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हरिद्वार

रिपोर्ट – ग्रामीण तहकीकात

हरिद्वार। जिला सेवायोजन कार्यालय जगजीतपुर में शुक्रवार को आयोजित एक दिवसीय रोजगार मेले में क्षेत्र के युवाओं ने भारी उत्साह दिखाया। जिला सेवायोजन अधिकारी मुकेश रयाल के नेतृत्व में आयोजित इस मेले में सिडकुल की नामी कंपनियों—महिंद्रा एंड महिंद्रा, किरबी, गिन्नी फिलामेंट्स और प्रिंस पाइप एंड फिटिंग लिमिटेड ने शिरकत की। सुबह 10 बजे से शुरू हुए इस मेले में लगभग 120 युवाओं ने पंजीकरण कराया, जिसके बाद कंपनियों के प्रतिनिधियों ने उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर साक्षात्कार लिए। कड़ी चयन प्रक्रिया के उपरांत 61 प्रतिभाशाली युवाओं को विभिन्न पदों के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। इस अवसर पर मुकेश रयाल ने बताया कि विभाग का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को उनके कौशल के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराना है और भविष्य में भी ऐसे मेलों का आयोजन जारी रहेगा ताकि निजी क्षेत्र में युवाओं को अधिक से अधिक अवसर मिल सकें।

रिपोर्ट – ग्रामीण तहकीकात 

हरिद्वार। आगामी कुंभ मेले के भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए मेला प्रशासन ने घाटों के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया तेज कर दी है, जिसके तहत शुक्रवार को अपर मेलाधिकारी दयानन्द सरस्वती ने निर्माणाधीन शहीद भगत सिंह घाट और नगर निगम घाट का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति जांची। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग के अभियंताओं को कड़े निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि 31 अक्टूबर तक सभी लक्ष्य पूर्ण हो सकें। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनुभव नौटियाल ने अवगत कराया कि वर्तमान में 365 मीटर लंबे शहीद भगत सिंह घाट और 270 मीटर लंबे नगर निगम घाट पर कार्य जारी है, जबकि अमरापुर और ऋषिकुल क्षेत्र के घाटों का निर्माण भी एक सप्ताह में शुरू हो जाएगा। सुरक्षा और पर्यावरण का ध्यान रखते हुए अपर मेलाधिकारी ने निर्माण सामग्री को सुव्यवस्थित रखने और वन विभाग के समन्वय से क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के तहत हटाए गए पेड़ों के बदले दस गुना अधिक पौधे रोपित करने के निर्देश दिए। जलमग्न हिस्सों का निर्माण गंगनहर क्लोजर के दौरान पूरा किया जाएगा, जिससे आगामी कुंभ में उमड़ने वाली भीड़ को सुरक्षित और सुविधाजनक स्नान की सुविधा मिल सके।

रिपोर्ट – ग्रामीण तहकीकात 

हरिद्वार। एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह ने शुक्रवार को थाना सिडकुल का वार्षिक निरीक्षण किया। सलामी के साथ शुरू हुए इस मुआयने के दौरान कप्तान ने थाने के एक-एक कोने और अभिलेखों की गहनता से जांच की। निरीक्षण के दौरान रजिस्टरों के रखरखाव में मिली कमियों पर एसएसपी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए थानाध्यक्ष को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

अधूरे रजिस्टर देख अधिकारियों को लगाई फटकार

एसएसपी ने जब कार्यालय के महत्वपूर्ण रजिस्टरों का अवलोकन किया, तो पाया कि कई डेटा अपडेट नहीं थे। विशेषकर ‘त्योहार रजिस्टर’ में कई क्षेत्रों की प्रविष्टियां अधूरी मिलीं। इस पर कप्तान ने क्षेत्राधिकारी (CO) सदर को अपने पर्यवेक्षण में इसे पूर्ण कराने और रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यलेख में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी।

शस्त्र अभ्यास और सरकारी संपत्ति का सदुपयोग

मालखाना और शस्त्रागार के निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने माल के रखरखाव पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • थाने में रखी सरकारी संपत्ति का सदुपयोग हो, ताकि सामान रखे-रखे खराब न हो।
  • हर तीन महीने में पुलिस लाइन आर्मरी से शस्त्रों का मिलान और सफाई कराई जाए।
  • थाना स्तर पर प्रत्येक सप्ताह एक उपनिरीक्षक के नेतृत्व में सभी कर्मियों को ‘वेपन हैंडलिंग’ (शस्त्र चलाने) का अभ्यास अनिवार्य रूप से कराया जाए।

फरियादियों से ‘तू-तड़ाक’ नहीं, नम्रता से करें बात

निरीक्षण के अंत में एसएसपी ने पुलिसकर्मियों के साथ सम्मेलन किया। उन्होंने कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं और व्यवहार में सुधार लाने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा, “थाने पर आने वाला हर फरियादी मुसीबत में होता है। पुलिस का व्यवहार उनके प्रति नम्र होना चाहिए। उनकी फरियाद सुनकर विधि सम्मत त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।”

ये अधिकारी रहे मौजूद

इस दौरान एसपी क्राइम निशा यादव, एसपी सिटी अभय कुमार, सीओ सदर सुरेंद्र प्रसाद बलूनी सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

विशेष रिपोर्ट – ग्रामीण तहकीकात 

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार को साफ, स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने एक और बड़ी पहल की है। परिवहन विभाग के सहयोग से अब जनपद के सभी सरकारी और निजी वाहनों में डस्टबिन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा ने इस अभियान का विधिवत शुभारंभ किया।

वाहन चालकों को बांटे गए डस्टबिन

अभियान की शुरुआत करते हुए जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट में मौजूद सरकारी वाहनों के चालकों को डस्टबिन उपलब्ध कराए। उन्होंने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) को निर्देश दिए कि न केवल सरकारी, बल्कि सभी निजी और कमर्शियल (व्यावसायिक) वाहनों में भी डस्टबिन लगवाना सुनिश्चित करें। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों द्वारा चलती गाड़ियों से सड़क पर कूड़ा फेंकने की आदत पर लगाम लगाना है।

स्वच्छता को बनाना होगा सामूहिक जिम्मेदारी

एआरटीओ नेहा झा ने बताया कि इस पहल के तहत प्रथम चरण में सभी सरकारी वाहनों को कवर किया जा रहा है। साथ ही निजी वाहन स्वामियों से भी अपील की जा रही है कि वे अपनी गाड़ियों में डस्टबिन रखें। परिवहन विभाग का मानना है कि यदि कूड़ा गाड़ी के अंदर रखे डस्टबिन में जमा होगा, तो सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी कम होगी।

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा, “स्वच्छ हरिद्वार केवल प्रशासन का लक्ष्य नहीं, बल्कि हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। जब हर नागरिक स्वच्छता को अपनी आदत बना लेगा, तभी ‘हरिद्वार स्वच्छ हो अपना’ का संकल्प पूरा होगा।”

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

शुभारंभ के अवसर पर एसडीएम जितेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, सहायक परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल, परिवहन कर अधिकारी वरना सैनी, पुनीत नागर और परिवहन विभाग की टीम मौजूद रही।

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हरिद्वार। जनपद में एलपीजी गैस सिलेंडरों की किल्लत और ऑनलाइन बुकिंग में आ रही दिक्कतों को देखते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सख्त तेवर अपना लिए हैं। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने स्पष्ट आदेश दिए कि जनपद में कहीं भी गैस की ‘ब्लैकिंग’ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए हर गैस एजेंसी पर नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए हैं।

ऑनलाइन सिस्टम फेल, एजेंसियों पर उमड़ी भीड़

बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने बताया कि जनपद की 42 गैस एजेंसियों में स्टॉक की कोई कमी नहीं है, लेकिन ऑनलाइन सिस्टम बाधित होने और ओटीपी (OTP) न मिलने के कारण उपभोक्ताओं को बुकिंग में परेशानी हो रही है। इसी वजह से गैस एजेंसियों पर भीड़ बढ़ रही है। प्रशासन अब इस समस्या का वैकल्पिक समाधान निकालने में जुटा है।

एसडीएम और बीडीओ करेंगे सीधी मॉनिटरिंग

जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों (SDM) और खंड विकास अधिकारियों (BDO) को फील्ड में उतरने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि:

  • सभी अधिकारी अपने क्षेत्रों की एजेंसियों की नियमित जांच करें।
  • निर्धारित दर से अधिक वसूली या कालाबाजारी मिलने पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
  • नोडल अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि वितरण प्रणाली में कोई गड़बड़ी न हो।
  • शिकायत के लिए जारी हुए हेल्पलाइन नंबर

डीएम ने जनता से अपील की है कि यदि कोई एजेंसी सिलेंडर देने में आनाकानी करे या अधिक पैसे मांगे, तो तुरंत प्रशासन द्वारा जारी कंट्रोल रूम नंबरों पर शिकायत दर्ज कराएं:

📞 कंट्रोल रूम: 01334-239444

☎️ टोल फ्री: 01334-1077

📱 मोबाइल नंबर: 9068197350

बैठक में मौजूद अधिकारी

समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, एसडीएम जितेंद्र कुमार और जिला विकास अधिकारी वेदप्रकाश सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

 

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हरिद्वार। आगामी कुंभ मेले को भव्य और सुगम बनाने के लिए मेला प्रशासन ने कमर कस ली है। कुंभ क्षेत्र के मुख्य स्टेशनों के साथ-साथ नजदीकी रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसी कड़ी में अपर मेलाधिकारी दयानन्द सरस्वती ने मोतीचूर रेलवे स्टेशन का सघन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

मोतीचूर स्टेशन पर होगा आधारभूत ढांचे का विकास

निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कुंभ के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए स्टेशनों का सुदृढ़ीकरण प्राथमिकता है। उन्होंने रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिए कि:

  • प्लेटफार्मों का उच्चीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाए।
  • यात्रियों के बैठने, ठहरने और पेयजल की समुचित व्यवस्था हो।
  • प्रवेश और निकास मार्गों का प्रबंधन इस तरह हो कि भगदड़ जैसी स्थिति न बने।
  • शौचालयों की संख्या बढ़ाई जाए और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
  • हाथियों से सुरक्षा के लिए खास इंतजाम

चूँकि मोतीचूर रेलवे स्टेशन राजाजी नेशनल पार्क के वन क्षेत्र से सटा हुआ है, इसलिए यहाँ हाथियों की आवाजाही का खतरा बना रहता है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए स्टेशन परिसर के आसपास सोलर फेंसिंग (सौर ऊर्जा चलित बाड़) लगाने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा दिव्यांगजनों के लिए रैंप और प्लेटफार्म की ऊंचाई बढ़ाने जैसे कार्य भी जल्द शुरू होंगे।

समयबद्ध तरीके से पूरे होंगे कार्य

अपर मेलाधिकारी ने कहा कि मेला प्रशासन और रेलवे के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है ताकि सभी निर्माण कार्य समय पर पूरे हो सकें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव कराने के लिए मेला प्रशासन हर संभव सहयोग करेगा।

ये अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान मेला कार्यालय के टेक्निकल सेल के अधिशासी अभियंता प्रवीन कुमार, व्यवस्थाधिकारी विकास शर्मा, मोतीचूर स्टेशन अधीक्षक, रेलवे के इंजीनियर और आरपीएफ (RPF) के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जन समस्याओं के निस्तारण में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता को वास्तविक राहत देने वाला होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 15 दिन के भीतर लंबित सभी शिकायतों का हर हाल में समाधान सुनिश्चित किया जाए।

लापरवाह अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी

बैठक में विभागवार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पाया कि एल-1 (L1) स्तर पर 429 और एल-2 (L2) स्तर पर 103 शिकायतें अभी भी लंबित हैं। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जिन विभागों के पास 10 से अधिक शिकायतें हैं, वे शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निस्तारण की गुणवत्ता में कमी पाई गई या लापरवाही उजागर हुई, तो संबंधित अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।

इन विभागों को मिला सख्त अल्टीमेटम

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निम्नलिखित विभागों को लंबित मामलों को तत्काल निपटाने के निर्देश दिए:

  • पुलिस विभाग और नगर निगम
  • यूपीसीएल (विद्युत विभाग) और जल संस्थान
  • राजस्व, भू-अभिलेख और खाद्य आपूर्ति विभाग
  • सिंचाई एवं उत्तराखंड पेयजल निगम

डीएम ने यूपीसीएल के अधिकारियों को बिजली संबंधी समस्याओं पर सीधे कॉल कर फीडबैक लेने और प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने को कहा।

नागरिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान

नगर निकायों और नगर निगम को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता पर रखा जाए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन प्रशासन के लिए जनता का फीडबैक है, जिससे शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी कार्यप्रणाली स्थापित की जा सकती है।

बैठक में ये रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, एसडीएम जितेंद्र कुमार, एसडीएम रुड़की अनिल कुमार शुक्ला, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश सहित सभी खंड विकास अधिकारी और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।

विशेष रिपोर्ट ग्रामीण तहकीकात 

हरिद्वार। धर्म नगरी हरिद्वार में आस्था की आड़ में धोखाधड़ी करने वाले और संदिग्ध रूप से रह रहे ‘कालनेमियों’ (बहरूपियों) के खिलाफ हरिद्वार पुलिस ने जोरदार अभियान छेड़ दिया है। मुख्यमंत्री उत्तराखंड के आदेशानुसार चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत कोतवाली नगर पुलिस ने सर्वानंद घाट, हरकी पैड़ी और आसपास के क्षेत्रों से 27 संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सख्त कार्रवाई

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरिद्वार के निर्देशन में जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में संदिग्धों के सत्यापन और पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर ने टीम गठित कर घाटों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया।

बिना पहचान पत्र और संदिग्ध वेशभूषा में मिले 27 लोग

पुलिस टीम ने हरकी पैड़ी, सुभाष घाट, हाथी पुल और सर्वानंद घाट जैसे प्रमुख स्थानों पर दबिश दी। इस दौरान धर्म की आड़ लेकर लोगों को गुमराह करने वाले, बिना पहचान पत्र के अवैध रूप से रह रहे और संदिग्ध आचरण वाले 27 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। इन सभी के विरुद्ध धारा- 172(2) BNSS के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की गई है।

अपराधिक इतिहास की हो रही जांच

गिरफ्तार किए गए व्यक्ति उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे विभिन्न राज्यों के रहने वाले हैं। पुलिस अब इन सभी के फिंगरप्रिंट ले रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनमें से किसी का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है।

एसएसपी की अपील: सजग रहे जनता

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घाटों पर ढोंगियों और बहरूपियों के खिलाफ यह कार्यवाही लगातार जारी रहेगी। हरिद्वार पुलिस ने जनता से भी अपील की है:

“यदि आपके आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति या ढोंगी बाबा घूमता हुआ दिखाई दे, तो तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दें।”

गिरफ्तार संदिग्धों का विवरण:

पकड़े गए लोगों में हरदोई, कानपुर, छपरा (बिहार), सागर (मप्र) और दिल्ली समेत कई राज्यों के व्यक्ति शामिल हैं, जो लंबे समय से हरिद्वार के अलग-अलग घाटों पर डेरा जमाए हुए थे।

ऑपरेशन कालनेमि के तहत गिरफ्तार किए गए सभी 27 संदिग्ध व्यक्तियों के नामों की सूची दी गई है:

  1. अजय कुमार (उत्तर प्रदेश)
  2. सन्तराम (हरदोई, उ.प्र.)
  3. झब्बू (हरदोई, उ.प्र.)
  4. वीरचंद गुप्ता (पिरान कलियर/हरिद्वार)
  5. राजेन्द्र चौधरी (कैमूर, बिहार)
  6. चन्द्र पाल (हरदोई, उ.प्र.)
  7. बृजमोहन सिंह (डिण्डोरी, म.प्र.)
  8. रामबाबू (छपरा, बिहार)
  9. विकास कुमार (सहारनपुर, उ.प्र.)
  10. आनन्द तिवारी (सागर, म.प्र.)
  11. देमन दास (बाड़मेर, राजस्थान)
  12. हरिपदो संन्यासी (हर की पैड़ी, हरिद्वार)
  13. पवन कुमार (रोहिणी, दिल्ली)
  14. सुरेश कुमार (चण्डीगढ़)
  15. प्रकाश हरिजन (भागलपुर, बिहार)
  16. रामचंदर (बिजनौर, उ.प्र.)
  17. मुकेश कुमार (इलाहाबाद, उ.प्र.)
  18. रोहन लाल (फरुखाबाद, उ.प्र.)
  19. दिनेश सिंह (कानपुर देहात, उ.प्र.)
  20. चन्दर पासवान (बांका, बिहार)
  21. रविन्द्र गिरी (रांची, झारखण्ड)
  22. फेरे राम (गौतमबुद्धनगर, उ.प्र.)
  23. सरजू दास (बांका, बिहार)
  24. अजय शर्मा वशिष्ठ (भरतपुर, राजस्थान)
  25. पागलपुरी (ग्वालियर, म.प्र.)
  26. आनन्द प्रकाश मिश्रा (कानपुर, उ.प्र.)
  27. नेबू लाल (सर्वानन्द घाट, हरिद्वार)

 

हरिद्वार। कुम्भ मेला-2027 के भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर मेला प्रशासन ने अभी से अपनी कमर कस ली है, जिसके तहत आज मेला अधिकारी श्रीमती सोनिका ने सीसीआर भवन में हाई-प्रोफाइल बैठक कर लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई और रेलवे के अधिकारियों को व्यवस्थाएं सुधारने का अल्टीमेटम दिया है। मेला अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कुम्भ क्षेत्र की सभी सड़कों पर ब्लैक टॉप करने के साथ-साथ उनका सौंदर्यीकरण और चौराहों का सुधार कार्य समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने एनएचएआई को हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे और रिंग रोड परियोजनाओं को अविलंब पूरा करने की हिदायत देते हुए चेतावनी दी कि कार्यों में हीलाहवाली होने पर शीर्ष अधिकारियों से कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हरिद्वार, मोतीचूर और ज्वालापुर रेलवे स्टेशनों पर व्यापक प्रबंध करने तथा हिल बाईपास की ओर नया निकास मार्ग तलाशने पर भी चर्चा हुई। साथ ही मोतीचूर के पुराने पुल की तकनीकी जांच कर उसे वैकल्पिक मार्ग के रूप में तैयार करने के निर्देश दिए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह और अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती सहित तमाम विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे, जहाँ मेला अधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ ‘मिशन मोड’ में कार्य करने पर जोर दिया।