झबरेड़ा। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट के बीच झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। यहाँ आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘ईद मिलन समारोह एवं भाईचारा सम्मेलन’ ने विपक्षी दलों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। भारी जनसैलाब के बीच मुख्य अतिथि और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एडवोकेट रविंद्र भाटी ने एकता और आपसी सौहार्द को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताया।
मंच से सत्ताधारी भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए भाटी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता अब इन दोनों दलों के “एक ही सिक्के के दो पहलू” वाले खेल को समझ चुकी है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब आजाद समाज पार्टी के रूप में एक मजबूत और ईमानदार विकल्प की ओर देख रही है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह द्वारा संयोजित इस कार्यक्रम में नगीना लोकसभा के ‘जीत के फॉर्मूले’ की गूँज सुनाई दी, जहाँ वक्ताओं ने दलित, पिछड़ा और मुस्लिम समाज के अटूट गठबंधन को 2027 की सत्ता परिवर्तन का मुख्य आधार बताया।
कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए भीम आर्मी के प्रदेश महासचिव सुशील पाटिल ने स्पष्ट किया कि झबरेड़ा की सड़कों पर उमड़ा यह उत्साह व्यवस्था परिवर्तन की क्रांति का संकेत है। उन्होंने कहा कि शोषित और वंचित समाज अब हवाई वादों के झांसे में आने वाला नहीं है। कार्यक्रम के दौरान विपक्षी दलों की नीतियों से असंतुष्ट दर्जनों कार्यकर्ताओं ने आज़ाद समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, जिससे पार्टी की स्थानीय इकाई को बड़ी मजबूती मिली है। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, क्षेत्रीय नेता और हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम
