ग्रामीण तहकीकात संवाददाता
हरिद्वार। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा दायर मुकदमों पर सुनवाई करते हुए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) हरिद्वार के न्यायालय ने बड़ी कार्रवाई की है। न्यायालय ने मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने, बिना लाइसेंस कारोबार करने व मानकों का उल्लंघन करने वाले 10 खाद्य कारोबारकर्ताओं पर कुल 2 लाख 65 हजार का भारी जुर्माना अधिरोपित किया है, जिसे 7 दिनों के भीतर जमा करने के सख्त आदेश दिए गए हैं।
किन-किन प्रतिष्ठानों पर लगा जुर्माना:
1. पंजाबी तड़का रेस्टोरेंट (हरिद्वार-दिल्ली हाईवे): पंजीयन संबंधी अनियमितताओं पर ₹50 हजार का जुर्माना।
2. मां शाकुम्भरी भोजनालय (बहादराबाद): बिना फूड लाइसेंस व्यापार, गंदगी व बिल न देने पर ₹50 हजार का जुर्माना।
3. स्पेशल बर्फी वाला (रानीपुर झाल): मावा बर्फी में मैदा मिलाने और बिना लाइसेंस मिठाई बनाने पर ₹5,000 जुर्माना।
4. शिवालिक नगर स्थित होटल: अधोमानक पनीर और बिल पर 14 अंकों का लाइसेंस नंबर न होने पर ₹25 हजार जुर्माना।
5. नूर अहमद मावा भण्डार (तुगलकपुर, खानपुर): फैट कम पाए जाने वाले अधोमानक पनीर पर ₹25 हजार जुर्माना।
6. मावा निर्माण इकाई (झिडियान ग्रांट, भगवानपुर): स्किम्ड मिल्क पाउडर व वनस्पति से नकली मावा बनाने पर ₹25 हजार जुर्माना (मौके पर 1 क्विंटल मावा नष्ट भी कराया गया था)।
7. मां जय दुर्गा ढाबा (मां चण्डी देवी मंदिर परिसर): बेसन का नमूना अधोमानक मिलने व रजिस्ट्रेशन न होने पर ₹25 हजार जुर्माना।
8. बरकत डेयरी (ग्राम मुंडेत, मंगलौर): वनस्पति युक्त रिफाइंड तेल से बने अधोमानक पनीर पर ₹25 हजार जुर्माना।
9. सूर्या डेयरी (ऋषिकुल विद्यापीठ, हरिद्वार): अधोमानक पनीर बेचने पर ₹25 हजार जुर्माना।
10. बालाजी स्वीट्स (लालकुर्ती, रुड़की): जांच में अधोमानक पाए गए सफेद रसगुल्ले पर ₹10 हजार का जुर्माना।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेश पाण्डेय एवं केशव टंडन द्वारा विभिन्न तिथियों पर की गई छापेमारी के आधार पर ये मुकदमे दायर किए गए थे। एडीएम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित कारोबारियों ने 7 दिन के भीतर जुर्माने की राशि जमा नहीं की, तो इसकी वसूली भू-राजस्व की भांति सख्ती से की जाएगी।
