ग्रामीण तहकीकात/ संवाददाता

नारसन। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नारसन में लंबे समय से लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान न होने से दर्जनों आशा कार्यकत्रियों ने सोमवार को अस्पताल परिसर में कार्य बहिष्कार कर धरना शुरू कर दिया और स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय प्रबंधन के खिलाफ जमकर रोष जताया; आंदोलनकारी आशा कार्यकत्रियों का आरोप है कि वे परिवार नियोजन, टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य अभियानों के सफल क्रियान्वयन में रात-दिन अपनी जिम्मेदारी निष्ठापूर्वक निभा रही हैं, लेकिन सीएचसी प्रशासन व संबंधित विभागीय अधिकारियों की कथित लापरवाही व उदासीनता के चलते उन्हें महीनों से मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया है, जिसके कारण उनके परिवारों के समक्ष गंभीर आर्थिक तंगी खड़ी हो गई है; आशा कार्यकत्रियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि विभागीय स्तर पर बार-बार मौखिक व लिखित गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया और जब तक पूरी लंबित राशि का भुगतान नहीं हो जाता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा; धरने की जानकारी मिलते ही आजाद समाज पार्टी (आसपा) के नेता महक सिंह भी कार्यकर्ताओं के साथ सीएचसी परिसर पहुंचे और आशा कार्यकत्रियों की समस्याओं को सुनते हुए उनकी जायज मांगों को अपना खुला समर्थन दिया, साथ ही आरोप लगाया कि अग्रिम पंक्ति में स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली महिला कर्मचारियों का उत्पीड़न किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि उच्चाधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर समस्या का निस्तारण नहीं किया तो वे व्यापक आंदोलन छेड़ने को बाध्य होंगे; वहीं दूसरी ओर पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि आंदोलनरत आशा कार्यकत्रियों के आरोपों व धरने को लेकर जब मीडियाकर्मियों ने सीएचसी की चिकित्सा अधीक्षक से उनका आधिकारिक पक्ष जानने का प्रयास किया तो वह जवाब देने से कतराती रहीं और कैमरे के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करने से पूरी तरह बचती नजर आईं, जिससे विभागीय पारदर्शिता को लेकर कई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
