > दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

3. व्रत और आहार: शरीर और मन का शुद्धिकरण

​नवरात्रि का व्रत केवल भूखा रहना नहीं, बल्कि इंद्रियों पर विजय पाना है।

  • सात्विक भोजन: कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की पूरी, साबूदाना खिचड़ी और सेंधा नमक का प्रयोग करें।
  • तरल आहार: गर्मी का समय है, इसलिए नारियल पानी, छाछ और ताजे फलों के रस का अधिक सेवन करें।
  • क्या न करें: मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का त्याग करें। साथ ही, किसी की निंदा या क्रोध करने से बचें।

4. आज के दौर में महत्व

​आज के दौर में माँ ब्रह्मचारिणी का संदेश बहुत प्रासंगिक है। चाहे आप एक पत्रकार हों, किसान हों या व्यापारी—बिना ‘संयम’ और ‘अनुशासन’ के कोई भी युद्ध नहीं जीता जा सकता। कठिन परिस्थितियों में विचलित न होना ही माँ की सच्ची आराधना है।

‘ग्रामीण तहकीकात’ परिवार की ओर से समस्त पाठकों को द्वितीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ!

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित पंचांग कैलेंडर का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए इसे उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संजोने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

सांस्कृतिक पहचान और नई पीढ़ी का जुड़ाव

विमोचन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सनातन परंपराएं और सांस्कृतिक मूल्य ही राज्य की विशिष्ट पहचान हैं। उन्होंने जोर देकर कहा:

“यह पंचांग कैलेंडर हमारी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।”

कैलेंडर की मुख्य विशेषताएँ

यह पंचांग केवल तिथियों का संग्रह नहीं है, बल्कि इसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियों को समाहित किया गया है:

  • पर्व और व्रत: पारंपरिक त्योहारों, व्रतों और उनके धार्मिक महत्व का विस्तृत विवरण।
  • धार्मिक स्थल: उत्तराखंड के प्रमुख सिद्धपीठों और धार्मिक स्थलों को विशेष स्थान दिया गया है।
  • उपयोगिता: इसमें तिथि, वार, नक्षत्र और विशेष दिवसों की सटीक जानकारी दी गई है, जो इसे आम जनमानस के लिए बेहद उपयोगी बनाती है।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

मुख्यमंत्री ने सूचना विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह कैलेंडर राज्य की लोक संस्कृति के प्रसार में सहायक होगा। इस अवसर पर शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से:

  • विनय शंकर पांडेय, सचिव (सूचना)
  • बंशीधर तिवारी, महानिदेशक (सूचना)

तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण शामिल थे।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

देहरादून। फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड का ग्रैंड फिनाले 21 मार्च को आयोजित किया जाएगा। उत्तराखंड में आयोजित दो ऑडिशन राउंड्स के बाद 21 प्रतिभागियों का चयन किया गया है, जिनके बीच ग्रैंड फिनाले में ताज के लिए मुकाबला होगा।

ग्रैंड फिनाले के दौरान प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए 8 सब-टाइटल भी दिए जाएंगे, जिनमें मिस फोटोजेनिक, मिस ब्यूटिफुल स्माइल, मिस टैलेंटेड, मिस वाइब्रेंट पर्सनैलिटी, मिस रैंप वॉक, मिस ग्लोइंग स्किन, मिस कॉन्जिनियल और मिस ब्यूटिफुल आइज शामिल हैं।

इस प्रतियोगिता की विजेता फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड के रूप में चुनी जाएंगी और मुंबई में आयोजित होने वाली फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगी। उत्तराखंड में इस स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन पहली बार किया जा रहा है।

प्रतियोगिता के लिए प्रतिभागियों की इंडियन एथनिक कॉस्ट्यूम को ऋचा एहलावत की छाप क्रिएशन द्वारा डिजाइन किया गया है, जबकि इवनिंग गाउन रुचिका गोयल और अपराजिता गोयल द्वारा तैयार किए गए हैं।

जजमेंट के लिए मुंबई से मिस इंडिया 2024 निकिता पोरवाल विशेष रूप से देहरादून पहुंचेंगी। शो की कोरियोग्राफी जैज पुष्कर सोनी द्वारा की जाएगी, जबकि इवेंट कोऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी हिमानी रावत, अनन्या भंडारी और राहुल छाबड़ा निभाएंगे। प्रतिभागियों की स्टाइलिंग के लिए मुंबई से निशांक सेनानी और प्रियादिति सिंधी मौजूद रहेंगे। सिनमिट कम्यूनिकेशंस के डायरेक्टर दलीप सिंधी और राजीव मित्तल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगिता के लिए प्रतिभागियों का ट्रेनिंग प्रोग्राम 17 मार्च से शुरू होगा। इसके तहत 17 मार्च को ओरिएंटेशन और रैंप वॉक ट्रेनिंग, 18 मार्च को कोरियोग्राफी और फोटोशूट, 19 मार्च को सब-टाइटल राउंड विद मीडिया, 20 मार्च को कोरियोग्राफी और टेक रन तथा 21 मार्च को ग्रैंड फिनाले का आयोजन किया जाएगा।

ट्रेनिंग कार्यक्रम सेंट्रियो मॉल के स्काई डैक में आयोजित किया जाएगा। मिस इंडिया टीम के बेनेट नाथन ने बताया कि

फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड का आयोजन फेमिना मिस इंडिया के लाइसेंसी सिनमिट कम्यूनिकेशंस द्वारा किया जा रहा है। इस आयोजन में लक्ष्मी ज्वैलर्स, न्यू इरा मॉडलिंग फोटो स्टूडियो, औरा हाइट्स, जेबीसीसी लाउंज, औरा दून लेज़र होटल, एलोरास मेल्टिंग मुमेंट्स, एडोन, पेटअल्स, रोमियों लेन, ओंकार प्रिंटर्स और सेंट्रियो मॉल का विशेष सहयोग रहेगा।

इस मौके पर मिस इंडिया टीम के बेनेट नाथन, सिनमिट कम्यूनिकेशंस के डायरेक्टर दलीप सिंधी और राजीव मित्तल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

 

पौड़ी गढ़वाल। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने आज पौड़ी गढ़वाल भ्रमण के दौरान पौड़ी स्थित सर्किट हाउस में पार्टी के सम्मानित कार्यकर्ताओं से भेंट कर विभिन्न समसामयिक विषयों एवं संगठन के आगामी कार्यक्रमों को लेकर सार्थक चर्चा की। इस दौरान संगठन की मजबूती, जनसंपर्क और आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने के विषय पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

इसके पश्चात खुड्डेस्वर महादेव ग्राउंड (पाबो), पौड़ी गढ़वाल में आयोजित टाइटन कप 2026 के 9वें संस्करण के अंतर्गत प्रथम बार आयोजित महिला क्रिकेट टूर्नामेंट में प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुईं। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र की बहनों और बेटियों को खेल के मैदान में आत्मविश्वास और उत्साह के साथ आगे बढ़ते देख प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज की नारी केवल घर-परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल, शिक्षा और हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही है।

उन्होंने कहा कि माननीय पीएम नरेंद्र मोदी के “नारी शक्ति” को सशक्त बनाने के संकल्प और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं को खेल, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में निरंतर प्रोत्साहन मिल रहा है। इसी प्रेरणा से गांव की बेटियां भी आज मैदान में अपनी प्रतिभा दिखाकर यह संदेश दे रही हैं कि अवसर और प्रोत्साहन मिले तो नारी शक्ति हर क्षेत्र में नया इतिहास रच सकती है।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से मिलकर उनके द्वारा चीड़ (पिरुल) से बनाए गए आकर्षक हस्तशिल्प एवं उपयोगी उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की, ग्रामीण महिलाओं द्वारा स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में किया जा रहा यह प्रयास अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायी है।

भ्रमण के दौरान ग्राम सेड़ियाधार, पौड़ी गढ़वाल में विमला, भगवती प्रसाद नौटियाल के सुपुत्र सौरभ के विवाह के शुभ अवसर पर उनके आवास पहुंचकर प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने नवदंपत्ति को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।