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Haridwar

20 में से 9 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर शेष के एक सप्ताह में समाधान के दिए निर्देश

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता 

 

भगवानपुर। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु आज तहसील भगवानपुर में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में ‘तहसील दिवस’ का भव्य आयोजन किया गया, जहां जिलाधिकारी ने विभिन्न क्षेत्रों से आए ग्रामीणों की 20 शिकायतों को गंभीरता से सुना और उनमें से 9 का मौके पर ही समाधान कर जनता को फौरी राहत प्रदान की। तहसील आगमन पर उपजिलाधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत के पश्चात शुरू हुए इस कार्यक्रम में भूमि विवाद, अतिक्रमण, जलभराव और घरेलू गैस जैसे गंभीर मुद्दे छाए रहे, जिसमें ग्राम प्रधान दरियापुर दयालपुर ने तालाब के पानी की निकासी, मानकपुर आदमपुर निवासी शादाब अहमद ने विवाह हेतु 12 गैस सिलेंडर की व्यवस्था, तथा भीम सिंह व रामानंद समेत कई ग्रामीणों ने भूमि की पैमाइश व निशानदेही की मांग प्रमुखता से उठाई। जिलाधिकारी ने इन सभी प्रकरणों पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों, पटवारियों और लेखपालों को मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने तथा अवैध निर्माण व गलत नक्शों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जनता को अपने कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, इसलिए शेष 11 शिकायतों को संबंधित विभागों को हस्तांतरित करते हुए एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से निस्तारित करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इस अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक अभिनव चौधरी, मुख्य कृषि अधिकारी गोपाल सिंह भंडारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी अविनाश भदौरिया और तहसीलदार दयाराम सहित जनपद स्तर के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात

हरिद्वार | 16 मार्च 2026 उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार का दौरा कर कुंभ मेला 2027 की तैयारियों की हाई-लेवल समीक्षा की। डामकोठी में आयोजित बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विश्व के इस सबसे बड़े धार्मिक समागम के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी और सभी स्वीकृतियां शासन स्तर पर तुरंत जारी की जाएंगी।

समयबद्धता और गुणवत्ता पर जोर

​मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि कुंभ मेले से जुड़े सभी स्थायी निर्माण कार्य—जैसे सड़क, पुल, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं—निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे होने चाहिए। उन्होंने गुणवत्ता से किसी भी प्रकार के समझौते को स्वीकार न करने की चेतावनी दी।

​”कुंभ एक विराट आयोजन है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है। शासन स्तर पर फाइलों को नहीं रोका जाएगा। मैंने मुख्य सचिव को फोन पर निर्देश दे दिए हैं कि सभी आवश्यक स्वीकृतियां तत्काल प्रभाव से जारी की जाएं।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

 

तैयारियों के मुख्य बिंदु: क्या होगा खास?

​बैठक में मुख्यमंत्री ने कुंभ क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए:

  • हाई-टेक सुरक्षा: आधुनिक तकनीकों से लैस इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की स्थापना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
  • नया कंट्रोल रूम: मेला नियंत्रण भवन के पास सीसीआर-2 (CCR-2) भवन परियोजना को जल्द वित्तीय मंजूरी मिलेगी।
  • सुगम यातायात: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खड़खड़ी पुल और श्रीयंत्र पुल से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता पर रखा गया है।
  • आधुनिक डामकोठी: डामकोठी अतिथि गृह का विस्तार कर वहां एक नया, आधुनिक और आकर्षक भवन बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
  • मंदिर मार्गों का सुधार: मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर जाने वाले मार्गों के सुदृढ़ीकरण की योजना को हरी झंडी दे दी गई है।

33 स्थायी योजनाओं पर काम शुरू

​मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने बैठक में बताया कि कुंभ मेला 2027 के लिए वर्तमान में 33 स्थायी प्रकृति की योजनाएं निर्माणाधीन हैं। इनमें घाटों का निर्माण, जलापूर्ति, सीवरेज प्रबंधन और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार शामिल है। मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश और मुनीकीरेती क्षेत्रों में भी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

समन्वय से सफल होगा आयोजन

​सीएम ने आगामी चारधाम यात्रा, वर्षाकाल और कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाने को कहा ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों। उन्होंने साधु-संतों, धार्मिक संगठनों और स्थानीय हितधारकों के सहयोग से इस आयोजन को ‘सुव्यवस्थित और सुरक्षित’ बनाने का संकल्प दोहराया।

बैठक में मौजूद रहे दिग्गज: इस समीक्षा बैठक में हरिद्वार के विधायक मदन कौशिक, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर समेत तमाम विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

हरिद्वार। जनपद में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ जिला प्रशासन ने मोर्चा खोल दिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के कड़े रुख के बाद जिला पूर्ति विभाग की टीम ने विभिन्न होटलों और ढाबों पर छापेमारी कर 10 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि घरेलू गैस का दुरुपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

छापेमारी से मचा हड़कंप, इन क्षेत्रों में हुई कार्रवाई

जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन और भारत सरकार के ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ (प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश 2026) के तहत जनपद के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई।

रविवार, 15 मार्च को क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों और पूर्ति निरीक्षकों की संयुक्त टीम ने कुल 15 होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट्स में आकस्मिक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान:

  • नवोदय नगर (बहादराबाद): यहां से 05 घरेलू सिलेंडर बरामद किए गए।
  • तहसील भगवानपुर: यहां भी टीम ने 05 सिलेंडर कब्जे में लिए।

कुल 10 सिलेंडर जब्त करते हुए संबंधित दुकानदारों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

41 गैस एजेंसियों पर तैनात किए गए नोडल अधिकारी

प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए जिलाधिकारी ने जनपद की सभी 41 गैस एजेंसियों पर अलग-अलग नोडल अधिकारी नामित किए हैं। ये 41 अधिकारी नियमित रूप से एजेंसियों का निरीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि प्राकृतिक गैस, एलपीजी या सीएनजी की कालाबाजारी या दुरुपयोग न हो।

जिलाधिकारी के सख्त निर्देश

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पूर्ति विभाग को सख्त हिदायत दी है कि यह अभियान निरंतर जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो घरेलू गैस सिलेंडर आम जनता की रसोई के लिए हैं, उनका उपयोग व्यापारिक लाभ के लिए करना कानूनन अपराध है। ऐसे प्रतिष्ठानों के विरुद्ध भविष्य में और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।