रुड़की/मंगलौर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के बावजूद मंगलौर क्षेत्र में अवैध खनन और ओवरलोडिंग का खेल बेखौफ जारी है। हाल ही में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा इकबालपुर चौकी को निलंबित किए जाने जैसी बड़ी कार्रवाई भी खनन माफियाओं के हौसले पस्त करने में नाकाम साबित हो रही है।
वर्तमान में मंगलौर-झबरेड़ा मार्ग से लेकर नहर किनारे स्थित राणा स्टील क्षेत्र तक मिट्टी से भरे ओवरलोड डंपर सड़कों पर ‘यमदूत’ बनकर दौड़ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ये डंपर न केवल निर्धारित क्षमता से अधिक भार ढो रहे हैं, बल्कि इनकी अनियंत्रित गति के कारण पूर्व में भी कई घातक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। राजस्व विभाग को करोड़ों का चूना लगाने वाले इस खेल पर खनन विभाग और स्थानीय प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
इस गंभीर प्रकरण पर जब ‘दैनिक ग्रामीण तहकीकात’ की टीम ने एआरटीओ रुड़की से संपर्क करने का प्रयास किया, तो अधिकारी ने फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा। परिवहन विभाग का यह उदासीन रवैया शासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाता है। क्षेत्र में बेखौफ दौड़ते ये डंपर किसी बड़ी अनहोनी को दावत दे रहे हैं, जिससे जनता में गहरा रोष व्याप्त है। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इन ‘सड़क के यमदूतों’ पर लगाम कसता है या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है।
विशेष रिपोर्ट – दैनिक ग्रामीण तहकीकात टीम
