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रुड़की

 

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

रुड़की। विद्युत और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध उत्तराखंड किसान मोर्चा के बैनर तले सोमवार को सैकड़ों किसानों ने रुड़की की सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड़ के नेतृत्व में आयोजित इस विशाल महापंचायत के दौरान किसानों ने विद्युत विभाग के कार्यालय पर धरना देते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अधीक्षण अभियंता को सौंपा और बिजली बिलों में सिक्योरिटी वसूली बंद करने, ट्यूबवेल दरों में कटौती व स्मार्ट मीटर योजना की वापसी जैसी मांगें उठाईं। इस दौरान किसान नेता गुलशन रोड़ ने कड़े तेवर अपनाते हुए कहा कि विभाग सुरक्षा राशि के नाम पर किसानों का शोषण बंद करे और यदि 15 दिनों के भीतर इन जनविरोधी नीतियों को वापस नहीं लिया गया, तो समूचे प्रदेश का अन्नदाता सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करने को मजबूर होगा। दूसरी ओर, किसानों की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए अधीक्षण अभियंता विवेक राजपूत ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में किसी भी किसान का कनेक्शन सुरक्षा राशि के अभाव में नहीं काटा जा रहा है और तकनीकी विसंगतियों को दूर करने के लिए विभागीय स्तर पर त्वरित कार्यवाही की जा रही है, साथ ही शासन स्तर की मांगों से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। तहसील तक पैदल मार्च निकालकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने वाले किसानों ने दोटूक चेतावनी दी है कि मूल निवास प्रमाण पत्र और चीनी मिल भुगतान जैसे राजस्व मुद्दों पर भी यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो यह चिंगारी उग्र आंदोलन का रूप ले लेगी।

 

“जनता को तहसील के चक्कर न काटने पड़ें, समस्याओं का मौके पर ही हो समाधान” – जिलाधिकारी मयूर दीक्षित

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात रूड़की | 17 मार्च 2026

मंगलवार को तहसील रूड़की में कंप्यूटर लैब के भव्य लोकार्पण के उपरांत जिलाधिकारी हरिद्वार श्री मयूर दीक्षित ने तहसील कार्यालय के विभिन्न पटलों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यप्रणाली का जायजा लेते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को जनहित में कड़े निर्देश जारी किए।

आमजन की समस्याओं में ‘जीरो टॉलरेंस’

जिलाधिकारी ने सभी पटल सहायकों और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि तहसील में अपनी फरियाद लेकर आने वाले आम नागरिकों के कार्यों में किसी भी प्रकार का विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा:

“यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी व्यक्ति को एक ही समस्या के लिए बार-बार तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें। जन समस्याओं का निस्तारण तत्परता और प्राथमिकता के आधार पर हो।”

लंबित वादों और अभिलेखों पर जोर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तहसील में चल रहे न्यायालयी वादों (Cases) की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • पुराने मुकदमों का निपटारा: जो वाद लंबे समय से लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता पर लेते हुए निस्तारित किया जाए।
  • अभिलेखों का रख-रखाव: कार्यालय के सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों और अभिलेखों को व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से रखा जाए।
  • स्वच्छता: तहसील परिसर और कार्यालयों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।

मौके पर मौजूद अधिकारी

इस निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट, उप जिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला, तहसीलदार विकास अवस्थी सहित तहसील के अन्य राजस्व अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी की इस सख्ती से तहसील प्रशासन में हड़कंप की स्थिति रही, वहीं आम जनता ने इस कदम की सराहना की है।

 

आईआईटी रूड़की, जिला प्रशासन और वी-मार्क इंडिया की संयुक्त पहल; सरकारी स्कूल के बच्चों को मिलेगा AI और कंप्यूटर का मुफ्त प्रशिक्षण।

संवाददाता ग्रामीण तहकीकात 

रूड़की। 17 मार्च 2026 तहसील रूड़की अब केवल प्रशासनिक कार्यों का केंद्र नहीं, बल्कि डिजिटल शिक्षा का हब भी बनने जा रही है। मंगलवार को तहसील परिसर में वी-मार्क इंडिया लिमिटेड के सीएसआर (CSR) सहयोग से स्थापित अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब का भव्य लोकार्पण किया गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी हरिद्वार श्री मयूर दीक्षित, आईआईटी रूड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत और वी-मार्क इंडिया के एमडी श्री विकास गर्ग ने संयुक्त रूप से लैब का उद्घाटन किया।

IIT रूड़की सिखाएगा AI के गुर, मिलेगा सर्टिफिकेट

कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि जिला प्रशासन और आईआईटी रूड़की के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता (MoU) रहा। इस समझौते के तहत:

  • विशेष प्रशिक्षण: सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को आईआईटी रूड़की के प्रोफेसरों द्वारा कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की शिक्षा दी जाएगी।
  • प्रमाणन: कोर्स पूरा होने पर छात्रों को आईआईटी रूड़की द्वारा आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
  • महिला सशक्तिकरण: लैब और प्रशिक्षण कार्यक्रम में बालिकाओं की भागीदारी को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रशासन और शिक्षा जगत का अनूठा संगम

लोकार्पण के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा, “यह पहल सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगी और उन्हें डिजिटल भारत की मुख्यधारा से जोड़ेगी।” वहीं, आईआईटी निदेशक प्रो. के. के. पंत ने इसे समाज, शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तकनीकी सहयोग से ग्रामीण और वंचित वर्ग के छात्र भी आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट, आईआईटी के डीन प्रो. विवेक मलिक, प्रो. करुण रावत, श्री नवीन नवानी, और सीनियर कंसल्टेंट श्रीमती मार्गरेट क्लिमकोटी उपस्थित रहीं।

प्रशासनिक टीम से अपर उपजिलाधिकारी श्री अनिल कुमार शुक्ला, तहसीलदार विकास अवस्थी, और लक्सर तहसीलदार श्रीमती शुभांगिनी मौजूद रहीं। वी-मार्क इंडिया की ओर से सीएफओ श्री डी. के. बंसल और जीएम राहुल वत्स सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यक्रम में शिरकत की।

बड़ी बात: इस पहल से रूड़की के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अब विश्वस्तरीय संस्थान (IIT) से जुड़कर भविष्य की तकनीक सीखने का मौका घर के पास ही मिल सकेगा।