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Year: 2026

 

हरिद्वार। अब गांव की महिलाएं सिर्फ चूल्हा-चौका तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि घर बैठे अपना बिजनेस साम्राज्य खड़ा करेंगी। हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के विजन को धरातल पर उतारते हुए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ललित नारायण मिश्रा ने सोमवार को ‘क्लाउड किचन’ ट्रेनिंग के दूसरे चरण का शानदार आगाज किया। हरिद्वार प्रदेश का ऐसा पहला जिला बन गया है, जहां ग्रामीण महिलाओं को इस आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें ‘फूड एंटरप्रेन्योर’ बनाया जा रहा है।

ट्रेनिंग की शुरुआत करते हुए सीडीओ ने साफ कहा कि सिडकुल जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में घर के खाने की भारी डिमांड है। महिलाएं क्लाउड किचन के जरिए इस डिमांड को पूरा कर शानदार कमाई कर सकती हैं। खास बात यह है कि पहले फेज की 25 महिलाएं ‘गंगा रसोई’ के नाम से सफलता के झंडे गाड़ रही हैं, और अब दूसरे चरण में जिले के सभी ब्लॉकों की 30 और महिलाओं को इसमें माहिर बनाया जा रहा है। प्रशासन न सिर्फ ट्रेनिंग दे रहा है, बल्कि ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना’ के तहत रजिस्ट्रेशन, फूड लाइसेंस और लोन दिलाने में भी पूरी मदद कर रहा है।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

 

हरिद्वार। भेल रानीपुर के सैनी समाज का 46वां वार्षिकोत्सव रविवार को केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की एकजुटता और प्रतिभा का गवाह बन गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे राज्यमंत्री सुनील सैनी ने मेधावी बच्चों की हौसला अफजाई करते हुए उन्हें सम्मानित किया। बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पंडाल में मौजूद हर व्यक्ति का दिल जीत लिया, जिसे देख मंत्री ने समाज के भविष्य को बेहद उज्ज्वल बताया।

अपने संबोधन में सुनील सैनी ने दो-टूक कहा कि शिक्षा ही वो हथियार है जिससे समाज की तकदीर बदली जा सकती है। उन्होंने क्रांतिसूर्य महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले का जिक्र करते हुए युवाओं से अपील की कि वे सिर्फ सफल न बनें, बल्कि ‘सेवा परमो धर्म’ के मंत्र के साथ समाज सेवा में भी आगे आएं। उन्होंने हरिद्वार के सैनी समाज की ताकत को रेखांकित करते हुए कहा कि आने वाले समय में इस आयोजन को और भी विशाल रूप दिया जाएगा। कार्यक्रम में राजीव सैनी, मनोज सैनी और योगेश कुमार सहित पूरी टीम की पीठ थपथपाई गई, जिन्होंने इस भव्य समागम को सफल बनाने में जी-जान लगा दी।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

 

हरिद्वार। कुंभ मेला 2027 को लेकर अब शासन-प्रशासन ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने साफ कर दिया है कि कागजी कार्रवाई में वक्त बर्बाद करने का दौर खत्म हो चुका है। मेला कार्यालय में हुई हाई-लेवल मीटिंग में उन्होंने दो-टूक कहा कि जिन कामों को हरी झंडी मिल चुकी है, उनकी निविदाएं (टेंडर) तुरंत निकाली जाएं। अधिकारी अब बजट की चिट्ठी का इंतज़ार कर हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठ सकेंगे।

इस बार की रणनीति कुछ अलग है। मेलाधिकारी ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि ‘नया’ खरीदने के चक्कर में पुरानी सामग्री को कबाड़ न बनाया जाए; पिछले मेलों के सामान का सही तालमेल बिठाएं ताकि जनता के पैसे की बर्बादी न हो। वहीं, सुरक्षा को लेकर एक बड़ा अलर्ट जारी किया गया है—मेला क्षेत्र के पुराने और जर्जर कुएं, जो जानलेवा साबित हो सकते हैं, उन्हें तुरंत सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। कांवड़ मेले से पहले घाटों और पुलों की सूरत बदलने का अल्टीमेटम भी दे दिया गया है। कुल मिलाकर, मेलाधिकारी के इन सख्त तेवरों ने सुस्त पड़े विभागों की नींद उड़ा दी है।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

• अभिलेखों और मालखाने की जांच कर परखी व्यवस्थाएं, बोले—जनता की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण है प्राथमिकता

ग्रामीण तहकीकात/नवीन कुमार

मंगलौर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जनपद में थानों की कार्यप्रणाली को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से रविवार को पुलिस अधीक्षक ग्रामीण (एसपी देहात) शेखर चंद्र सुयाल ने क्षेत्राधिकारी मंगलौर अभिनय चौधरी के साथ कोतवाली मंगलौर का गहन अर्धवार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसपी देहात ने थाना कार्यालय, अभिलेखों के रखरखाव, सरकारी संपत्ति, मालखाना और महिला हेल्प डेस्क का बारीकी से अवलोकन किया। साथ ही उन्होंने थाना परिसर की साफ-सफाई और पुलिस कर्मियों की मुस्तैदी का भी जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा—

“पुलिस का मुख्य कार्य जनता में सुरक्षा का भाव पैदा करना है। कोतवाली में आने वाले हर फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुना जाए और अभिलेखों का रखरखाव पूरी पारदर्शिता के साथ समय पर पूर्ण हो। लंबित विवेचनाओं के निस्तारण में तेजी लाई जाए और ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत वांछित अपराधियों की धरपकड़ सुनिश्चित की जाए। व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

वहीं, क्षेत्राधिकारी (सीओ) मंगलौर अभिनय चौधरी ने भी मातहतों को निर्देशित करते हुए कहा—

“क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखना और अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और अनुशासन के साथ करें। विशेषकर महिला डेस्क पर आने वाली शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान किया जाना चाहिए।”

निरीक्षण के दौरान नवनियुक्त प्रभारी निरीक्षक भगवान मेहर सहित कोतवाली का समस्त पुलिस स्टाफ मौजूद रहा। एसपी देहात ने व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए और पुलिस कर्मियों के मनोबल को बढ़ाते हुए उन्हें जनता के प्रति मित्रवत व्यवहार करने की नसीहत दी।

 

हर माह के पहले और तीसरे मंगलवार को होगा समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट निस्तारण

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

हरिद्वार। उत्तराखंड शासन की मंशा के अनुरूप जनपद वासियों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने वर्ष 2026-27 का विस्तृत ‘तहसील दिवस’ रोस्टर जारी कर दिया है। अब जनपद वासियों को अपनी छोटी-बड़ी शिकायतों के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, क्योंकि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार अब प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को जनपद की सभी चारों तहसीलों—हरिद्वार, रुड़की, लक्सर और भगवानपुर—में एक साथ ‘तहसील दिवस’ का आयोजन किया जाएगा। आगामी 07 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 16 मार्च 2027 तक चलने वाले इस अभियान के तहत संबंधित उप जिलाधिकारी (SDM) की अध्यक्षता में सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक अधिकारी जनता की फरियाद सुनेंगे, जिसमें जिला स्तरीय अधिकारियों, क्षेत्राधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सख्त लहजे में कहा है कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं बल्कि गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से धरातल पर होना चाहिए, जिसका वे स्वयं किसी भी तहसील में रैंडम निरीक्षण कर जायजा लेंगे। इस पारदर्शी व्यवस्था से आमजन को घर के पास ही न्याय मिलेगा और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में जवाबदेही तय होगी; जिलाधिकारी ने अपील की है कि क्षेत्रीय नागरिक निर्धारित रोस्टर के अनुसार अपने नजदीकी तहसील कार्यालय पहुंचकर इस जनहितकारी सुविधा का अधिकतम लाभ उठाएं ताकि ‘भ्रष्टाचार मुक्त और सुगम प्रशासन’ का संकल्प सिद्ध हो सके।

प्रदूषण के खिलाफ ‘ऑपरेशन क्लीन दिल्ली’ के लिए 22,236 करोड़ का प्रावधान, यमुना सफाई और ई-बसों पर रहेगा मुख्य जोर

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

नई दिल्ली। राजधानी की आबोहवा सुधारने और आने वाली पीढ़ियों को प्रदूषण मुक्त भविष्य देने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ रुपये के कुल बजट में से 22,236 करोड़ रुपये (21.44 प्रतिशत) विशेष रूप से ‘हरित योजनाओं’ के लिए आवंटित किए हैं। रविवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ‘क्लीन दिल्ली, ग्रीन दिल्ली’ के विजन को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने 17 प्रमुख विभागों को चरणबद्ध तरीके से धनराशि का आवंटन किया है, ताकि पर्यावरण संरक्षण केवल एक नारा न रहकर एक ठोस कार्ययोजना बन सके।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इस ग्रीन बजट का सबसे बड़ा हिस्सा 6,485 करोड़ रुपये दिल्ली जल बोर्ड को दिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य यमुना की सफाई और आधुनिक जल उपचार परियोजनाओं को गति देना है। परिवहन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव के लिए 4,758 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे ई-बसों के बेड़े को बढ़ाने और स्वच्छ परिवहन प्रणाली को मजबूत किया जाएगा। वहीं, लोक निर्माण विभाग (PWD) को धूल नियंत्रण और हरित बुनियादी ढांचे के विकास हेतु 3,350 करोड़ रुपये तथा बिजली विभाग को सौर ऊर्जा व नवीकरणीय स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए 1,410 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं।

योजना के तहत अन्य महत्वपूर्ण विभागों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसमें शहरी विकास को 2,273 करोड़, पर्यावरण विभाग को 558 करोड़, और वन विभाग को वृक्षारोपण हेतु 181 करोड़ रुपये दिए गए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और उद्योग जैसे विभागों को भी हरित कौशल विकास और पर्यावरणीय सुधार के लिए विशेष फंड जारी किया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि ‘ग्रीन बजटिंग’ सरकार की राजकोषीय नीति का केंद्र है और यह जहरीली हवा व बढ़ते तापमान के खिलाफ एक निर्णायक प्रहार है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण अब सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है और इस निवेश के जरिए दिल्ली को एक सतत व टिकाऊ वैश्विक शहर के रूप में विकसित किया जाएगा।

 

संदिग्ध वस्तुओं और लावारिस सामान की गहन तलाशी, सुरक्षा के मद्देनजर अत्याधुनिक उपकरणों का किया गया प्रयोग

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

लक्सर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के कड़े निर्देशों के अनुपालन में जनपद की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के उद्देश्य से रविवार को बम डिस्पोज़ल स्क्वाड (BDS) की टीम ने लक्सर रेलवे स्टेशन परिसर में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले प्लेटफार्मों, प्रतीक्षालयों, यात्री डिब्बों और पार्किंग स्थलों की बारीकी से जांच की गई। बीडीएस टीम ने अत्याधुनिक खोजी उपकरणों और मेटल डिटेक्टरों की मदद से संदिग्ध वस्तुओं व लावारिस सामान की गहन तलाशी ली।

अभियान के दौरान पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने यात्रियों को भी सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। यात्रियों से अपील की गई कि यात्रा के दौरान यदि उन्हें कोई लावारिस वस्तु, संदिग्ध बैग या संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे, तो उसकी सूचना तत्काल रेलवे पुलिस या नजदीकी थाना पुलिस को दें। हरिद्वार पुलिस के अनुसार, घंटों चले इस सघन अभियान में कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण व सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा ऑडिट और चेकिंग का यह सिलसिला भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा ताकि आमजन सुरक्षित महसूस कर सकें। किसी भी आपात स्थिति के लिए नागरिकों को तत्काल हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना देने की सलाह दी गई है।

भगवानपुर। क्षेत्र के प्रमुख शिक्षण संस्थान श्रीराम कॉलेज ऑफ एजुकेशन, भगवानपुर में रविवार को वार्षिक उत्सव का आयोजन अत्यंत गरिमामयी और भव्य रूप में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि भगवानपुर विधायक ममता राकेश द्वारा माँ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना और मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक ममता राकेश ने कहा कि चूडियाला से मानक मजरा तक ग्रामीण अंचलों में पहले उच्च शिक्षा के लिए कोई प्रभावी विकल्प मौजूद नहीं था, जिससे स्थानीय छात्र-छात्राओं को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि श्रीराम कॉलेज के सफल संचालन से अब युवाओं को घर के निकट ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो रही है, जो क्षेत्र के विकास के लिए एक क्रांतिकारी कदम और मील का पत्थर है।

कॉलेज के चेयरमैन डॉ० अनुज सैनी ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों के साथ उच्च शिक्षा प्रदान कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। डायरेक्टर एवं वरिष्ठ पत्रकार देशराज पाल ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षित युवा ही समाज की कुरीतियों को समाप्त कर देश का गौरव बढ़ा सकते हैं। प्राचार्या डॉ० सुजाता चौधरी ने वार्षिक उत्सव को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया।

इस अवसर पर मास्टर सबज सैनी और डॉक्टर अशोक सैनी (मानकपुर आदमपुर) ने भी विचार रखे। पूर्व प्रधानाचार्य समय सिंह सैनी की अध्यक्षता और मा० राजेश सैनी के संचालन में आयोजित समारोह में ई० फग्गन सिंह सैनी, रोमा सैनी, एडवोकेट राशिद अली, मा० राजकुमार, डॉ० राजेश सैनी और ग्राम प्रधान मलिक जैसे गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक नेहा सैनी, अंजली, आँचल और विनीत सैनी का विशेष सहयोग रहा।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

हरिद्वार/अजीतपुर। महर्षि कश्यप के जन्मोत्सव के अवसर पर ग्राम जियापोता से पंजनहेड़ी और अजीतपुर तक एक ऐतिहासिक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस विशाल आयोजन में हजारों की संख्या में कश्यप समाज के लोग शामिल हुए, जिससे पूरे मार्ग पर उत्साह, एकजुटता और अटूट आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला।

​शोभायात्रा का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री के सलाहकार नीरज कश्यप तथा हरियाणा के इंद्री से विधायक राम कुमार कश्यप ने हरी झंडी दिखाकर किया। यात्रा जियापोता से शुरू होकर अजीतपुर पहुंची, जहाँ इसका भव्य समापन हुआ। इस दौरान सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जब दलित समाज सहित अन्य कई समुदायों के लोगों ने पुष्पवर्षा और जलपान के साथ शोभायात्रा का जोरदार स्वागत किया।

​अजीतपुर में आयोजित विशाल भंडारे में 5,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर नीरज कश्यप ने कहा कि यह आयोजन कश्यप समाज की बढ़ती जागरूकता और संगठन शक्ति का प्रतीक है। कार्यक्रम में कश्यप दल के बलराम कश्यप, अरुण कश्यप, लक्ष्मण कश्यप और विनोद कश्यप सहित अन्य पदाधिकारियों ने अतिथियों का अभिनंदन किया।

​इस भव्य आयोजन में प्रखर कश्यप, अनुज कश्यप, दीपक, मनीष, विपिन, नरेंद्र, मायाराम, विजेंद्र, प्रहलाद, शिवम, रोहित, सुभाष, ऋतिक, मोहित, लोकेश, अनुकूल, टीनू, नरेश, अभिषेक, अंकुश कश्यप, बिशनपुर कुंडी के ग्राम प्रधान सन्नी कुमार और चमन पाल सहित हजारों की संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम

 

संवाददाता: अमित नौटियाल

देहरादून। जनपद में आमजन की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेन्द्र डोबाल के निर्देशन में दून पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। अपराधियों और संदिग्ध तत्वों पर नकेल कसने के उद्देश्य से जिले के सभी थाना क्षेत्रों में दिन और रात का सघन चेकिंग और सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।

आज सुबह से ही सभी थाना क्षेत्रों के सार्वजनिक स्थानों और पार्कों के आसपास गौरा पुलिस टीम और यातायात पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। चेकिंग अभियान के दौरान मॉर्निंग वॉक पर निकले नागरिकों और अपने काम पर जाने वाले व्यक्तियों से पुलिस ने सीधा संवाद किया। पुलिसकर्मियों ने आमजन को विश्वास दिलाया कि खाकी सदैव उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए तत्पर है।

अभियान के दौरान अनावश्यक और संदिग्ध रूप से घूम रहे व्यक्तियों को रोककर उनसे पूछताछ की गई और उनके पहचान पत्रों की जांच की गई। एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने सख्त लहजे में सभी अधीनस्थों को निर्देशित किया है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद देहरादून में यह सघन चेकिंग अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा ताकि कानून का शासन और मजबूत हो सके।

विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम