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Day: March 20, 2026

 

21 मार्च को होगा फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड का ग्रैंड फिनाले

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

देहरादून। फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड के मिस टैलेंटेड सब टाइटल में प्रतिभागियों ने अपना टैलेंट दिखाया। इस दौरान किसी ने गाना गया तो किसी ने नृत्य प्रस्तुत किया, तो किसी ने शानदार अभिनय कर सबका दिल जीत लिया। इसका ग्रैंड फिनाले 21 मार्च को न्यू कैंट रोड स्थित सेंट्रियो मॉल के स्काई डेक में आयोजित किया जाएगा।

 

शुक्रवार को सेंट्रियो मॉल स्थित स्काई लाउंज में आयोजित मिस टैलेंटेड राउंड के लिए प्रतिभागी विशेष रूप से तैयार होकर पहुंची थी। किसी ने हिंदी, किसी ने गढ़वाली तो किसी ने कुमाऊंनी गाने पर नृत्य कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सिनमिट कम्युनिकेशंस के डायरेक्टर दलीप सिंधी ने बताया कि ग्रैंड फिनाले के दौरान प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए 8 सब-टाइटल दिए जा रहे है, जिनमें मिस फोटोजेनिक, मिस ब्यूटिफुल स्माइल, मिस टैलेंटेड, मिस वाइब्रेंट पर्सनैलिटी, मिस रैंप वॉक, मिस ग्लोइंग स्किन, मिस कॉन्जिनियल और मिस ब्यूटिफुल आइज शामिल हैं।

इस प्रतियोगिता की विजेता फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड के रूप में चुनी जाएंगी और मुंबई में आयोजित होने वाली फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगी। डायरेक्टर राजीव मित्तल ने बताया कि उत्तराखंड में इस स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन पहली बार किया जा रहा है। प्रतियोगिता के लिए प्रतिभागियों की इंडियन एथनिक कॉस्ट्यूम को ऋचा एहलावत की छाप क्रिएशन द्वारा डिजाइन किया गया है, जबकि इवनिंग गाउन रुचिका गोयल और अपराजिता गोयल द्वारा तैयार किए गए हैं।

जजमेंट के लिए मुंबई से फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2024 निकिता पोरवाल

और मिस इंडिया ऑर्गनाइजेशन की सीईओ नताशा ग्रोवर विशेष रूप से यहां पहुंचेगी। शो की कोरियोग्राफी जैज पुष्कर सोनी द्वारा की जाएगी, जबकि इवेंट कोऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी हिमानी रावत, अनन्या भंडारी और राहुल छाबड़ा निभाएंगे। प्रतिभागियों की स्टाइलिंग के लिए मुंबई से निशांक सेनानी और प्रियादिति सिंधी मौजूद रहेंगे। सिनमिट कम्यूनिकेशंस के डायरेक्टर दलीप सिंधी और राजीव मित्तल ने बताया कि प्रतियोगिता के लिए प्रतिभागियों का ट्रेनिंग प्रोग्राम 17 मार्च से शुरू हो गया है। इसके तहत 17 मार्च को ओरिएंटेशन और रैंप वॉक ट्रेनिंग, 18 मार्च को कोरियोग्राफी और फोटोशूट, 19 मार्च को सब-टाइटल राउंड विद मीडिया, 20 मार्च को कोरियोग्राफी और टेक रन तथा 21 मार्च को ग्रैंड फिनाले का आयोजन किया जा रहा है।

ट्रेनिंग और ग्रैंड फिनाले कार्यक्रम सेंट्रियो मॉल के स्काई डैक में आयोजित किया जाएगा। मिस इंडिया टीम के बेनेट नाथन की ओर से ऑफिशियल जानकारी दी गई कि फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड का आयोजन फेमिना मिस इंडिया के लाइसेंसी सिनमिट कम्यूनिकेशंस द्वारा किया जा रहा है। इस आयोजन में आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी के चेयरमैन अमित अग्रवाल की ओर से विशेष सहयोग किया जा रहा है। साथ ही लक्ष्मी ज्वैलर्स, न्यू इरा मॉडलिंग फोटो स्टूडियो, औरा हाइट्स, जेबीसीसी लाउंज, औरा दून लेज़र होटल, एलोरास मेल्टिंग मुमेंट्स, एडोन, पेटअल्स, रोमियों लेन, ओंकार प्रिंटर्स और सेंट्रियो मॉल का भी विशेष सहयोग रहेगा।

पत्रकार वार्ता में मिस इंडिया टीम के बेनेट नाथन, सिनमिट कम्यूनिकेशंस के डायरेक्टर दलीप सिंधी, डायरेक्टर राजीव मित्तल, छाप ब्रांड की ऑनर ऋचा एहलावत, कोरियोग्राफर जैज पुष्कल सोनी उपस्थित रहे।

विशेष संपादकीय | ग्रामीण तहकीकात

भूमिका:

चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन माँ दुर्गा के ‘ब्रह्मचारिणी’ स्वरूप को समर्पित है। ‘ब्रह्म’ का अर्थ है तपस्या और ‘चारिणी’ का अर्थ है आचरण करने वाली। यह स्वरूप केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि संघर्षों के बीच अडिग रहने और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए किए जाने वाले ‘घोर परिश्रम’ का जीवंत उदाहरण है।

1. माँ का दिव्य स्वरूप और कथा

​दाहिने हाथ में जप की माला और बाएं हाथ में कमंडल धारण किए हुए माँ ब्रह्मचारिणी अत्यंत शांत और भव्य दिखती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए देवी ने हजारों वर्षों तक केवल फल-फूल खाकर और अंत में केवल वायु पर रहकर तपस्या की थी।

सीख: जीवन में बड़ी सफलता (जैसे शक्ति और धन) पाने के लिए ‘शॉर्टकट’ नहीं, बल्कि ‘तप’ (कठिन परिश्रम) की आवश्यकता होती है।

 

2. पूजा की सरल विधि (घर और मंदिर के लिए)

  • पवित्रता: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्वच्छ वस्त्र (पीले या सफेद रंग के) धारण करें।
  • अभिषेक: माँ को पंचामृत से स्नान कराएं और चंदन का तिलक लगाएं।
  • प्रिय पुष्प: माता को सफेद सुगंधित फूल (मोगरा या चमेली) अत्यंत प्रिय हैं।
  • महाप्रसाद: माँ ब्रह्मचारिणी को चीनी, मिश्री और पंचामृत का भोग लगाना चाहिए। मान्यता है कि इससे लंबी आयु और सौभाग्य का वरदान मिलता है।
  • सिद्ध मंत्र: > दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

3. व्रत और आहार: शरीर और मन का शुद्धिकरण

​नवरात्रि का व्रत केवल भूखा रहना नहीं, बल्कि इंद्रियों पर विजय पाना है।

  • सात्विक भोजन: कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की पूरी, साबूदाना खिचड़ी और सेंधा नमक का प्रयोग करें।
  • तरल आहार: गर्मी का समय है, इसलिए नारियल पानी, छाछ और ताजे फलों के रस का अधिक सेवन करें।
  • क्या न करें: मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का त्याग करें। साथ ही, किसी की निंदा या क्रोध करने से बचें।

4. आज के दौर में महत्व

​आज के दौर में माँ ब्रह्मचारिणी का संदेश बहुत प्रासंगिक है। चाहे आप एक पत्रकार हों, किसान हों या व्यापारी—बिना ‘संयम’ और ‘अनुशासन’ के कोई भी युद्ध नहीं जीता जा सकता। कठिन परिस्थितियों में विचलित न होना ही माँ की सच्ची आराधना है।

‘ग्रामीण तहकीकात’ परिवार की ओर से समस्त पाठकों को द्वितीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ!