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Naveen Kumar

नवीन कुमार (प्रधान संपादक) दैनिक ग्रामीण तहकीकात (सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र)

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

मुजफ्फरनगर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा एवं एसपी अपराध इन्दु सिद्धार्थ के कुशल निर्देशन में मुजफ्फरनगर का साइबर थाना डिजिटल अपराधों के विरुद्ध एक अभेद्य ढाल बनकर उभरा है। सुल्तान सिंह के नेतृत्व में साइबर टीम न केवल जटिल तकनीकी मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा कर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज रही है, बल्कि पीड़ितों की गाढ़ी कमाई वापस दिलाने में भी तत्परता से जुटी है। अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के साथ-साथ साइबर पुलिस द्वारा स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर चलाए जा रहे व्यापक जागरूकता अभियान डिजिटल युग में आमजन के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रहे हैं। इन सेमिनारों के माध्यम से नागरिकों को अनजान लिंक, फर्जी कॉल और व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने के प्रति सचेत किया जा रहा है, जिससे समाज में एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण निर्मित हो रहा है। तकनीकी ज्ञान और जन-सहभागिता के बेहतरीन समन्वय से कार्य कर रही साइबर पुलिस की यह दोहरी रणनीति आज जिले में उत्कृष्ट पुलिसिंग और सुशासन का एक सशक्त उदाहरण पेश कर रही है।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

लक्सर/हरिद्वार। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद शासन ने हरिद्वार जिले के लक्सर और हरिद्वार तहसील क्षेत्र में अवैध खनन और भंडारण करने वाले स्टोन क्रेशरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय की टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 14 स्टोन क्रेशरों को सीज कर दिया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई छापेमारी

मुख्यमंत्री को लक्सर और हरिद्वार क्षेत्र में स्थापित स्टोन क्रेशरों द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन और भंडारण की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने प्रवर्तन दल, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, देहरादून को तत्काल मौके पर जाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

नियमों की अनदेखी पर गिरी गाज

आज दिनांक 17 मार्च 2026 को निदेशालय के प्रवर्तन दल ने हरिद्वार तहसील के ग्राम बाडीटीप और लक्सर तहसील के ग्राम फतवा, महतौली, मुजफ्फरपुर गुजरा, नेहन्दपुर और जवाहरखान (झीवरहेडी) में छापेमारी की।

जांच के दौरान इन 14 स्टोन क्रेशरों में भारी अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद विभाग ने निम्नलिखित कदम उठाए:

एम.एम.डी.आर. एक्ट 1957 की धारा 23 सी और उत्तराखंड खनिज नियमावली 2021 के तहत कार्रवाई की गई।  मौके पर पैमाइश करने के बाद सभी 14 क्रेशरों को सीज कर दिया गया।  इन क्रेशरों का ई-रवन्ना पोर्टल तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है।  प्रथम दृष्टया इन पर 10 करोड़ रुपये से अधिक का अर्थदण्ड (जुर्माना) लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इन स्टोन क्रेशरों पर हुई कार्रवाई (सूची):

  1. मै० हाईवे कन्स्ट्रक्शन एण्ड क्रेशर, ग्राम फतवा (लक्सर)
  2. मै० सिंह स्टोन क्रेशर, ग्राम फतवा (लक्सर)
  3. मै० किसान स्टोन क्रेशर, महतौली (लक्सर)
  4. मै० शुभ स्टोन क्रेशर, मुजफ्फरपुर गुजरा (लक्सर)
  5. मै० तुलसी स्टोन क्रेशर, ग्राम मुजफ्फरपुर गुजरा महतौली (लक्सर)
  6. मै० नेशनल एसोसिएट्स, मुजफ्फरपुर गुजरा (लक्सर)
  7. मै० लिमरा इन्डस्ट्रीज, नेहन्दपुर (लक्सर)
  8. मै० दून स्टोन क्रेशर, महतौली (लक्सर)
  9. मै० गणपति स्टोन क्रेशर, जवाहरखान उर्फ झीवरहेडी (लक्सर)
  10. मै० वानिया स्टोन क्रेशर, महतौली (लक्सर)
  11. मै० माँ गंगा स्टोन क्रेशर, बाडीटीप (हरिद्वार)
  12. मै० अलकनन्दा स्टोन क्रेशर, बाडीटीप (हरिद्वार)
  13. मै० एस०एस० स्टोन क्रेशर, बाडीटीप (हरिद्वार)

 

 

प्रवर्तन दल में शामिल अधिकारी

निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय की अध्यक्षता में हुई इस कार्रवाई में उप निदेशक, खान अधिकारी (देहरादून), जिला खान अधिकारी (हरिद्वार), मानचित्रकार, खान निरीक्षक, सर्वेक्षक और सहायक खनिज प्रवर्तक सहित विभाग की पूरी टीम मौजूद रही।

 

संपादक नवीन कुमार (दैनिक ग्रामीण तहकीकात)

झबरेड़ा । उत्तराखंड की राजनीति और समाज सेवा के क्षेत्र में एक नया और ऊर्जावान नाम चौधरी ओमवीर सिंह बड़ी मजबूती के साथ उभर रहा है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और सफल उद्यमी ओमवीर सिंह ने अब दोहरा मोर्चा संभाल लिया है। जहां एक ओर वह कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें ‘राष्ट्रीय वीर गुर्जर सेना (रजि.)’ का उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष की बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

संघर्ष से सफलता तक: एक प्रेरणादायक सफर

मूल रूप से ऊंचा गांव निवासी और सुरेंद्र सिंह के पुत्र, चौधरी ओमवीर सिंह की जीवन यात्रा युवाओं के लिए मिसाल है। अपने चाचा विक्रम सिंह के संरक्षण में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने वाले ओमवीर ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए एमएससी (M.Sc.) तक की पढ़ाई प्रथम श्रेणी में पूरी की।

एक प्रोफेशनल के तौर पर ‘क्वालिटी मैनेजर’ और ‘प्लांट हेड’ जैसे ऊंचे पदों पर कार्य करने के बाद, उन्होंने महान उद्योगपति रतन टाटा से प्रेरणा ली। आज वह सेलाकुई (देहरादून) में अपनी फार्मा कंपनी के माध्यम से ‘आत्मनिर्भर भारत‘ के सपने को धरातल पर उतार रहे हैं।

डॉ. हरक सिंह रावत को माना अपना ‘राजनीतिक गुरु’

ओमवीर सिंह कद्दावर नेता डॉ. हरक सिंह रावत को अपना आदर्श और राजनीतिक गुरु मानते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉ. रावत के विकासवादी विजन ने ही उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया।

“डॉ. हरक सिंह रावत ने मंत्री रहते हुए प्रदेश का कायाकल्प किया। चार जिले, सात तहसीलें और कई मेडिकल कॉलेज उन्हीं की देन हैं। मैं उन्हीं के पदचिह्नों पर चलकर कांग्रेस को उत्तराखंड का भविष्य बनाना चाहता हूँ।” — चौधरी ओमवीर सिंह

संगठन और राजनीति: दोनों मोर्चों पर सक्रिय

अब राष्ट्रीय वीर गुर्जर सेना (रजि.) के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे है, ओमवीर सिंह समाज की एकता और युवाओं के अधिकारों के लिए भी आवाज उठाएंगे। उनका लक्ष्य संगठन के माध्यम से गुर्जर समाज को एकजुट करना और कांग्रेस की जनकल्याणकारी नीतियों को हर घर तक पहुंचाना है।

भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार: 2027 में बदलाव का दावा

मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए:

  • जनता की अनदेखी: भाजपा सरकार जनता की बुनियादी समस्याओं और दर्द से बेखबर है।
  • महंगाई का दंश: गैस सिलेंडर से लेकर रोजमर्रा की चीजें आम आदमी की पहुंच से बाहर हो रही हैं।
  • 2027 का संकल्प: ओमवीर सिंह ने दावा किया कि 2027 में जनता भाजपा की विफलताओं का हिसाब लेगी और प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ कांग्रेस की सरकार बनेगी।

चौधरी ओमवीर सिंह वर्तमान में स्वास्थ्य शिविरों और निरंतर जनसंपर्क के माध्यम से क्षेत्र की सेवा में जुटे हैं। उन्होंने जनता से आह्वान किया है कि वे किसी के बहकावे में न आएं और विकास के लिए कांग्रेस के हाथ मजबूत करें।

 

“जनता को तहसील के चक्कर न काटने पड़ें, समस्याओं का मौके पर ही हो समाधान” – जिलाधिकारी मयूर दीक्षित

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात रूड़की | 17 मार्च 2026

मंगलवार को तहसील रूड़की में कंप्यूटर लैब के भव्य लोकार्पण के उपरांत जिलाधिकारी हरिद्वार श्री मयूर दीक्षित ने तहसील कार्यालय के विभिन्न पटलों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यप्रणाली का जायजा लेते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को जनहित में कड़े निर्देश जारी किए।

आमजन की समस्याओं में ‘जीरो टॉलरेंस’

जिलाधिकारी ने सभी पटल सहायकों और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि तहसील में अपनी फरियाद लेकर आने वाले आम नागरिकों के कार्यों में किसी भी प्रकार का विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा:

“यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी व्यक्ति को एक ही समस्या के लिए बार-बार तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें। जन समस्याओं का निस्तारण तत्परता और प्राथमिकता के आधार पर हो।”

लंबित वादों और अभिलेखों पर जोर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तहसील में चल रहे न्यायालयी वादों (Cases) की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • पुराने मुकदमों का निपटारा: जो वाद लंबे समय से लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता पर लेते हुए निस्तारित किया जाए।
  • अभिलेखों का रख-रखाव: कार्यालय के सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों और अभिलेखों को व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से रखा जाए।
  • स्वच्छता: तहसील परिसर और कार्यालयों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।

मौके पर मौजूद अधिकारी

इस निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट, उप जिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला, तहसीलदार विकास अवस्थी सहित तहसील के अन्य राजस्व अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी की इस सख्ती से तहसील प्रशासन में हड़कंप की स्थिति रही, वहीं आम जनता ने इस कदम की सराहना की है।

 

आईआईटी रूड़की, जिला प्रशासन और वी-मार्क इंडिया की संयुक्त पहल; सरकारी स्कूल के बच्चों को मिलेगा AI और कंप्यूटर का मुफ्त प्रशिक्षण।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

रूड़की। 17 मार्च 2026 तहसील रूड़की अब केवल प्रशासनिक कार्यों का केंद्र नहीं, बल्कि डिजिटल शिक्षा का हब भी बनने जा रही है। मंगलवार को तहसील परिसर में वी-मार्क इंडिया लिमिटेड के सीएसआर (CSR) सहयोग से स्थापित अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब का भव्य लोकार्पण किया गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी हरिद्वार श्री मयूर दीक्षित, आईआईटी रूड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत और वी-मार्क इंडिया के एमडी श्री विकास गर्ग ने संयुक्त रूप से लैब का उद्घाटन किया।

IIT रूड़की सिखाएगा AI के गुर, मिलेगा सर्टिफिकेट

कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि जिला प्रशासन और आईआईटी रूड़की के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता (MoU) रहा। इस समझौते के तहत:

  • विशेष प्रशिक्षण: सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को आईआईटी रूड़की के प्रोफेसरों द्वारा कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की शिक्षा दी जाएगी।
  • प्रमाणन: कोर्स पूरा होने पर छात्रों को आईआईटी रूड़की द्वारा आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
  • महिला सशक्तिकरण: लैब और प्रशिक्षण कार्यक्रम में बालिकाओं की भागीदारी को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रशासन और शिक्षा जगत का अनूठा संगम

लोकार्पण के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा, “यह पहल सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगी और उन्हें डिजिटल भारत की मुख्यधारा से जोड़ेगी।” वहीं, आईआईटी निदेशक प्रो. के. के. पंत ने इसे समाज, शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तकनीकी सहयोग से ग्रामीण और वंचित वर्ग के छात्र भी आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट, आईआईटी के डीन प्रो. विवेक मलिक, प्रो. करुण रावत, श्री नवीन नवानी, और सीनियर कंसल्टेंट श्रीमती मार्गरेट क्लिमकोटी उपस्थित रहीं।

प्रशासनिक टीम से अपर उपजिलाधिकारी श्री अनिल कुमार शुक्ला, तहसीलदार विकास अवस्थी, और लक्सर तहसीलदार श्रीमती शुभांगिनी मौजूद रहीं। वी-मार्क इंडिया की ओर से सीएफओ श्री डी. के. बंसल और जीएम राहुल वत्स सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यक्रम में शिरकत की।

बड़ी बात: इस पहल से रूड़की के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अब विश्वस्तरीय संस्थान (IIT) से जुड़कर भविष्य की तकनीक सीखने का मौका घर के पास ही मिल सकेगा।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

रुड़की। 16 मार्च 2026 उत्तराखंड की रुड़की पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गंगनहर कोतवाली पुलिस ने सलेमपुर गांव के पास स्थित एक वर्कशॉप पर छापा मारकर अवैध हथियारों की फैक्ट्री का खुलासा किया है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में निर्मित और अर्धनिर्मित हथियार बरामद किए हैं।

वर्कशॉप की आड़ में ‘मौत’ का सामान

रुड़की के सलेमपुर क्षेत्र में ‘जेपीएस टोटल सोल्यूशन’ नामक एक वर्कशॉप है। मुखबिर की सटीक सूचना पर गंगनहर कोतवाली प्रभारी मणीभूषण श्रीवास्तव और एसएसआई दीप कुमार की टीम ने जब यहाँ दबिश दी, तो नजारा चौंकाने वाला था। वर्कशॉप के भीतर खराद मशीन और अन्य उपकरणों की मदद से अवैध हथियार तैयार किए जा रहे थे।

बरामदगी का विवरण

पुलिस ने मौके से निम्नलिखित हथियार और उपकरण बरामद किए हैं:

  • 06 तैयार तमंचे।
  • 01 अर्धनिर्मित देशी पिस्टल।
  • 01 अधबनी रायफल।
  • 01 मैगजीन।
  • 39 अलग-अलग बोर के खाली खोखे।
  • 09 जिंदा कारतूस।

हथियार बनाने में प्रयुक्त होने वाली खराद मशीन और अन्य उपकरण।

संचालक गिरफ्तार, UP तक जुड़े हैं तार

पुलिस ने मौके से वर्कशॉप के संचालक जावेद (निवासी शक्ति मोहल्ला, रुड़की) को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि जावेद पहले खराद और मशीन वर्क का काम करता था, जिसकी आड़ में उसने अवैध हथियारों का धंधा शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि यहाँ से बने हथियारों की सप्लाई स्थानीय क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी की जा रही थी।

सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। जावेद को गिरफ्तार कर लिया गया है और उस पर आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। हम इस बात की गहनता से जांच कर रहे हैं कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं और इन हथियारों की सप्लाई किन-किन लोगों को की गई है।

नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी

इलाके में हड़कंप

रिहायशी इलाके के पास इस तरह की हथियार फैक्ट्री पकड़े जाने से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अब आरोपी के आपराधिक इतिहास को खंगालने के साथ-साथ ‘CCTNS’ के माध्यम से अन्य थानों से भी संपर्क कर रही है।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात

हरिद्वार | 16 मार्च 2026 उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार का दौरा कर कुंभ मेला 2027 की तैयारियों की हाई-लेवल समीक्षा की। डामकोठी में आयोजित बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विश्व के इस सबसे बड़े धार्मिक समागम के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी और सभी स्वीकृतियां शासन स्तर पर तुरंत जारी की जाएंगी।

समयबद्धता और गुणवत्ता पर जोर

​मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि कुंभ मेले से जुड़े सभी स्थायी निर्माण कार्य—जैसे सड़क, पुल, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं—निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे होने चाहिए। उन्होंने गुणवत्ता से किसी भी प्रकार के समझौते को स्वीकार न करने की चेतावनी दी।

​”कुंभ एक विराट आयोजन है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है। शासन स्तर पर फाइलों को नहीं रोका जाएगा। मैंने मुख्य सचिव को फोन पर निर्देश दे दिए हैं कि सभी आवश्यक स्वीकृतियां तत्काल प्रभाव से जारी की जाएं।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

 

तैयारियों के मुख्य बिंदु: क्या होगा खास?

​बैठक में मुख्यमंत्री ने कुंभ क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए:

  • हाई-टेक सुरक्षा: आधुनिक तकनीकों से लैस इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की स्थापना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
  • नया कंट्रोल रूम: मेला नियंत्रण भवन के पास सीसीआर-2 (CCR-2) भवन परियोजना को जल्द वित्तीय मंजूरी मिलेगी।
  • सुगम यातायात: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खड़खड़ी पुल और श्रीयंत्र पुल से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता पर रखा गया है।
  • आधुनिक डामकोठी: डामकोठी अतिथि गृह का विस्तार कर वहां एक नया, आधुनिक और आकर्षक भवन बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
  • मंदिर मार्गों का सुधार: मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर जाने वाले मार्गों के सुदृढ़ीकरण की योजना को हरी झंडी दे दी गई है।

33 स्थायी योजनाओं पर काम शुरू

​मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने बैठक में बताया कि कुंभ मेला 2027 के लिए वर्तमान में 33 स्थायी प्रकृति की योजनाएं निर्माणाधीन हैं। इनमें घाटों का निर्माण, जलापूर्ति, सीवरेज प्रबंधन और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार शामिल है। मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश और मुनीकीरेती क्षेत्रों में भी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

समन्वय से सफल होगा आयोजन

​सीएम ने आगामी चारधाम यात्रा, वर्षाकाल और कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाने को कहा ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों। उन्होंने साधु-संतों, धार्मिक संगठनों और स्थानीय हितधारकों के सहयोग से इस आयोजन को ‘सुव्यवस्थित और सुरक्षित’ बनाने का संकल्प दोहराया।

बैठक में मौजूद रहे दिग्गज: इस समीक्षा बैठक में हरिद्वार के विधायक मदन कौशिक, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर समेत तमाम विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस के दो जांबाज खिलाड़ियों ने खेल के मैदान में अपनी चमक बिखेरते हुए न केवल विभाग का सिर ऊंचा किया है, बल्कि सहारनपुर जनपद का नाम भी राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। उनकी इस असाधारण उपलब्धि को देखते हुए यूपी पुलिस ने उन्हें विशेष सम्मान से नवाजा है।

सोमवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सहारनपुर ने एक गरिमामय समारोह में शूटिंग के इन दो धुरंधरों को ‘आउट ऑफ टर्न’ प्रोन्नति (Promotion) प्रदान की। आरक्षी (सिपाही) के पद पर तैनात मानवेन्द्र चौधरी और मनीषा पाल के कंधों पर जब एसएसपी ने उपनिरीक्षक (SI) के सितारे लगाए, तो पूरा कार्यालय तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

इन सितारों ने बढ़ाया विभाग का मान

विभाग ने इन दोनों खिलाड़ियों के पिछले शानदार प्रदर्शन को आधार बनाकर यह पदोन्नति दी है:

मानवेन्द्र चौधरी: पुलिस लाइन सहारनपुर में तैनात मानवेन्द्र ने साल 2024 में आयोजित 67वीं राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता में अपना लोहा मनवाया। उन्होंने 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर यूपी पुलिस की झोली में गौरव डाला।

मनीषा पाल: पुलिस लाइन सहारनपुर में ही तैनात मनीषा ने साल 2023 में 66वीं राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता के दौरान 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया था।

एसएसपी ने थपथपाई पीठ

कार्यक्रम के दौरान एसएसपी सहारनपुर ने दोनों नव-प्रोन्नत उपनिरीक्षकों को बधाई देते हुए कहा:

“इन खिलाड़ियों ने अपने असाधारण कौशल, अनुशासन और समर्पण से यह मुकाम हासिल किया है। यह पदोन्नति उनके कठिन परिश्रम का सम्मान है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि वे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का तिरंगा लहराएंगे।”

विभाग में खुशी की लहर

प्रोन्नति के इस कार्यक्रम में जिले के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने मानवेन्द्र और मनीषा को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। एसएसपी ने उम्मीद जताई कि इन खिलाड़ियों से प्रेरणा लेकर विभाग के अन्य युवा पुलिसकर्मी भी खेल और ड्यूटी के प्रति प्रोत्साहित होंगे।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

सहारनपुर। जनपद में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में थाना कुतुबशेर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसएसपी अभिनन्दन सिंह के कुशल निर्देशन में कुतुबशेर पुलिस ने ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति की पूरी रकम वापस कराकर खाकी पर जनता के भरोसे को और मजबूत किया है।

क्या था मामला?

जानकारी के अनुसार, लेबर कॉलोनी निवासी विश्वास तिवारी के साथ 13 नवम्बर 2025 को अज्ञात साइबर ठगों ने धोखाधड़ी कर 42,581 रुपये की चपत लगाई थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत थाना कुतुबशेर स्थित साइबर हेल्प डेस्क में दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम के पर्यवेक्षण में जांच शुरू की गई।

त्वरित कार्रवाई से वापस आई रकम

थाना कुतुबशेर प्रभारी इंस्पेक्टर एच.एन. सिंह के नेतृत्व में साइबर टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक पोर्टल के माध्यम से त्वरित कानूनी प्रक्रिया अपनाई। लगातार की गई डिजिटल पड़ताल और संबंधित गेटवे से संपर्क साधने के बाद, पुलिस टीम ठगी गई पूरी राशि (42,581 रुपये) पीड़ित के बैंक खाते में वापस कराने में सफल रही। अपनी मेहनत की कमाई वापस पाकर विश्वास तिवारी ने पुलिस टीम का तहे दिल से आभार व्यक्त किया।

इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

साइबर अपराध के इस मामले को सुलझाने में प्रभारी निरीक्षक एच.एन. सिंह के साथ निरीक्षक कंवरपाल, उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार, कंप्यूटर ऑपरेटर अरुण कुमार, हेड कांस्टेबल रीतू ढाका और कांस्टेबल हरिओम कुमार की सराहनीय भूमिका रही।

पुलिस की अपील: तुरंत करें शिकायत

प्रभारी निरीक्षक एच.एन. सिंह ने जनता से अपील करते हुए कहा कि साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं, बल्कि गोल्डन ऑवर (शुरुआती 1-2 घंटे) के भीतर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर दी गई सूचना से ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

रुड़की। रुड़की के भारापुर भोरी क्षेत्र में सड़कों पर पसरे अंधेरे और उससे पैदा होने वाले असुरक्षा के डर ने ग्रामीण महिलाओं को मोर्चा खोलने पर मजबूर कर दिया। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष रोमा सैनी के नेतृत्व में दर्जनों महिलाओं ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की और अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।

अंधेरे के कारण बना रहता है असामाजिक तत्वों का डर

ज्ञापन सौंपने पहुंची महिलाओं ने बताया कि वे विभिन्न कंपनियों में काम करती हैं। काम से लौटते समय भारापुर भोरी क्षेत्र के मुख्य रास्ते पर स्ट्रीट लाइट न होने के कारण भारी अंधेरा रहता है। रात के समय इस रास्ते से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं होता। महिलाओं ने आरोप लगाया कि अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व भी सक्रिय रहते हैं, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता सताती रहती है।

रोमा सैनी ने उठाई महिलाओं की आवाज

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष रोमा सैनी ने कहा कि क्षेत्र की महिलाओं ने पिछले दिनों उनसे मिलकर इस गंभीर समस्या से अवगत कराया था। उन्होंने कहा, “महिलाएं आत्मनिर्भर होकर काम पर जा रही हैं, लेकिन रास्ते में बुनियादी सुविधाओं की कमी उनकी सुरक्षा में बाधा बन रही है।” इसी के मद्देनजर आज सांसद महोदय को वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया है।

सांसद का आश्वासन: लगेंगी 10 स्ट्रीट लाइटें और सीसीटीवी

महिलाओं की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मौके पर ही समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि महिलाओं की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जल्द ही इस चिन्हित रास्ते पर 10 नई स्ट्रीट लाइटें लगवाने और सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने के निर्देश दिए।

सांसद ने स्पष्ट किया कि विभाग को इस संबंध में जल्द ही कार्रवाई के आदेश दे दिए जाएंगे, ताकि रात के समय घर लौटने वाली श्रमिक महिलाओं और स्थानीय निवासियों को कोई असुविधा न हो।