संवाददाता ग्रामीण तहकीकात
हरिद्वार। जनपद में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ जिला प्रशासन ने मोर्चा खोल दिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के कड़े रुख के बाद जिला पूर्ति विभाग की टीम ने विभिन्न होटलों और ढाबों पर छापेमारी कर 10 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि घरेलू गैस का दुरुपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
छापेमारी से मचा हड़कंप, इन क्षेत्रों में हुई कार्रवाई
जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन और भारत सरकार के ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ (प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश 2026) के तहत जनपद के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
रविवार, 15 मार्च को क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों और पूर्ति निरीक्षकों की संयुक्त टीम ने कुल 15 होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट्स में आकस्मिक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान:
- नवोदय नगर (बहादराबाद): यहां से 05 घरेलू सिलेंडर बरामद किए गए।
- तहसील भगवानपुर: यहां भी टीम ने 05 सिलेंडर कब्जे में लिए।
कुल 10 सिलेंडर जब्त करते हुए संबंधित दुकानदारों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
41 गैस एजेंसियों पर तैनात किए गए नोडल अधिकारी
प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए जिलाधिकारी ने जनपद की सभी 41 गैस एजेंसियों पर अलग-अलग नोडल अधिकारी नामित किए हैं। ये 41 अधिकारी नियमित रूप से एजेंसियों का निरीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि प्राकृतिक गैस, एलपीजी या सीएनजी की कालाबाजारी या दुरुपयोग न हो।
जिलाधिकारी के सख्त निर्देश
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पूर्ति विभाग को सख्त हिदायत दी है कि यह अभियान निरंतर जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो घरेलू गैस सिलेंडर आम जनता की रसोई के लिए हैं, उनका उपयोग व्यापारिक लाभ के लिए करना कानूनन अपराध है। ऐसे प्रतिष्ठानों के विरुद्ध भविष्य में और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
