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हरिद्वार

विशेष रिपोर्ट ग्रामीण तहकीकात 

हरिद्वार। धर्म नगरी हरिद्वार में आस्था की आड़ में धोखाधड़ी करने वाले और संदिग्ध रूप से रह रहे ‘कालनेमियों’ (बहरूपियों) के खिलाफ हरिद्वार पुलिस ने जोरदार अभियान छेड़ दिया है। मुख्यमंत्री उत्तराखंड के आदेशानुसार चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत कोतवाली नगर पुलिस ने सर्वानंद घाट, हरकी पैड़ी और आसपास के क्षेत्रों से 27 संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सख्त कार्रवाई

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरिद्वार के निर्देशन में जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में संदिग्धों के सत्यापन और पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर ने टीम गठित कर घाटों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया।

बिना पहचान पत्र और संदिग्ध वेशभूषा में मिले 27 लोग

पुलिस टीम ने हरकी पैड़ी, सुभाष घाट, हाथी पुल और सर्वानंद घाट जैसे प्रमुख स्थानों पर दबिश दी। इस दौरान धर्म की आड़ लेकर लोगों को गुमराह करने वाले, बिना पहचान पत्र के अवैध रूप से रह रहे और संदिग्ध आचरण वाले 27 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। इन सभी के विरुद्ध धारा- 172(2) BNSS के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की गई है।

अपराधिक इतिहास की हो रही जांच

गिरफ्तार किए गए व्यक्ति उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे विभिन्न राज्यों के रहने वाले हैं। पुलिस अब इन सभी के फिंगरप्रिंट ले रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनमें से किसी का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है।

एसएसपी की अपील: सजग रहे जनता

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घाटों पर ढोंगियों और बहरूपियों के खिलाफ यह कार्यवाही लगातार जारी रहेगी। हरिद्वार पुलिस ने जनता से भी अपील की है:

“यदि आपके आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति या ढोंगी बाबा घूमता हुआ दिखाई दे, तो तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दें।”

गिरफ्तार संदिग्धों का विवरण:

पकड़े गए लोगों में हरदोई, कानपुर, छपरा (बिहार), सागर (मप्र) और दिल्ली समेत कई राज्यों के व्यक्ति शामिल हैं, जो लंबे समय से हरिद्वार के अलग-अलग घाटों पर डेरा जमाए हुए थे।

ऑपरेशन कालनेमि के तहत गिरफ्तार किए गए सभी 27 संदिग्ध व्यक्तियों के नामों की सूची दी गई है:

  1. अजय कुमार (उत्तर प्रदेश)
  2. सन्तराम (हरदोई, उ.प्र.)
  3. झब्बू (हरदोई, उ.प्र.)
  4. वीरचंद गुप्ता (पिरान कलियर/हरिद्वार)
  5. राजेन्द्र चौधरी (कैमूर, बिहार)
  6. चन्द्र पाल (हरदोई, उ.प्र.)
  7. बृजमोहन सिंह (डिण्डोरी, म.प्र.)
  8. रामबाबू (छपरा, बिहार)
  9. विकास कुमार (सहारनपुर, उ.प्र.)
  10. आनन्द तिवारी (सागर, म.प्र.)
  11. देमन दास (बाड़मेर, राजस्थान)
  12. हरिपदो संन्यासी (हर की पैड़ी, हरिद्वार)
  13. पवन कुमार (रोहिणी, दिल्ली)
  14. सुरेश कुमार (चण्डीगढ़)
  15. प्रकाश हरिजन (भागलपुर, बिहार)
  16. रामचंदर (बिजनौर, उ.प्र.)
  17. मुकेश कुमार (इलाहाबाद, उ.प्र.)
  18. रोहन लाल (फरुखाबाद, उ.प्र.)
  19. दिनेश सिंह (कानपुर देहात, उ.प्र.)
  20. चन्दर पासवान (बांका, बिहार)
  21. रविन्द्र गिरी (रांची, झारखण्ड)
  22. फेरे राम (गौतमबुद्धनगर, उ.प्र.)
  23. सरजू दास (बांका, बिहार)
  24. अजय शर्मा वशिष्ठ (भरतपुर, राजस्थान)
  25. पागलपुरी (ग्वालियर, म.प्र.)
  26. आनन्द प्रकाश मिश्रा (कानपुर, उ.प्र.)
  27. नेबू लाल (सर्वानन्द घाट, हरिद्वार)

 

हरिद्वार। कुम्भ मेला-2027 के भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर मेला प्रशासन ने अभी से अपनी कमर कस ली है, जिसके तहत आज मेला अधिकारी श्रीमती सोनिका ने सीसीआर भवन में हाई-प्रोफाइल बैठक कर लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई और रेलवे के अधिकारियों को व्यवस्थाएं सुधारने का अल्टीमेटम दिया है। मेला अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कुम्भ क्षेत्र की सभी सड़कों पर ब्लैक टॉप करने के साथ-साथ उनका सौंदर्यीकरण और चौराहों का सुधार कार्य समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने एनएचएआई को हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे और रिंग रोड परियोजनाओं को अविलंब पूरा करने की हिदायत देते हुए चेतावनी दी कि कार्यों में हीलाहवाली होने पर शीर्ष अधिकारियों से कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हरिद्वार, मोतीचूर और ज्वालापुर रेलवे स्टेशनों पर व्यापक प्रबंध करने तथा हिल बाईपास की ओर नया निकास मार्ग तलाशने पर भी चर्चा हुई। साथ ही मोतीचूर के पुराने पुल की तकनीकी जांच कर उसे वैकल्पिक मार्ग के रूप में तैयार करने के निर्देश दिए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह और अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती सहित तमाम विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे, जहाँ मेला अधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ ‘मिशन मोड’ में कार्य करने पर जोर दिया।