देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने मंगलवार को राजभवन में भविष्य के कर्णधारों को सफलता और सेवा का पाठ पढ़ाया। 2024 बैच के आईएएस प्रशिक्षु अधिकारियों ने जब राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट की, तो माहौल औपचारिकता से ऊपर उठकर एक मार्गदर्शक और शिष्यों के संवाद में बदल गया। राज्यपाल ने युवा अफसरों को दो-टूक शब्दों में समझाया कि लाल बत्ती और रुतबे से बड़ी जिम्मेदारी जनता का विश्वास जीतना है।
प्रशिक्षु अधिकारी अंशुल भट्ट, हर्षिता सिंह और स्नेहिल कुंवर सिंह से बातचीत करते हुए राज्यपाल ने कहा कि एक सफल आईएएस वही है जिसकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और ईमानदारी झलकती हो। उन्होंने खास तौर पर उत्तराखंड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि पहाड़ की चुनौतियों को समझने के लिए आधुनिक तकनीक और नवाचार (Innovation) का सहारा लें। राज्यपाल ने युवा जोश को प्रेरित करते हुए कहा कि आप सरकार और आम आदमी के बीच का सबसे मजबूत पुल हैं, इसलिए आपकी हर फाइल और फैसले में गरीब की मुस्कान छिपी होनी चाहिए। राज्यपाल की इस ‘गुरुमंत्र’ वाली क्लास ने युवा अधिकारियों में जनसेवा का नया उत्साह भर दिया है।
विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम
