ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार
झबरेड़ा। झबरेंडी कलां गांव में अपनी बहन और उसके प्रेमी की गोली मारकर हत्या करने के बाद फरार चल रहे मुख्य आरोपी को झबरेड़ा पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से हत्या में इस्तेमाल 315 बोर का तमंचा, जिंदा व खोखा कारतूस और बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद हुई है। मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग भी की, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर को झबरेंडी कलां निवासी वादी अशोक की तहरीर पर सूरज उर्फ मुन्ना और रूपा की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में अमन उर्फ भरोसी के खिलाफ हत्या (धारा 103(1) बीएनएस) का मुकदमा दर्ज किया गया था। वारदात के बाद से ही आरोपी और उसके परिजन घर छोड़कर फरार चल रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी हरिद्वार के निर्देश, एसपी देहात के मार्गदर्शन और सीओ मंगलौर अभिनय चौधरी के नेतृत्व में पुलिस की कई टीमें गठित कर दबिश दी जा रही थी।
पुलिस की लगातार दबिश के चलते आरोपी दूसरे राज्य में भागने की फिराक में था। 29-30 सितंबर की रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि अमन रुपयों का इंतजाम करने के लिए बूढ़पुर गांव आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बूढ़पुर आने-जाने वाले रास्तों पर घेराबंदी कर चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान मंगलौर की ओर से एक युवक बिना नंबर प्लेट की बाइक पर तेजी से आता दिखाई दिया। नहर पटरी पिकेट पर जब पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, तो उसने पुलिस पार्टी पर तमंचे से फायर झोंक दिया और भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए आरोपी को धर दबोचा। पूछताछ में उसने अपना नाम अमन उर्फ भरोसी पुत्र रामकुमार (निवासी ग्राम झबरेंडी कलां) बताया। पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमले के मामले में उसके खिलाफ धारा 109(1) बीएनएस और 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत एक और मुकदमा दर्ज किया गया है।
प्रेम प्रसंग और बदनामी बनी दोहरे कत्ल की वजह
पूछताछ में आरोपी अमन ने बताया कि मृतक सूरज उर्फ मुन्ना रिश्ते में परिवार के ही चाचा-ताऊ का लड़का था, जिसका उसकी बहन रूपा के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों को कई बार समझाया गया, लेकिन वे नहीं माने। मोहल्ले और समाज में हो रही बदनामी के चलते उसने दोनों की तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
आरोपी को पकड़ने वाली पुलिस टीम में सीओ मंगलौर अभिनय चौधरी, झबरेड़ा थानाध्यक्ष नरेंद्र सिंह, एसएसआई मनोज गैरोला, एसआई रविंद्र सिंह, गंभीर सिंह तोमर, नीरज रावत, हेड कांस्टेबल रामवीर, हरेंद्र, अब्बुल हसन, विकास, सीआईयू से हेड कांस्टेबल मनमोहन, कांस्टेबल रविंद्र खत्री, कांस्टेबल सुरेंद्र, राजदीप, मनीष चौहान और अनिल कुमार शामिल रहे।