संवाददाता ग्रामीण तहकीकात
हरिद्वार | 16 मार्च 2026 उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार का दौरा कर कुंभ मेला 2027 की तैयारियों की हाई-लेवल समीक्षा की। डामकोठी में आयोजित बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विश्व के इस सबसे बड़े धार्मिक समागम के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी और सभी स्वीकृतियां शासन स्तर पर तुरंत जारी की जाएंगी।
समयबद्धता और गुणवत्ता पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि कुंभ मेले से जुड़े सभी स्थायी निर्माण कार्य—जैसे सड़क, पुल, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं—निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे होने चाहिए। उन्होंने गुणवत्ता से किसी भी प्रकार के समझौते को स्वीकार न करने की चेतावनी दी।

”कुंभ एक विराट आयोजन है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है। शासन स्तर पर फाइलों को नहीं रोका जाएगा। मैंने मुख्य सचिव को फोन पर निर्देश दे दिए हैं कि सभी आवश्यक स्वीकृतियां तत्काल प्रभाव से जारी की जाएं।“
— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
तैयारियों के मुख्य बिंदु: क्या होगा खास?
बैठक में मुख्यमंत्री ने कुंभ क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए:
- हाई-टेक सुरक्षा: आधुनिक तकनीकों से लैस इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की स्थापना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
- नया कंट्रोल रूम: मेला नियंत्रण भवन के पास सीसीआर-2 (CCR-2) भवन परियोजना को जल्द वित्तीय मंजूरी मिलेगी।
- सुगम यातायात: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खड़खड़ी पुल और श्रीयंत्र पुल से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता पर रखा गया है।
- आधुनिक डामकोठी: डामकोठी अतिथि गृह का विस्तार कर वहां एक नया, आधुनिक और आकर्षक भवन बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
- मंदिर मार्गों का सुधार: मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर जाने वाले मार्गों के सुदृढ़ीकरण की योजना को हरी झंडी दे दी गई है।
33 स्थायी योजनाओं पर काम शुरू
मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने बैठक में बताया कि कुंभ मेला 2027 के लिए वर्तमान में 33 स्थायी प्रकृति की योजनाएं निर्माणाधीन हैं। इनमें घाटों का निर्माण, जलापूर्ति, सीवरेज प्रबंधन और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार शामिल है। मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश और मुनीकीरेती क्षेत्रों में भी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
समन्वय से सफल होगा आयोजन
सीएम ने आगामी चारधाम यात्रा, वर्षाकाल और कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाने को कहा ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों। उन्होंने साधु-संतों, धार्मिक संगठनों और स्थानीय हितधारकों के सहयोग से इस आयोजन को ‘सुव्यवस्थित और सुरक्षित’ बनाने का संकल्प दोहराया।
बैठक में मौजूद रहे दिग्गज: इस समीक्षा बैठक में हरिद्वार के विधायक मदन कौशिक, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर समेत तमाम विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


