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Day: March 14, 2026

विशेष रिपोर्ट – नवीन कुमार ग्रामीण तहकीकात 

झबरेड़ा। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनावों में अभी वक्त है, लेकिन झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र में सियासी बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। इसी कड़ी में शनिवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश प्रभारी आदेश कुमार ने गांव नगला कुबड़ा का तूफानी दौरा किया। जनसंवाद के दौरान ग्रामीणों से जिस तरह का समर्थन आदेश कुमार को मिला, उसने क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

“अपना क्षेत्रीय लाल, सुख-दुख का साथी”

नगला कुबड़ा पहुंचे बसपा प्रदेश प्रभारी का ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया। जनसंवाद के दौरान मौजूद ग्रामीणों ने एक सुर में कहा कि आदेश कुमार नन्हेड़ा अनंतपुर के निवासी होने के नाते हमारे अपने क्षेत्रीय नेता हैं। ग्रामीणों ने कहा, “आदेश कुमार केवल चुनाव के समय नजर आने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि वे हमारे सुख-दुख में हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहते हैं। अगर 2027 में वे झबरेड़ा से चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो क्षेत्र का एक बड़ा वर्ग उनके साथ मजबूती से खड़ा होगा।”

आदेश कुमार की हुंकार: “मान-सम्मान की लड़ाई जारी रहेगी”

ग्रामीणों के बीच बैठे बसपा नेता आदेश कुमार ने बड़े ही सरल अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनका मकसद राजनीति के जरिए सिर्फ सत्ता पाना नहीं, बल्कि झबरेड़ा के हर उस व्यक्ति की आवाज बनना है जिसका हक मारा जा रहा है। उन्होंने विपक्षियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि वे मिशन 2027 के लिए पूरी तरह तैयार हैं और गांव-गांव जाकर जनता को जगाने का काम कर रहे हैं।

बढ़ती लोकप्रियता से विरोधियों की बढ़ी चिंता

तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि आदेश कुमार किस तरह खाट पर बैठकर ग्रामीणों के साथ चर्चा कर रहे हैं और लोगों से हाथ मिलाकर उनका हाल जान रहे हैं। उनकी इस सादगी और जमीनी पकड़ ने झबरेड़ा के अन्य दिग्गजों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। जिस तरह से वे अभी से मैदान में उतर चुके हैं, उससे यह साफ है कि आने वाले समय में झबरेड़ा की चुनावी जंग बेहद रोचक और कांटे की होने वाली है।

इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य लोग और भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

विशेष रिपोर्ट – ग्रामीण तहकीकात 

झबरेड़ा। हरिद्वार पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा थानों की कार्यप्रणाली को पटरी पर रखने का अभियान जारी है। इसी क्रम में शनिवार को एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने मंगलौर सीओ अभिनव कुमार के साथ झबरेड़ा थाने का अर्धवार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने जहां थाने की साफ-सफाई पर संतोष जताया, वहीं लंबित मामलों (पेंडेंसी) को लेकर पुलिसकर्मियों की क्लास भी लगाई।

पुलिसिंग में सुधार और व्यवहार पर जोर

एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि थाने की चौखट पर आने वाले हर फरियादी के साथ पुलिस का व्यवहार मधुर होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि पीड़ितों की शिकायतों को न केवल धैर्य से सुना जाए, बल्कि उनका त्वरित निस्तारण कर उन्हें न्याय का अहसास कराया जाए। उन्होंने कहा, “पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध रोकना नहीं, बल्कि जनता का विश्वास जीतना भी है।”

पुलिसकर्मियों को दी गई ‘हाईटेक’ ट्रेनिंग

निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें नई क्राइम किट, फिंगरप्रिंट तकनीक और नारकोटिक्स किट के इस्तेमाल का डेमो दिया गया। एसपी देहात ने बताया कि आधुनिक पुलिसिंग में वैज्ञानिक साक्ष्य (Forensic Evidence) जुटाना बेहद जरूरी है, जिससे अपराधियों को सजा दिलाने में मदद मिले।

इन बिंदुओं पर रहा फोकस:

  • मालखाना व शस्त्रागार: हथियारों के रखरखाव और पुराने माल के निस्तारण की स्थिति जांची गई।
  • रसोई कक्ष की सराहना: थाना अध्यक्ष अजय शाह द्वारा अपने स्तर से बनवाए गए नए रसोई और डाइनिंग एरिया की एसपी ने जमकर तारीफ की।
  • पेंडेंसी पर सख्ती: जिन विवेचनाओं में देरी हो रही है, उन्हें समय सीमा के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए।

इस मौके पर थाना अध्यक्ष अजय शाह, लखनौता चौकी प्रभारी रोहित, इकबालपुर चौकी प्रभारी, एसआई रविन्द्र सिंह, एसआई जय सिंह राणा सहित थाने का समस्त स्टाफ मुस्तैद रहा।

 

मंगलौर। जनपद में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत मंगलौर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने फैक्ट्री में चोरी की घटना का चंद समय में अनावरण करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से चोरी किया गया कीमती सामान भी बरामद कर लिया गया है।

क्या था मामला?

गायत्री एंक्लेव निवासी निशांत पुत्र अवनीश ने कोतवाली मंगलौर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके चाचा की फैक्ट्री से अज्ञात चोरों ने सामान पार कर दिया है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अंकित पाल नामक व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू की थी।

दबिश के दौरान पकड़ा गया आरोपी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरिद्वार के निर्देशों के अनुपालन में पुलिस टीम लगातार संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसी क्रम में दिनांक 13.03.2026 को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपी के पास से चोरी की गई मशीन और अन्य उपकरण बरामद हुए।

बरामदगी का विवरण:

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • 01 मिक्सिंग मशीन
  • 02 लोहे के कवर
  • रबर व अन्य सहायक सामान

आरोपी की पहचान:

गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंकित पाल पुत्र रमेश, निवासी होटल पैसिफिक के पीछे, थाना कोतवाली मंगलौर, जनपद हरिद्वार के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम:

इस सफल कार्रवाई में निम्नलिखित पुलिसकर्मियों की मुख्य भूमिका रही:

  • अपर उपनिरीक्षक: हरिमोहन
  • कांस्टेबल: सुधीर
  • कांस्टेबल: विनोद

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

हरिद्वार । उत्तराखंड पुलिस द्वारा गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान ‘ऑपरेशन स्माइल’ एक बार फिर मासूम चेहरों पर मुस्कान लाने में कामयाब रहा है। ताज़ा मामले में हरिद्वार पुलिस की टीम ने दो साल से लापता एक 8 वर्षीय बालक को ढूंढकर उसके परिजनों के सुपुर्द किया, जिसके बाद मां की ममता और परिवार की आस जीत गई।

मुख्यालय के निर्देश पर चल रहा है विशेष अभियान

पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, 18 फरवरी 2026 से 18 अप्रैल 2026 तक गुमशुदा बच्चों के पुनर्वास के लिए ‘ऑपरेशन स्माइल’ चलाया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरिद्वार, नवनीत सिंह (IPS) के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक (अपराध) सुश्री निशा यादव के पर्यवेक्षण में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) को बड़ी सफलता हाथ लगी है।

रामपुर के बालगृह में मिला मासूम

कोतवाली नगर हरिद्वार में वर्ष 2024 में दर्ज (FIR संख्या 824/2024) एक 8 वर्षीय बालक की गुमशुदगी के मामले में AHTU टीम लगातार सुराग जुटा रही थी। छानबीन के दौरान टीम उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित राजकीय बालगृह पहुंची। वहां एक बालक मिला जिसकी पहचान हरिद्वार से लापता बच्चे के रूप में हुई।

हरियाणा में मिले परिजन, गोंडा का है परिवार

बच्चे की पहचान होने के बाद परिजनों को ढूंढना एक बड़ी चुनौती थी। रिकॉर्ड में दर्ज मोबाइल नंबर बंद होने के बावजूद टीम ने हार नहीं मानी और तकनीकी व अन्य माध्यमों से पता लगाया कि परिवार वर्तमान में कुरुक्षेत्र (हरियाणा) में मजदूरी कर रहा है। मूल रूप से यह परिवार ग्राम पायर खास, जनपद गोंडा (उ.प्र.) का निवासी है।

भावुक कर देने वाला मिलन

बाल कल्याण समिति रामपुर (U.P.) के समक्ष उचित काउंसलिंग के बाद बालक को उसकी माता श्रीमती पूजा को सौंप दिया गया।

“दो साल बाद अपने जिगर के टुकड़े को सामने पाकर मां की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। परिजनों ने नम आंखों से उत्तराखंड पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने उनके उजड़े संसार में दोबारा रोशनी भर दी है।”

सराहनीय कार्य करने वाली ‘ऑपरेशन स्माइल’ टीम:

इस मिशन को सफल बनाने में निम्नलिखित पुलिसकर्मियों की मुख्य भूमिका रही:

  • निरीक्षक: वीरेन्द्र सिंह रमोला
  • उप-निरीक्षक: देवेंद्र यादव
  • हेड कांस्टेबल: राकेश कुमार
  • कांस्टेबल: मुकेश कुमार, दीपक चंद
  • महिला कांस्टेबल: गीता, शशिबाला