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रुड़की

समाज सेवा और अनुशासन के संकल्प के साथ विदा हुए स्वयंसेवक

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

रुड़की। रुड़की स्थित COER यूनिवर्सिटी की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का शनिवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में सफल समापन हुआ। सात दिनों तक चले इस सेवा अभियान के बाद स्वयंसेवकों ने समाज सेवा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण का संकल्प लेकर शिविर से विदाई ली।

मुख्य अतिथियों ने किया दीप प्रज्ज्वलन

समापन समारोह का गरिमामय शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. वाइस चांसलर डॉ. राजेश कुमार उपाध्याय और विशिष्ट अतिथि प्रखर गुप्ता (वोल्क्सवैगन ग्रुप, दुबई) द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। परंपरा का निर्वहन करते हुए अतिथियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए ‘तुलसी’ का पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।

विद्यार्थियों को उत्तरदायी नागरिक बनाना ही लक्ष्य: डॉ. उपाध्याय

इस अवसर पर डॉ. राजेश कुमार उपाध्याय ने स्वयंसेवकों के प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि “ऐसे शिविर विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें एक उत्तरदायी नागरिक बनाने और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का बोध कराने में मील का पत्थर साबित होते हैं।”

स्किल डेवलपमेंट पर दिया गया जोर

दुबई से पहुंचे विशिष्ट अतिथि प्रखर गुप्ता ने आधुनिक युग में ‘स्किल डेवलपमेंट’ (कौशल विकास) के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार रहने हेतु प्रेरित किया और बताया कि कैसे तकनीकी कौशल के साथ सामाजिक सरोकार जरूरी है।

अनुभवों का साझाकरण और लक्ष्य गीत की गूंज

कार्यक्रम के दौरान एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. अमरनाथ, डॉ. डी.वी. गुप्ता, मिस बलजीत कौर और अभिषेक गुप्ता ने भी अपने विचार साझा किए। समापन सत्र में स्वयंसेवकों ने भाषणों के माध्यम से पिछले सात दिनों के अपने जमीनी अनुभवों और सामाजिक समझ को मंच पर रखा। अंत में सामूहिक रूप से एनएसएस लक्ष्य गीत गाकर एकता का संदेश दिया गया और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ।

सेवइयों की मिठास और गले मिलकर दूर हुई दूरियां

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात

हरिद्वार/नई दिल्ली। एक महीने के मुकद्दस रमजान और कठिन इबादत के बाद आज पूरे देश में ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे अकीदत और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह की पहली किरण के साथ ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों का सैलाब उमड़ पड़ा। हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर राजधानी दिल्ली की जामा मस्जिद तक, हर तरफ ‘ईद मुबारक’ की गूंज और आपसी भाईचारे का अद्भुत नजारा देखने को मिला।

नमाज के बाद मुल्क की खुशहाली के लिए उठे हाथ

आज सुबह ईदगाहों में हजारों की संख्या में मुस्लिम भाइयों ने सफों में खड़े होकर एक साथ नमाज अदा की। नमाज के बाद इमाम साहब ने मुल्क में अमन, चैन, शांति और तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी। नमाज संपन्न होते ही लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। बच्चों में ‘ईदी’ को लेकर विशेष उत्साह देखा गया, वहीं मेलों में खिलौनों और झूलों का आनंद लेने के लिए भारी भीड़ जुटी।

गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल: नवरात्रि और ईद एक साथ

इस बार की ईद बेहद खास है क्योंकि एक तरफ चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है और दूसरी तरफ ईद की खुशियां मनाई जा रही हैं। हरिद्वार, रुड़की और झबरेड़ा क्षेत्र में यह नजारा हमारी साझा संस्कृति (गंगा-जमुनी तहजीब) का प्रतीक बना। हिंदू भाइयों ने ईदगाहों के बाहर पहुंचकर मुस्लिम भाइयों का स्वागत किया और गले मिलकर उन्हें बधाई दी। यह दृश्य बताता है कि भारत की एकता ही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है।

सेवइयों की मिठास और दावतों का दौर

ईद के मौके पर घरों में सुबह से ही विशेष पकवान और ‘शीर-खुरमा’ (सेवइयां) बनाने का दौर जारी है। मेहमानों का स्वागत मिठास के साथ किया जा रहा है। मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि यह त्योहार हमें सिखाता है कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है और आपसी प्रेम ही समाज की सबसे बड़ी पूंजी है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

त्योहार के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा। ड्रोन कैमरों से भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की गई। प्रशासन ने शांतिपूर्ण तरीके से नमाज संपन्न होने पर सभी को धन्यवाद दिया और बधाई दी।

 

हरिद्वार। “या देवी सर्वभूतेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता…” के जयघोष के साथ आज चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन श्रद्धा का सैलाब उमड़ रहा है। आज का दिन आदि-शक्ति के ‘माँ चंद्रघंटा’ स्वरूप को समर्पित है। देवी का यह रूप जितना सौम्य और शांत है, उतना ही शत्रुओं के लिए संहारक भी। इनके माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, जो शीतलता और शांति का प्रतीक है।

देवी का स्वरूप: शांति और वीरता का अद्भुत संगम

माँ चंद्रघंटा का स्वरूप अलौकिक है। स्वर्ण जैसी चमक वाली देवी दस भुजाओं वाली हैं। उनके हाथों में त्रिशूल, गदा, तलवार और धनुष-बाण हैं, जो अधर्म के विनाश का संकेत देते हैं। उनका वाहन सिंह है, जो साहस का प्रतीक है। देवी की आराधना करने से साधक के भीतर छिपे हुए भय का नाश होता है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

आज के दिन का विशेष महत्व (21 मार्च 2026)

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जो भक्त आज के दिन मणिपुर चक्र पर ध्यान केंद्रित करते हैं, उन्हें सिद्धियां प्राप्त होती हैं। माँ चंद्रघंटा की पूजा से न केवल आध्यात्मिक बल मिलता है, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व में एक विशेष आकर्षण और विनम्रता का समावेश होता है।

पूजा की सरल विधि और आज का ‘महा-उपाय’

  • शुभ रंग: आज के दिन ग्रे (स्लेटी) या चमकीले रंगों का प्रयोग करना फलदायी होता है।
  • महा-भोग: माँ को दूध की खीर या केसरिया पेड़ा अर्पित करें। इससे मानसिक तनाव दूर होता है और घर में सुख-शांति आती है।
  • दान का महत्व: आज के दिन ब्राह्मणों या कन्याओं को शक्कर या दूध का दान करना विशेष पुण्यकारी माना जाता है।

मंत्र जो बदल देगा आपकी किस्मत

आज पूजा के समय इस प्रभावशाली मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना चाहिए:

ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः

माँ का संदेश: निर्भय बनें और धर्म का मार्ग चुनें

प्रधानाध्यापक और विद्वानों का मानना है कि माँ चंद्रघंटा का घंटा असुरों के हृदय को कपाने वाला है। इसका अर्थ यह है कि समाज में व्याप्त बुराइयों और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए हमें जागरूक और साहसी होना चाहिए। माँ की कृपा उन पर सदैव रहती है जो दूसरों के प्रति दयालु और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हैं।

 

ग्रामीण तहकीकात 

रुड़की। रुड़की के लोकप्रिय विधायक प्रदीप बत्रा के प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने पर भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में भारी उत्साह देखने को मिला। भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. मधु सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस भव्य स्वागत समारोह में कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं और मिठाइयों के साथ अपने नेता का अभिनंदन किया।

रुड़की के लिए गर्व का क्षण: डॉ. मधु सिंह

कार्यक्रम के दौरान जिला अध्यक्ष डॉ. मधु सिंह ने कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा को शॉल ओढ़ाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्रदीप बत्रा को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना पूरे रुड़की क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उनके अनुभव से न केवल रुड़की बल्कि पूरे उत्तराखंड के विकास को नई गति मिलेगी।

कार्यकर्ताओं में दिखा भारी जोश

भाजपा कार्यालय में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल रहा। ढोल-नगाड़ों की थाप पर कार्यकर्ता झूमते नजर आए। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश गिरी, जिला महामंत्री सागर गोयल, अक्षय प्रताप सिंह सहित भारी संख्या में पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि श्री बत्रा के मंत्री बनने से जनहित के मुद्दों का प्रभावी समाधान होगा।

मेरी प्राथमिकता विकास और जनसेवा: प्रदीप बत्रा

अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने शीर्ष नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा, “पार्टी ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, उसे मैं पूरी निष्ठा से निभाऊंगा। मेरा लक्ष्य प्रदेश के विकास के साथ-साथ रुड़की की हर समस्या का समाधान करना है।”

स्वागत कार्यक्रम में कविंदर चौधरी, शोभाराम प्रजापति, सोनू धीमान, संजीव तोमर और सचिन झबरेड़ी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

विशेष संपादकीय | ग्रामीण तहकीकात

भूमिका:

चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन माँ दुर्गा के ‘ब्रह्मचारिणी’ स्वरूप को समर्पित है। ‘ब्रह्म’ का अर्थ है तपस्या और ‘चारिणी’ का अर्थ है आचरण करने वाली। यह स्वरूप केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि संघर्षों के बीच अडिग रहने और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए किए जाने वाले ‘घोर परिश्रम’ का जीवंत उदाहरण है।

1. माँ का दिव्य स्वरूप और कथा

​दाहिने हाथ में जप की माला और बाएं हाथ में कमंडल धारण किए हुए माँ ब्रह्मचारिणी अत्यंत शांत और भव्य दिखती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए देवी ने हजारों वर्षों तक केवल फल-फूल खाकर और अंत में केवल वायु पर रहकर तपस्या की थी।

सीख: जीवन में बड़ी सफलता (जैसे शक्ति और धन) पाने के लिए ‘शॉर्टकट’ नहीं, बल्कि ‘तप’ (कठिन परिश्रम) की आवश्यकता होती है।

 

2. पूजा की सरल विधि (घर और मंदिर के लिए)

  • पवित्रता: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्वच्छ वस्त्र (पीले या सफेद रंग के) धारण करें।
  • अभिषेक: माँ को पंचामृत से स्नान कराएं और चंदन का तिलक लगाएं।
  • प्रिय पुष्प: माता को सफेद सुगंधित फूल (मोगरा या चमेली) अत्यंत प्रिय हैं।
  • महाप्रसाद: माँ ब्रह्मचारिणी को चीनी, मिश्री और पंचामृत का भोग लगाना चाहिए। मान्यता है कि इससे लंबी आयु और सौभाग्य का वरदान मिलता है।
  • सिद्ध मंत्र: > दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

3. व्रत और आहार: शरीर और मन का शुद्धिकरण

​नवरात्रि का व्रत केवल भूखा रहना नहीं, बल्कि इंद्रियों पर विजय पाना है।

  • सात्विक भोजन: कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की पूरी, साबूदाना खिचड़ी और सेंधा नमक का प्रयोग करें।
  • तरल आहार: गर्मी का समय है, इसलिए नारियल पानी, छाछ और ताजे फलों के रस का अधिक सेवन करें।
  • क्या न करें: मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का त्याग करें। साथ ही, किसी की निंदा या क्रोध करने से बचें।

4. आज के दौर में महत्व

​आज के दौर में माँ ब्रह्मचारिणी का संदेश बहुत प्रासंगिक है। चाहे आप एक पत्रकार हों, किसान हों या व्यापारी—बिना ‘संयम’ और ‘अनुशासन’ के कोई भी युद्ध नहीं जीता जा सकता। कठिन परिस्थितियों में विचलित न होना ही माँ की सच्ची आराधना है।

‘ग्रामीण तहकीकात’ परिवार की ओर से समस्त पाठकों को द्वितीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ!

 

100 शीशी प्रतिबंधित कफ सिरप के साथ मुरादाबाद का नशा तस्कर गिरफ्तार

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

रुड़की। मुख्यमंत्री उत्तराखंड के ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन-2025’ को सफल बनाने के लिए एसएसपी हरिद्वार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली रुड़की पुलिस ने नशा तस्करों के विरुद्ध बड़ी सफलता हासिल की है; प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में गठित टीम ने 17 मार्च 2026 को पीर बाबा के पास नहर पटरी से एक आरोपित मोहम्मद सुहेल पुत्र साजिद हुसैन, निवासी मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) को घेराबंदी कर दबोच लिया। पुलिस ने तलाशी के दौरान आरोपित की मोटरसाइकिल से 100 शीशी प्रतिबंधित नशीला कफ सिरप बरामद किया है, जिसे वह क्षेत्र के युवाओं के बीच ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में था। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक मोहन सिंह, हेड कांस्टेबल यूनुस बेग और कांस्टेबल रंग मोहन व गुलबर शामिल रहे, जिन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कर उसे जेल भेज दिया है।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

हरिद्वार। जनपद में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को सुदृढ़ करने और विभागों के बीच आपसी समन्वय को परखने के उद्देश्य से बुधवार को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशन में पांच अलग-अलग संवेदनशील स्थलों पर सफलतापूर्वक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस अभ्यास के दौरान हरकी पैड़ी क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने, श्रद्धालुओं में भगदड़ मचने, मनसा देवी पैदल मार्ग पर वनाग्नि, लक्सर के गंगदासपुर में तटबंध टूटने और रुड़की में बाढ़ के कारण लोगों के बहने जैसे बनावटी परिदृश्य (डेमो) तैयार किए गए, जिसकी सूचना सुबह 10:20 बजे मिलते ही जिला प्रशासन का ‘इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम’ (आईआरएस) पूरी तरह सक्रिय हो गया। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पी.आर. चौहान की निगरानी में तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारियों को इंसीडेंट कमांडर नामित कर पुलिस, अग्निशमन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य और राजस्व विभाग की टीमों को तत्काल राहत कार्य हेतु रवाना किया गया, जिन्होंने मलबे में दबे और नदी में बहे लोगों को सुरक्षित निकालकर त्वरित चिकित्सा उपलब्ध कराई। इस महत्वपूर्ण अभ्यास के दौरान जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, मुख्य कृषि अधिकारी गोपाल सिंह भंडारी, अर्थ एवं संख्याधिकारी नलिनी ध्यानी सहित तमाम उच्चाधिकारी तैनात रहे, वहीं रुड़की में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ व एसडीएम अनिल शुक्ला और हरिद्वार में एसडीएम जितेन्द्र कुमार ने फील्ड में कमान संभालते हुए राहत कार्यों को मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से संपन्न कराया।

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

रुड़की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की में होरीबा भारत की सीएसआर पहल के तहत आयोजित एक गरिमामयी समारोह में 16 विद्यार्थियों को ‘होरीबा प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति’ और ‘होरीबा भारत स्नातकोत्तर पुरस्कार 2025-26’ से नवाजा गया। होरीबा भारत के अध्यक्ष और संस्थान के विशिष्ट पूर्व छात्र डॉ. राजीव गौतम के नेतृत्व में शुरू हुई इस दूरदर्शी पहल के तहत 10 स्नातक छात्रों को शिक्षण शुल्क में छूट और 6 स्नातकोत्तर छात्रों को नकद पुरस्कार प्रदान किए गए, ताकि वे आर्थिक बोझ से मुक्त होकर अपनी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित कर सकें। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रोफेसर के.के. पंत ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए अनुसंधान के क्षेत्र में होरीबा भारत के सहयोग की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान कार्बन रूपांतरण और शक्ति उपकरणों से जुड़ी दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान भी किया गया। समारोह में प्रोफेसर आर.डी. गर्ग, प्रोफेसर अनिल कुमार सहित होरीबा भारत के कई अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने मेधावी छात्रों को उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

 

रुड़की। महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध हरिद्वार पुलिस के जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत रुड़की पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए नाबालिग के अपहरणकर्ता को हरियाणा से दबोच लिया है। जानकारी के अनुसार, दिसंबर 2025 में दर्ज पोक्सो अधिनियम और अपहरण के मुकदमे में वांछित चल रहे आरोपी मुकेश कुमार पुत्र शीशपाल, निवासी न्यू ऋषि नगर (हिसार) की गिरफ्तारी के लिए उपनिरीक्षक ध्वजवीर सिंह पवार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। पुलिस टीम ने सुरागरसी और पतारसी के माध्यम से आरोपी की लोकेशन हिसार में ट्रैक की और वहां छापेमारी कर उसे हिरासत में ले लिया। विवेचना अधिकारी उपनिरीक्षक रेखा पाल और टीम की इस प्रभावी कार्रवाई के बाद आरोपी को रुड़की लाया गया है, जहाँ उसके विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इस सफल ऑपरेशन में कांस्टेबल प्रदीप भंडारी और सोबन सिंह चौहान ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

“जनता को तहसील के चक्कर न काटने पड़ें, समस्याओं का मौके पर ही हो समाधान” – जिलाधिकारी मयूर दीक्षित

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात रूड़की | 17 मार्च 2026

मंगलवार को तहसील रूड़की में कंप्यूटर लैब के भव्य लोकार्पण के उपरांत जिलाधिकारी हरिद्वार श्री मयूर दीक्षित ने तहसील कार्यालय के विभिन्न पटलों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यप्रणाली का जायजा लेते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को जनहित में कड़े निर्देश जारी किए।

आमजन की समस्याओं में ‘जीरो टॉलरेंस’

जिलाधिकारी ने सभी पटल सहायकों और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि तहसील में अपनी फरियाद लेकर आने वाले आम नागरिकों के कार्यों में किसी भी प्रकार का विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा:

“यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी व्यक्ति को एक ही समस्या के लिए बार-बार तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें। जन समस्याओं का निस्तारण तत्परता और प्राथमिकता के आधार पर हो।”

लंबित वादों और अभिलेखों पर जोर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तहसील में चल रहे न्यायालयी वादों (Cases) की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • पुराने मुकदमों का निपटारा: जो वाद लंबे समय से लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता पर लेते हुए निस्तारित किया जाए।
  • अभिलेखों का रख-रखाव: कार्यालय के सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों और अभिलेखों को व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से रखा जाए।
  • स्वच्छता: तहसील परिसर और कार्यालयों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।

मौके पर मौजूद अधिकारी

इस निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट, उप जिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला, तहसीलदार विकास अवस्थी सहित तहसील के अन्य राजस्व अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी की इस सख्ती से तहसील प्रशासन में हड़कंप की स्थिति रही, वहीं आम जनता ने इस कदम की सराहना की है।