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Year: 2026

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

भगवानपुर। आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही भगवानपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनैतिक समीकरण तेजी से बदलने लगे हैं। ‘ग्रामीण तहकीकात’ की टीम द्वारा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण व शहरी इलाकों में की गई व्यापक ग्राउंड ज़ीरो रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि इस बार स्थानीय मतदाताओं का झुकाव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रति अधिक देखा जा रहा है।

हाल ही में भाजपा द्वारा संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर चलाए जा रहे ‘समरसता संकल्प अभियान’ के बाद से क्षेत्र के दलित, पिछड़े और सर्वसमाज में भाजपा के प्रति आकर्षण और गहरा हुआ है। जनभावनाओं के अनुसार, प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली और विकास नीतियों को जनता काफी पसंद कर रही है। क्षेत्र के बड़े वर्ग का मानना है कि वर्ष 2027 में भी प्रदेश की कमान मुख्यमंत्री धामी के हाथों में ही रहनी चाहिए, जिससे विकास की रफ्तार बनी रहे।

जनभावनाओं और वर्तमान माहौल के राजनीतिक विश्लेषण के अनुसार, इस समय क्षेत्र में भाजपा मुख्य दौड़ में सबसे आगे नजर आ रही है, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दूसरे स्थान पर और नए सियासी समीकरणों के साथ आजाद समाज पार्टी (आसपा) तीसरे कोण के रूप में उभरती दिख रही है।

भाजपा खेमे में भी टिकट की दावेदारी को लेकर कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। ‘ग्रामीण तहकीकात’ के सर्वे और जनचर्चा के अनुसार, दावेदारों की दौड़ में वरिष्ठ भाजपा नेता सुशील पेगोवाल सबसे आगे और जनता की पहली पसंद के रूप में उभरकर सामने आ रहे हैं। क्षेत्रवासियों के बीच सुशील पेगोवाल के सहज स्वभाव, निरंतर जनसेवा और हर सुख-दुख में मौजूदगी की विशेष सराहना की जा रही है। स्थानीय लोगों की मांग है कि पार्टी आलाकमान को इस बार एक समर्पित और स्थानीय कार्यकर्ता को अवसर देना चाहिए। वहीं, भाजपा में दावेदारों की इस कतार में दूसरे स्थान पर सत्यपाल मास्टर तथा तीसरे स्थान पर जॉनी प्रधान (केसरिया) भी अपनी-अपनी दावेदारी मजबूती से पेश कर रहे हैं।

दूसरी ओर, इस क्षेत्र में लंबे समय से कांग्रेस की ओर से वर्तमान विधायक ममता राकेश एक बार फिर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों और स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि कभी विधायक ममता राकेश के सहयोगी रहे अमित कुमार द्वारा आजाद समाज पार्टी का दामन थाम लेने से पारंपरिक वोटों का बंटवारा तय माना जा रहा है।

क्षेत्रीय चर्चाओं के अनुसार, अमित कुमार की मौजूदगी मुख्य रूप से पारंपरिक कांग्रेस वोट बैंक में सेंध लगाती दिख रही है, जिससे विपक्षी खेमे का गणित प्रभावित हो सकता है। इसके विपरीत, भाजपा के प्रति सर्वसमाज का समर्थन देखने को मिल रहा है। भगवानपुर क्षेत्र को पारंपरिक रूप से एक दल विशेष का गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन लंबे समय बाद इस बार स्थानीय जनमानस बदलाव की ओर रुख करता दिख रहा है, जिससे सत्तारूढ़ भाजपा के लिए परिस्थितियां काफी अनुकूल नजर आ रही हैं।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

मंगलौर। कांवड़ यात्रा 2026 को शांतिपूर्ण, सुगम और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए मंगलोर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। कांवड़ मेले के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा यातायात को सुचारू रखने के लिए पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) मंगलौर अभिनय चौधरी ने सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं।मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए सीओ मंगलौर अभिनय चौधरी ने कड़ा संदेश दिया कि, “कांवड़ यात्रा के दौरान शांति व्यवस्था, अनुशासन और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस प्रशासन द्वारा कांवड़ मार्ग, संवेदनशील स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान हुड़दंग, उपद्रव या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असमाजिक तत्वों पर पुलिस प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। यदि कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है या माहौल खराब करने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी सूरत में उपद्रवियों पर रहम नहीं बरता जाएगा।

पुलिस द्वारा जारी मुख्य दिशानिर्देश:

1. डीजे की आवाज नियमानुसार रखें: कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे वाहनों में ध्वनि प्रदूषण के तय मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।

2. कांवड़ की ऊंचाई का ध्यान रखें: हादसों से बचाव हेतु कांवड़ की ऊंचाई निर्धारित मानक के अनुसार ही होनी चाहिए।

3. यातायात नियमों का पालन करें: कांवड़ यात्रियों और आमजन से अपील की गई है कि वे यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें ताकि जाम की स्थिति न बने।

सीओ मंगलौर अभिनय चौधरी ने कहा कि हरिद्वार आने वाले शिवभक्तों और श्रद्धालुओं का स्वागत है और उनकी सुविधा व सुरक्षा के लिए पुलिस बल 24 घंटे मुस्तैद रहेगा, लेकिन शांति व कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शरारती तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।

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रुड़की। प्रधान संगठन विकास खंड रुड़की के अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत सुल्तानपुर साबतवाली के प्रधान श्रवण कुमार के नेतृत्व में ब्लॉक के प्रधानों ने उपजिलाधिकारी दीपक रामचंद्र सेठ रुड़की के माध्यम से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित हरिद्वार को एक ज्ञापन सौंपकर रुड़की के प्रधान मुख्य डाकघर परिसर स्थित आधार सेंटर पर कर्मचारियों की तानाशाही, मनमानी और बदसलूकी पर कड़ा आक्रोश जताया है। ज्ञापन में अवगत कराया गया कि 25 जुलाई को जब वे अपनी भांजी का आधार कार्ड बनवाने डाकघर पहुंचे, तो कड़ी धूप में बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को घंटों लाइन में खड़ा रखा गया, जबकि अंदर कर्मचारियों द्वारा अपने चहेतों का काम बिना लाइन के सीधे किया जा रहा था।

 

मामले पर कड़ा ऐतराज जताते हुए प्रधान संगठन ब्लॉक रुड़की अध्यक्ष श्रवण कुमार ने कहा, “भारत सरकार और राज्य सरकार आम जनता को हर संभव सुविधा देने के लिए दिन-रात काम कर रही हैं, लेकिन सरकारी तंत्र से जुड़े कुछ कर्मचारी अपनी तानाशाही और अभद्र व्यवहार से सरकार की नीतियों को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। आधार सेंटर पर घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद लोगों को यह कहकर वापस लौटा दिया जाता है कि दस्तावेज पूरे नहीं हैं, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यदि आधार सेंटर पर तैनात कर्मचारियों और गार्ड का आम जनता के प्रति यह मनमाना और तानाशाही रवैया तुरंत नहीं बदला, तो प्रधान संगठन हरिद्वार चुप नहीं बैठेगा और इस जनसमस्या को लेकर माननीय मुख्यमंत्री जी से मिलने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।”

प्रधान संगठन ने मांग की है कि कड़ी धूप से बचाव के लिए लाइन के ऊपर शेड व पंखों की व्यवस्था की जाए, स्टाफ व सिफारिशी लोगों के लिए अलग काउंटर बनाया जाए तथा आवश्यक प्रपत्रों की जानकारी पहले ही बोर्ड पर स्पष्ट की जाए ताकि लोगों को परेशान न होना पड़े।

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हरिद्वार। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा दायर मुकदमों पर सुनवाई करते हुए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) हरिद्वार के न्यायालय ने बड़ी कार्रवाई की है। न्यायालय ने मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने, बिना लाइसेंस कारोबार करने व मानकों का उल्लंघन करने वाले 10 खाद्य कारोबारकर्ताओं पर कुल 2 लाख 65 हजार का भारी जुर्माना अधिरोपित किया है, जिसे 7 दिनों के भीतर जमा करने के सख्त आदेश दिए गए हैं।

 

किन-किन प्रतिष्ठानों पर लगा जुर्माना:

1. पंजाबी तड़का रेस्टोरेंट (हरिद्वार-दिल्ली हाईवे): पंजीयन संबंधी अनियमितताओं पर ₹50 हजार का जुर्माना।

2. मां शाकुम्भरी भोजनालय (बहादराबाद): बिना फूड लाइसेंस व्यापार, गंदगी व बिल न देने पर ₹50 हजार का जुर्माना।

3. स्पेशल बर्फी वाला (रानीपुर झाल): मावा बर्फी में मैदा मिलाने और बिना लाइसेंस मिठाई बनाने पर ₹5,000 जुर्माना।

4. शिवालिक नगर स्थित होटल: अधोमानक पनीर और बिल पर 14 अंकों का लाइसेंस नंबर न होने पर ₹25 हजार जुर्माना।

5. नूर अहमद मावा भण्डार (तुगलकपुर, खानपुर): फैट कम पाए जाने वाले अधोमानक पनीर पर ₹25 हजार जुर्माना।

6. मावा निर्माण इकाई (झिडियान ग्रांट, भगवानपुर): स्किम्ड मिल्क पाउडर व वनस्पति से नकली मावा बनाने पर ₹25 हजार जुर्माना (मौके पर 1 क्विंटल मावा नष्ट भी कराया गया था)।

7. मां जय दुर्गा ढाबा (मां चण्डी देवी मंदिर परिसर): बेसन का नमूना अधोमानक मिलने व रजिस्ट्रेशन न होने पर ₹25 हजार जुर्माना।

8. बरकत डेयरी (ग्राम मुंडेत, मंगलौर): वनस्पति युक्त रिफाइंड तेल से बने अधोमानक पनीर पर ₹25 हजार जुर्माना।

9. सूर्या डेयरी (ऋषिकुल विद्यापीठ, हरिद्वार): अधोमानक पनीर बेचने पर ₹25 हजार जुर्माना।

10. बालाजी स्वीट्स (लालकुर्ती, रुड़की): जांच में अधोमानक पाए गए सफेद रसगुल्ले पर ₹10 हजार का जुर्माना।

 

 

खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेश पाण्डेय एवं केशव टंडन द्वारा विभिन्न तिथियों पर की गई छापेमारी के आधार पर ये मुकदमे दायर किए गए थे। एडीएम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित कारोबारियों ने 7 दिन के भीतर जुर्माने की राशि जमा नहीं की, तो इसकी वसूली भू-राजस्व की भांति सख्ती से की जाएगी।

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

लक्सर। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बुधवार को लक्सर तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डीएम ने उप जिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला को लंबे समय से लंबित राजस्व मुकदमों का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने, फरियादियों के साथ संवेदनशील व्यवहार रखने और उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान करने के कड़े निर्देश दिए। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की समीक्षा करते हुए उन्होंने मतदाता सूची को शत-प्रतिशत त्रुटिरहित बनाने पर जोर दिया। मानसून को देखते हुए जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों में पैनी नजर रखने और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम करने की हिदायत दी। वहीं, आगामी कांवड़ मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए डीएम ने कांवड़ मार्ग पर हर 3-4 किलोमीटर की दूरी पर ही भंडारे लगाने की अनुमति देने के निर्देश दिए, ताकि एक ही स्थान पर भीड़ न जमा हो। निरीक्षण के दौरान एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला, तहसीलदार दीवान सिंह राणा, बीडीओ प्रवीण भट्ट व जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह, चंद्रमोहन आर्य सहित अन्य तहसील कर्मी मौजूद रहे।

 

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हरिद्वार। जिले में बेकाबू होते सड़क हादसों के ग्राफ को नीचे गिराने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है, जिसके तहत मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की अहम बैठक संपन्न हुई। सीडीओ ने सभी विभागों को आपसी तालमेल बैठाकर काम करने की हिदायत देते हुए जिले में चिन्हित 25 जानलेवा ‘ब्लैक स्पॉट’ पर तुरंत सुधारात्मक कार्य शुरू करने, संकेतक बोर्ड, लाइटें व स्पीड ब्रेकर दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि बीते 6 महीनों (जनवरी से जून 2026) के भीतर ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट और यातायात नियमों के उल्लंघन पर पुलिस व परिवहन विभाग ने रिकॉर्ड 19,523 चालान काटे हैं। इसके साथ ही ओवरस्पीडिंग, ड्रिंक एंड ड्राइव पर नकेल कसने के साथ-साथ एनएचएआई को हाईवे से अतिक्रमण हटाने, शिक्षा विभाग को स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने और स्वास्थ्य विभाग को घायलों के तत्काल इलाज के लिए सभी अस्पतालों को पैनल में शामिल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

 

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हरिद्वार। नौनिहालों की जान से खिलवाड़ रोकने और विद्यालयी वाहनों में सुरक्षा मानक दुरुस्त करने के लिए परिवहन विभाग ने लगातार तीसरे दिन सघन जांच अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के सख्त निर्देश पर एआरटीओ प्रवर्तन नेहा झा व एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा के नेतृत्व में निकली टीम ने जिलेभर में स्कूली बसों व गाड़ियों के फिटनेस, परमिट, लाइसेंस, अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड किट का सूक्ष्म निरीक्षण किया। इस दौरान भारी कमियां और नियमों की धज्जियां उड़ते देख अधिकारियों ने 65 वाहनों के चालान काट डाले, जबकि बिना फिटनेस और बिना पंजीकरण के बेधड़क दौड़ रहीं 3 बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया। विभागीय टीम में परिवहन कर अधिकारी वरुणा सैनी, मुकेश भारती व उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार शामिल रहे, वहीं अधिकारियों ने दोटूक चेतावनी दी है कि बच्चों की सुरक्षा में किसी तरह का समझौता नहीं होगा और आने वाले दिनों में भी यह धरपकड़ अभियान इसी तरह जारी रहेगा।

 

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देहरादून। संत गुरु रविदास समरसता कार्यशाला में भाग लेने राजधानी देहरादून पहुंचे भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य और प्रदेश अध्यक्ष बलवीर घड़ियाल का कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। इस मौके पर वरिष्ठ भाजपा नेता सुशील पेगोवाल ने दोनों शीर्ष नेताओं को पटका पहनाया और संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का चित्र भेंट कर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम के दौरान सुशील पेगोवाल ने कहा कि संत रविदास जी के विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश को घर-घर तक पहुंचाना ही हमारी मुख्य प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व के मजबूत मार्गदर्शन में पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से जुटा हुआ है, ताकि केंद्र व राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके और संगठन को गांव व बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

 

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देहरादून। संत गुरु रविदास जयंती के अवसर पर आयोजित प्रदेश स्तरीय समरसता कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सामाजिक समरसता और समानता का बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने सदियों पहले भेदभाव मिटाकर समरस समाज की नींव रखी थी, जिसके नक्शेकदम पर चलते हुए आज हमारी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र के साथ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाएं पहुंचा रही है। सीएम धामी ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के ऐतिहासिक कदम का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने हर वर्ग को समान अधिकार देने का काम किया है। इस दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए समाज में जातिवाद और नफरत का जहर घोलने की राजनीति करते हैं, लेकिन जनता अब जागरूक हो चुकी है। वहीं, बीजेपी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं वरिष्ठ समाजसेवी सुशील पेगोवाल ने अपने संबोधन में कहा कि संत रविदास जी के समरसता व समानता के विचारों को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाना ही हम सभी कार्यकर्ताओं का मुख्य ध्येय है, ताकि समाज का हर वर्ग एकजुट होकर प्रदेश व देश के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सके। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीएम धामी के अलावा बीजेपी अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, कैबिनेट मंत्री खजान दास सहित कई प्रमुख नेता व बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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रुड़की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की और जी.बी. पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक संयुक्त अध्ययन में चेतावनी दी गई है कि जलवायु परिवर्तन के कारण उत्तराखंड की कोसी नदी बेसिन की जल सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। प्रसिद्ध शोध पत्रिका ‘थियोरेटिकल एंड एप्लाइड क्लाइमेटोलॉजी’ में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार, 21वीं सदी के अंत तक क्षेत्र के तापमान में भारी बढ़ोतरी के चलते भूजल पुनर्भरण (ग्राउंडवाटर रिचार्ज) में 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ सकती है और कुल जल उपलब्धता 4 से 7 प्रतिशत तक घट सकती है। वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि बढ़ते तापमान और वाष्पीकरण में वृद्धि के कारण भविष्य में कुमाऊं क्षेत्र में भीषण सूखा, प्राकृतिक जलस्रोतों का सूखना और कृषि व पेयजल का संकट गहरा सकता है। आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत और जी.बी. पंत संस्थान के निदेशक डॉ. आई.डी. भट्ट ने जल संकट से निपटने के लिए जलागम प्रबंधन, प्राकृतिक जलस्रोतों के पुनरुद्धार और वैज्ञानिक जल संरक्षण नीतियों को तत्काल लागू करने की जरूरत बताई है।