- NDMA सचिव मनीष भारद्वाज ने परखीं तैयारियां; ड्रेनेज सिस्टम और ‘सचेत ऐप’ पर दिया ज़ोर
संवाददाता ग्रामीण तहकीकात
हरिद्वार। हरिद्वार जैसे संवेदनशील जनपद में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक पुख्ता करने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सचिव मनीष भारद्वाज ने शनिवार को जिला आपदा प्रबंधन सभागार में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में कुंभ, कांवड़ मेले और मानसून के दौरान होने वाले संभावित खतरों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक और जन-भागीदारी को बढ़ाने पर विशेष रणनीति तैयार की गई।
ड्रेनेज सिस्टम और मनसा देवी पहाड़ी के लिए वैज्ञानिक समाधान के निर्देश
सचिव मनीष भारद्वाज ने हरिद्वार में जलभराव की समस्या पर चिंता जताते हुए सिंचाई विभाग और नगर निगम को एक प्रभावी ड्रेनेज मास्टर प्लान बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्षा ऋतु से पहले उचित प्रबंधन आवश्यक है ताकि जनजीवन प्रभावित न हो। इसके साथ ही, हिल बाईपास स्थित मनसा देवी पहाड़ी पर हो रहे भूस्खलन को रोकने के लिए उन्होंने अस्थायी उपायों के बजाय वैज्ञानिक और स्थायी समाधान अपनाने पर जोर दिया।
‘सचेत ऐप’ से बचेगा नागरिकों का जीवन
बैठक के दौरान सचिव ने सूचना के त्वरित आदान-प्रदान के लिए “सचेत ऐप” के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के प्रत्येक नागरिक और श्रद्धालु के मोबाइल में यह ऐप डाउनलोड होना चाहिए, ताकि बाढ़ या किसी भी अन्य आपदा की स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी ‘अलर्ट’ सीधे लोगों तक पहुंच सके।
आपदा मित्रों और गंगा प्रहरियों को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग
बाढ़ प्रबंधन की समीक्षा करते हुए मनीष भारद्वाज ने कहा कि आपदा के समय सबसे पहले स्थानीय लोग ही ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ होते हैं। उन्होंने आपदा मित्रों, गंगा प्रहरियों और गंगा तट पर रहने वाले लोगों को व्यवहारिक प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण इतना प्रभावी होना चाहिए कि संकट के समय हर व्यक्ति अपनी और दूसरों की जान बचाने में सक्षम हो।
डीएम मयूर दीक्षित ने दी कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सचिव को जनपद में उपलब्ध संसाधनों, मैनपावर और चल रही कार्ययोजनाओं से अवगत कराया। डीएम ने आश्वस्त किया कि हरिद्वार प्रशासन सभी विभागों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य कर रहा है और समय-समय पर मॉकड्रिल के माध्यम से तैयारियों को परखा जा रहा है।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ओमजी गुप्ता और उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी सहित सिंचाई, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
