आईआईटी रूड़की, जिला प्रशासन और वी-मार्क इंडिया की संयुक्त पहल; सरकारी स्कूल के बच्चों को मिलेगा AI और कंप्यूटर का मुफ्त प्रशिक्षण।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात
रूड़की। 17 मार्च 2026 तहसील रूड़की अब केवल प्रशासनिक कार्यों का केंद्र नहीं, बल्कि डिजिटल शिक्षा का हब भी बनने जा रही है। मंगलवार को तहसील परिसर में वी-मार्क इंडिया लिमिटेड के सीएसआर (CSR) सहयोग से स्थापित अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब का भव्य लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी हरिद्वार श्री मयूर दीक्षित, आईआईटी रूड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत और वी-मार्क इंडिया के एमडी श्री विकास गर्ग ने संयुक्त रूप से लैब का उद्घाटन किया।

IIT रूड़की सिखाएगा AI के गुर, मिलेगा सर्टिफिकेट
कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि जिला प्रशासन और आईआईटी रूड़की के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता (MoU) रहा। इस समझौते के तहत:
- विशेष प्रशिक्षण: सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को आईआईटी रूड़की के प्रोफेसरों द्वारा कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की शिक्षा दी जाएगी।
- प्रमाणन: कोर्स पूरा होने पर छात्रों को आईआईटी रूड़की द्वारा आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
- महिला सशक्तिकरण: लैब और प्रशिक्षण कार्यक्रम में बालिकाओं की भागीदारी को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रशासन और शिक्षा जगत का अनूठा संगम
लोकार्पण के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा, “यह पहल सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगी और उन्हें डिजिटल भारत की मुख्यधारा से जोड़ेगी।” वहीं, आईआईटी निदेशक प्रो. के. के. पंत ने इसे समाज, शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तकनीकी सहयोग से ग्रामीण और वंचित वर्ग के छात्र भी आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट, आईआईटी के डीन प्रो. विवेक मलिक, प्रो. करुण रावत, श्री नवीन नवानी, और सीनियर कंसल्टेंट श्रीमती मार्गरेट क्लिमकोटी उपस्थित रहीं।
प्रशासनिक टीम से अपर उपजिलाधिकारी श्री अनिल कुमार शुक्ला, तहसीलदार विकास अवस्थी, और लक्सर तहसीलदार श्रीमती शुभांगिनी मौजूद रहीं। वी-मार्क इंडिया की ओर से सीएफओ श्री डी. के. बंसल और जीएम राहुल वत्स सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यक्रम में शिरकत की।
बड़ी बात: इस पहल से रूड़की के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अब विश्वस्तरीय संस्थान (IIT) से जुड़कर भविष्य की तकनीक सीखने का मौका घर के पास ही मिल सकेगा।


