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Day: March 28, 2026

 

हरिद्वार/ऋषिकेश। आगामी कुंभ मेला-2027 को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए मेला प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में शनिवार को अपर मेलाधिकारी दयानन्द सरस्वती के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने क्षेत्रीय विधायक श्रीमती रेनू बिष्ट के साथ स्वर्गाश्रम क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान गंगा घाटों के विस्तार, सुदृढ़ीकरण और यात्री सुविधाओं को लेकर गहन मंथन किया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने घाटों के चौड़ीकरण, नई सीढ़ियों के निर्माण, मजबूत रेलिंग, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और चेंजिंग रूम जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की। विधायक रेनू बिष्ट ने जोर देकर कहा कि कुंभ आस्था का सबसे बड़ा पर्व है, इसलिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बढ़ती भीड़ को देखते हुए घाटों के विस्तार की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।

अपर मेलाधिकारी दयानन्द सरस्वती ने सिंचाई विभाग और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण और मरम्मत के सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुंभ मेला-2027 को सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और साधु-संतों के सुझावों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

इस अवसर पर नगर पंचायत जौंक के अधिशासी अधिकारी, सभासदगण और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने अपने-अपने स्तर पर चल रही तैयारियों का विवरण साझा किया।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

1911 वादों का मौके पर निस्तारण

हरिद्वार। ​मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जनपद हरिद्वार में आमजन को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने तथा लंबित राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में राजस्व लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस विशेष अदालत में विभिन्न प्रकार के राजस्व वादों की सुनवाई कर वादकारियों को बड़ी राहत दी गई।

​जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित इस लोक अदालत में कुल 1911 वादों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। आपसी सुलह-समझौते और प्रशासनिक हस्तक्षेप के माध्यम से वर्षों से लंबित मामलों का समाधान कर आमजन को अनावश्यक भागदौड़ से मुक्ति दिलाई गई। इस दौरान लगभग 63 लाख रुपये की राजस्व वसूली एवं अर्थदंड आरोपित किया गया।

​विवरण के अनुसार, स्टाम्प अधिनियम के अंतर्गत 19 मामलों का निस्तारण कर 60,88,442 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। आबकारी अधिनियम के 21 मामलों में 96 हजार रुपये और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के 7 मामलों में 1 लाख 10 हजार रुपये का अर्थदंड वसूला गया।

​जिलाधिकारी ने आयोजन की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आमजन को सुलभ और पारदर्शी न्याय प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजनों से न केवल अदालतों का बोझ कम होता है, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच विश्वास भी बढ़ता है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और भारी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम