1911 वादों का मौके पर निस्तारण
हरिद्वार। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जनपद हरिद्वार में आमजन को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने तथा लंबित राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में राजस्व लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस विशेष अदालत में विभिन्न प्रकार के राजस्व वादों की सुनवाई कर वादकारियों को बड़ी राहत दी गई।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित इस लोक अदालत में कुल 1911 वादों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। आपसी सुलह-समझौते और प्रशासनिक हस्तक्षेप के माध्यम से वर्षों से लंबित मामलों का समाधान कर आमजन को अनावश्यक भागदौड़ से मुक्ति दिलाई गई। इस दौरान लगभग 63 लाख रुपये की राजस्व वसूली एवं अर्थदंड आरोपित किया गया।
विवरण के अनुसार, स्टाम्प अधिनियम के अंतर्गत 19 मामलों का निस्तारण कर 60,88,442 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। आबकारी अधिनियम के 21 मामलों में 96 हजार रुपये और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के 7 मामलों में 1 लाख 10 हजार रुपये का अर्थदंड वसूला गया।
जिलाधिकारी ने आयोजन की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आमजन को सुलभ और पारदर्शी न्याय प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजनों से न केवल अदालतों का बोझ कम होता है, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच विश्वास भी बढ़ता है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और भारी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे।
विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम
